MP News: ग्लोबल इन्वेस्टर समिट में एयरलाइन इंडस्ट्री के क्षेत्र में निवेश के लिए 5 कंपनियों ने दिए प्रस्ताव
भोपाल में आयोजित ग्लोबल इन्वेस्टर समिट (GIS) के दौरान, मध्यप्रदेश में विमानन क्षेत्र में बड़े निवेश के प्रस्ताव सामने आए हैं।
राज्य सरकार के विमानन विभाग को पांच प्रमुख कंपनियों से प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं, जिनमें जर्मन एयरक्राफ्ट इंडस्ट्री की एक बड़ी कंपनी भी शामिल है, जिसने एशिया का पहला एयरक्राफ्ट डिस्मेंटल यूनिट स्थापित करने के लिए लगभग 200 करोड़ रुपए के निवेश का प्रस्ताव दिया है।

जर्मन कंपनी का बड़ा प्रस्ताव
राजा भोज एयरपोर्ट के पास जर्मन की एयरक्राफ्ट कंपनी ने एशिया का पहला एयरक्राफ्ट डिस्मेंटल यूनिट स्थापित करने की गहरी रुचि दिखाई है। यह यूनिट लगभग 200 करोड़ रुपए के निवेश से स्थापित किया जाएगा। इस प्रस्ताव के तहत कंपनी ने 30 एकड़ जमीन की मांग की है, जो एयरपोर्ट के पास स्थित है। मध्यप्रदेश सरकार के पास इस क्षेत्र में आवश्यक भूमि उपलब्ध है, और यह इकाई स्थापित करने के लिए आवश्यक प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
विभिन्न कंपनियों के निवेश प्रस्ताव
इसके अलावा, एयर इंडिया और अन्य एयरलाइन इंडस्ट्री की कंपनियां भी मध्यप्रदेश में निवेश करने के लिए तैयार हैं। प्रधान एयर इंडस्ट्री ने उज्जैन में कार्गो एयरपोर्ट बनाने के लिए प्रस्ताव दिया है। वहीं, एक अन्य कंपनी ने पचमढ़ी में हवाई अड्डा बनाने की पेशकश की है, जो राज्य के पर्यटन क्षेत्र को बढ़ावा देने में सहायक होगा।
फ्रैंकफिन इंस्टीट्यूट ने भी मध्यप्रदेश में 5 ट्रेनिंग सेंटर स्थापित करने का प्रस्ताव राज्य सरकार को दिया है, जो विमानन क्षेत्र में विशेषज्ञता प्रदान करने के लिए सहायक होंगे।
मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव की टिप्पणी
मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने इस संदर्भ में एमपीपोस्ट को बताया कि राज्य में हवाई सेवा क्षेत्र तेजी से विकसित हो रहा है। इसके चलते, राज्य सरकार ने एक नई विमानन नीति बनाई है, जो निवेशकों के लिए सहायक सिद्ध होगी। इस नीति के तहत एयर इंडस्ट्री से संबंधित निवेशकों को अनेक सुविधाएं दी जाएंगी।
नई हवाई अड्डों का उद्घाटन
इसके साथ ही, दतिया और सतना हवाई अड्डों का लोकार्पण भी जल्द होने वाला है। दतिया हवाई अड्डा लगभग 118 एकड़ क्षेत्रफल में विकसित किया गया है, जिसका रनवे 1810 मीटर लंबा और 30 मीटर चौड़ा है। यहां प्रति घंटे 100 यात्रियों की क्षमता है। दतिया प्रदेश का आठवां नियमित विमानतल होगा और नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) ने इसे लाइसेंस भी दे दिया है। भोपाल से अब दतिया का हवाई संपर्क भी जल्दी शुरू हो जाएगा। इसके अलावा, रीवा और सतना हवाई अड्डों को भी लाइसेंस मिल चुका है, और अब दतिया भी इस सूची में शामिल हो गया है।
मध्य प्रदेश में हवाई संपर्क का विस्तार
पहले मध्यप्रदेश में केवल 5 हवाई अड्डे थे - भोपाल, इंदौर, जबलपुर, खुजराहो और ग्वालियर। इन हवाई अड्डों से सार्वजनिक उड़ान संचालन के लाइसेंस थे, लेकिन अब राज्य के अन्य क्षेत्रों से हवाई संपर्क स्थापित करने के लिए तेज़ी से काम किया जा रहा है।
विमानन उद्योग से रोजगार के अवसर
मध्य प्रदेश में विमानन इंडस्ट्री के विकास से हजारों की संख्या में रोजगार के अवसर पैदा होंगे। इससे राज्य की आर्थिक स्थिति और परिवहन नेटवर्क में भी सुधार होगा, जिससे राज्य के विकास में महत्वपूर्ण योगदान मिलेगा।












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