MP News: इंदौर लोकायुक्त की बड़ी कार्रवाई, 20 हजार की रिश्वत लेते पटवारी रंगे हाथों गिरफ्तार
Indore Lokayukta: मध्य प्रदेश में भ्रष्टाचार के खिलाफ लोकायुक्त की सख्ती एक बार फिर देखने को मिली है। महानिदेशक लोकायुक्त योगेश देशमुख के स्पष्ट निर्देशों के तहत इंदौर लोकायुक्त इकाई ने सोमवार को धार जिले के बदनावर तहसील में ट्रैप कार्रवाई करते हुए एक पटवारी को रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया है।
आरोपी पटवारी भूमि रिकॉर्ड से जुड़ी फाइल आगे बढ़ाने के एवज में किसान से रिश्वत मांग रहा था।

डेढ़ साल से भटक रहा था किसान
आवेदक नारायण सिंह परिहार (60 वर्ष), निवासी ग्राम भीमपुरा, तहसील बदनावर, जिला धार, पेशे से किसान हैं। उनकी ग्राम भीमपुरा स्थित पुस्तैनी कृषि भूमि में मौका कब्जे के अनुसार नक्शा प्रदर्शित नहीं हो रहा था। इस त्रुटि को सुधारने के लिए उन्होंने करीब डेढ़ वर्ष पहले एसडीएम कार्यालय बदनावर में आवेदन दिया था, लेकिन लंबे समय तक कोई कार्रवाई नहीं हुई।
पटवारी ने मांगे 50 हजार रुपए
जब लगातार आवेदन के बाद भी कोई हल नहीं निकला, तो नारायण सिंह ने पटवारी हल्का नंबर 47 (नया 75) वनवासा, तहसील बदनावर के पटवारी सुनील बेनल से संपर्क किया। आरोप है कि पटवारी ने नक्शा सुधार से संबंधित फाइल एसडीएम कार्यालय भेजने के एवज में 50,000 रुपये रिश्वत की मांग की। बातचीत के बाद सौदा 20,000 रुपये में तय हुआ।
लोकायुक्त से की शिकायत, सही पाई गई
किसान नारायण सिंह ने इस पूरे मामले की शिकायत इंदौर लोकायुक्त कार्यालय में पुलिस अधीक्षक श्री राजेश सहाय से की। लोकायुक्त टीम द्वारा शिकायत का सत्यापन कराया गया, जिसमें रिश्वत मांगने की पुष्टि हुई। इसके बाद ट्रैप कार्रवाई की योजना बनाई गई।
20 हजार लेते ही दबोचा गया पटवारी
दिनांक 19 जनवरी 2026 को इंदौर लोकायुक्त की टीम ने ट्रैप दल का गठन कर बदनावर में जाल बिछाया। जैसे ही आरोपी पटवारी सुनील बेनल ने आवेदक से 20,000 रुपये रिश्वत ली, लोकायुक्त टीम ने उसे मौके पर ही रंगे हाथों पकड़ लिया। रिश्वत की राशि आरोपी के पास से बरामद कर ली गई।
भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत केस
आरोपी पटवारी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण (संशोधन) अधिनियम 2018 की धारा 7 के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। लोकायुक्त पुलिस द्वारा आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। आरोपी से पूछताछ जारी है और उसके आय के स्रोतों की भी जांच की जा सकती है।
ट्रैप दल में ये अधिकारी रहे शामिल
- इस कार्रवाई में लोकायुक्त इंदौर के ट्रैप दल में
- कार्यवाहक निरीक्षक सचिन पटेरिया,
- कार्यवाहक प्रधान आरक्षक विवेक मिश्रा,
- आरक्षक विजय कुमार,
- आरक्षक शैलेन्द्र सिंह बघेल,
- आरक्षक कृष्णा अहिरवार,
- चालक शेरसिंह ठाकुर शामिल रहे।
भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त संदेश
लोकायुक्त की इस कार्रवाई को प्रशासनिक महकमे में बड़ा संदेश माना जा रहा है। राजस्व विभाग में लंबे समय से रिश्वतखोरी की शिकायतें सामने आती रही हैं। ऐसे में पटवारी स्तर पर हुई यह कार्रवाई आम जनता में यह भरोसा जगा रही है कि भ्रष्टाचार के खिलाफ शिकायत करने पर अब ठोस कार्रवाई संभव है।
लोकायुक्त अधिकारियों ने साफ किया है कि भ्रष्टाचार में लिप्त किसी भी अधिकारी या कर्मचारी को बख्शा नहीं जाएगा और आम नागरिक बिना भय के लोकायुक्त से शिकायत कर सकते हैं।












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