MP News Transfer: 9 चर्चित IAS अधिकारियों का तबादला, नीरज मंडलोई बने CM सचिवालय के अपर मुख्य सचिव
MP News IAS: मध्य प्रदेश सरकार ने एक बार फिर प्रशासनिक स्तर पर बड़ा फेरबदल करते हुए 9 वरिष्ठ भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) अधिकारियों के तबादले किए हैं। इस तबादला सूची में कई चर्चित और वरिष्ठ अधिकारियों के नाम शामिल हैं, जिनमें राजेश कुमार राजोरा, नीरज मंडलोई, संजय दुबे, संजय कुमार शुक्ल, डीपी आहूजा, एम सेलवेंद्रन, निशांत वरवड़े, प्रबल सिपाहा, और राखी सहाय जैसे नाम प्रमुख हैं।
इस प्रशासनिक फेरबदल ने न केवल राज्य के शासन तंत्र में नई ऊर्जा लाने का प्रयास किया है, बल्कि कई महत्वपूर्ण विभागों में नेतृत्व परिवर्तन के साथ विकास कार्यों को गति देने की मंशा भी जाहिर की है।

प्रमुख तबादले और नई जिम्मेदारियां
मध्य प्रदेश सरकार द्वारा जारी इस तबादला सूची में कई वरिष्ठ अधिकारियों को नई और महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। यह फेरबदल मुख्यमंत्री मोहन यादव के नेतृत्व में प्रशासन को और अधिक चुस्त-दुरुस्त करने की दिशा में एक कदम माना जा रहा है। नीचे प्रमुख अधिकारियों के तबादले और उनकी नई जिम्मेदारियों का विवरण दिया गया है:
1. राजेश कुमार राजोरा (1990 बैच)
वरिष्ठ IAS अधिकारी राजेश कुमार राजोरा, जो पहले मुख्यमंत्री सचिवालय में अपर मुख्य सचिव (ACS) के रूप में कार्यरत थे, को अब नर्मदा घाटी विकास विभाग में अपर मुख्य सचिव नियुक्त किया गया है। इसके साथ ही उन्हें निम्नलिखित अतिरिक्त जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं:
- उपाध्यक्ष, नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण
- प्रबंध संचालक, नर्मदा बेसिन प्रोजेक्ट्स कंपनी लिमिटेड
- सदस्य, पुनर्वास नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण
- अपर मुख्य सचिव, जल संसाधन विभाग (अतिरिक्त प्रभार)
राजोरा का यह तबादला नर्मदा घाटी विकास परियोजनाओं को गति देने और जल संसाधन प्रबंधन को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। उनकी अनुभवी नेतृत्व क्षमता को देखते हुए यह उम्मीद की जा रही है कि वे इन विभागों में नई ऊर्जा लाएंगे।
2. नीरज मंडलोई (1993 बैच)
वरिष्ठ IAS अधिकारी नीरज मंडलोई को मुख्यमंत्री सचिवालय में अपर मुख्य सचिव की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई है। इसके अलावा, उन्हें निम्नलिखित अतिरिक्त प्रभार दिए गए हैं:
- अपर मुख्य सचिव, ऊर्जा विभाग
- अपर मुख्य सचिव, लोक निर्माण प्रबंधन विभाग
मंडलोई, जो पहले ऊर्जा विभाग और लोक निर्माण विभाग में महत्वपूर्ण भूमिका निभा चुके हैं, अब मुख्यमंत्री के करीबी सहयोगी के रूप में सरकार की नीतियों और योजनाओं को लागू करने में अहम भूमिका निभाएंगे। उनकी नियुक्ति को मुख्यमंत्री मोहन यादव के प्रशासनिक दृष्टिकोण को और मजबूत करने की दिशा में एक रणनीतिक कदम माना जा रहा है।
3. संजय दुबे (1993 बैच)
संजय दुबे, जो पहले गृह विभाग में अपर मुख्य सचिव के रूप में कार्यरत थे, को अब ऊर्जा और नवीन ऊर्जा विभाग का प्रभार सौंपा गया है। इसके अतिरिक्त, उन्हें मध्य प्रदेश मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड के प्रबंध संचालक का दायित्व भी दिया गया है। दुबे का यह तबादला राज्य में ऊर्जा क्षेत्र में नई परियोजनाओं और बुनियादी ढांचे के विकास को गति देने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
4. संजय कुमार शुक्ल (1994 बैच)
संजय कुमार शुक्ल को महिला एवं बाल विकास विभाग से स्थानांतरित कर नगरीय विकास और आवास विभाग का प्रधान सचिव नियुक्त किया गया है। शुक्ल की यह नई जिम्मेदारी शहरी विकास और आवास योजनाओं को लागू करने में उनकी विशेषज्ञता को दर्शाती है। इससे पहले वे औद्योगिक नीति और निवेश प्रोत्साहन विभाग में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा चुके हैं।
5. डीपी आहूजा (1996 बैच)
डीपी आहूजा को लोक निर्माण विभाग (PWD) का प्रधान सचिव नियुक्त किया गया है। इससे पहले वे राजभवन में प्रधान सचिव के रूप में कार्यरत थे। आहूजा की यह नई जिम्मेदारी सड़क और बुनियादी ढांचे के विकास में उनकी अनुभवी नेतृत्व क्षमता को और उपयोग में लाएगी।
6. एम सेलवेंद्रन
एम सेलवेंद्रन, जो पहले कृषि विभाग के सचिव थे, को मंडी बोर्ड का प्रबंध संचालक नियुक्त किया गया है। इसके साथ ही उन्हें सामान्य प्रशासन विभाग में अतिरिक्त सचिव का प्रभार भी सौंपा गया है। सेलवेंद्रन की यह नियुक्ति कृषि और व्यापार क्षेत्र में उनकी विशेषज्ञता को देखते हुए की गई है।
7. निशांत वरवड़े (2003 बैच)
निशांत वरवड़े को उच्च शिक्षा आयुक्त के रूप में नियुक्त किया गया है। इससे पहले वे विभिन्न जिला पंचायतों में मुख्य कार्यकारी अधिकारी के रूप में कार्य कर चुके हैं। उनकी यह नई जिम्मेदारी शिक्षा क्षेत्र में सुधार और नवाचार को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण होगी।
8. प्रबल सिपाहा
प्रबल सिपाहा को सामान्य प्रशासन विभाग में अतिरिक्त सचिव के रूप में नियुक्त किया गया है। उनकी यह नियुक्ति प्रशासनिक कार्यों में दक्षता और पारदर्शिता लाने की दिशा में एक कदम मानी जा रही है।
9. राखी सहाय (2015 बैच)
राखी सहाय, जो पहले मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग, इंदौर में उप सचिव के रूप में कार्यरत थीं, को अब मध्य प्रदेश वित्तीय निगम का प्रबंध संचालक नियुक्त किया गया है। यह नियुक्ति उनके वित्तीय और प्रशासनिक अनुभव को देखते हुए की गई है।
क्यों किए गए ये फेरबदल
यह तबादला सूची मध्य प्रदेश सरकार की उस रणनीति का हिस्सा मानी जा रही है, जिसके तहत महत्वपूर्ण विभागों में अनुभवी और काबिल अधिकारियों को तैनात कर विकास कार्यों को गति दी जाए। मुख्यमंत्री मोहन यादव के नेतृत्व में यह तीसरा बड़ा प्रशासनिक फेरबदल है, जो 2025 में अब तक हो चुका है। इससे पहले जनवरी और अप्रैल 2025 में भी क्रमशः 42 और 26 IAS अधिकारियों के तबादले किए गए थे, जिससे यह संकेत मिलता है कि सरकार प्रशासनिक दक्षता और जवाबदेही को लेकर गंभीर है।
इस फेरबदल में ऊर्जा, जल संसाधन, नगरीय विकास, और नर्मदा घाटी विकास जैसे महत्वपूर्ण विभागों पर विशेष ध्यान दिया गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह तबादले न केवल प्रशासनिक कार्यक्षमता को बढ़ाएंगे, बल्कि राज्य में बुनियादी ढांचे, ऊर्जा, और औद्योगिक विकास जैसे क्षेत्रों में भी नई गति प्रदान करेंगे।
रिपोर्टर: लक्ष्मी नारायण मालवीय | वन इंडिया हिंदी












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