MP News: जानिए कौन हैं IAS चंद्रमौली शुक्ला, जिन्हें मुख्यमंत्री मोहन यादव का बनाया गया अतिरिक्त सचिव
IAS Chandramouli Shukla: मध्य प्रदेश की नौकरशाही में एक बार फिर बड़ा प्रशासनिक फेरबदल देखने को मिला है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के सचिवालय में 2011 बैच के IAS अधिकारी चंद्रमौली शुक्ला को अतिरिक्त सचिव (Additional Secretary) नियुक्त किया गया है।
यह नियुक्ति मंगलवार, 22 जुलाई 2025 को जारी एक आदेश के तहत की गई, जिसमें शुक्ला को उनकी मौजूदा जिम्मेदारियों के साथ-साथ मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) में यह अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया। चंद्रमौली शुक्ला, जो पहले से ही मध्य प्रदेश औद्योगिक विकास निगम (MPIDC) और मध्य प्रदेश राज्य औद्योगिक विकास निगम के प्रबंध निदेशक (MD) के साथ-साथ आयुक्त विमानन के पद पर कार्यरत हैं, अब मुख्यमंत्री के करीबी प्रशासनिक अमले का हिस्सा होंगे।

यह नियुक्ति मध्य प्रदेश में चल रही प्रशासनिक पुनर्गठन की प्रक्रिया का हिस्सा मानी जा रही है, और इसने भोपाल के सियासी और प्रशासनिक गलियारों में चर्चा का माहौल बना दिया है।
कौन हैं चंद्रमौली शुक्ला?
चंद्रमौली शुक्ला 2011 बैच के भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) अधिकारी हैं, जिन्हें उनकी कार्यकुशलता, तकनीकी दक्षता और औद्योगिक विकास में विशेषज्ञता के लिए जाना जाता है। मध्य प्रदेश कैडर के इस अधिकारी ने अपने करियर में कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभाली हैं और विभिन्न क्षेत्रों में अपनी छाप छोड़ी है। उनकी शैक्षिक पृष्ठभूमि और प्रशासनिक अनुभव उन्हें एक बहुमुखी और प्रभावी अधिकारी बनाते हैं।
चंद्रमौली शुक्ला की शैक्षिक योग्यता में तकनीकी और प्रबंधन क्षेत्र की डिग्रियां शामिल हैं। सूत्रों के अनुसार, उन्होंने इंजीनियरिंग और प्रबंधन में उच्च शिक्षा प्राप्त की है, जिसके कारण उन्हें औद्योगिक और बुनियादी ढांचा परियोजनाओं में विशेषज्ञता हासिल है। उनकी यह पृष्ठभूमि मध्य प्रदेश सरकार की औद्योगिक विकास और निवेश को बढ़ावा देने की रणनीति के साथ मेल खाती है, जो मुख्यमंत्री मोहन यादव की प्राथमिकता रही है।
प्रशासनिक करियर
- चंद्रमौली शुक्ला ने अपने करियर की शुरुआत से ही मध्य प्रदेश के विभिन्न जिलों और विभागों में महत्वपूर्ण भूमिकाएं निभाई हैं। उनके प्रमुख प्रशासनिक अनुभव इस प्रकार हैं:
- शुक्ला ने मध्य प्रदेश के कई जिलों में उपायुक्त (SDM) और कलेक्टर के रूप में कार्य किया है, जहां उन्होंने जमीनी स्तर पर प्रशासनिक चुनौतियों का सामना किया और विकास परियोजनाओं को लागू किया।
- वर्तमान में वे मध्य प्रदेश औद्योगिक विकास निगम (MPIDC) और मध्य प्रदेश राज्य औद्योगिक विकास निगम के प्रबंध निदेशक के रूप में कार्यरत हैं। इन भूमिकाओं में उन्होंने राज्य में औद्योगिक निवेश को आकर्षित करने और बुनियादी ढांचा परियोजनाओं को गति देने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।
- शुक्ला को आयुक्त विमानन का प्रभार भी सौंपा गया है, जिसमें वे मध्य प्रदेश में विमानन से संबंधित नीतियों और परियोजनाओं की देखरेख करते हैं।
उनकी नियुक्ति को मुख्यमंत्री कार्यालय में तकनीकी और प्रबंधन विशेषज्ञता लाने की दिशा में एक कदम माना जा रहा है, खासकर तब जब मध्य प्रदेश सरकार निवेश और बुनियादी ढांचे के विकास पर विशेष जोर दे रही है।
मुख्यमंत्री के अतिरिक्त सचिव के रूप में नियुक्ति
22 जुलाई 2025 को मध्य प्रदेश सरकार के सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) द्वारा जारी आदेश के अनुसार, चंद्रमौली शुक्ला को मुख्यमंत्री मोहन यादव का अतिरिक्त सचिव नियुक्त किया गया है। यह प्रभार उनकी मौजूदा जिम्मेदारियों-MPIDC और राज्य औद्योगिक विकास निगम के MD, और आयुक्त विमानन-के साथ अतिरिक्त रूप से सौंपा गया है। इस नियुक्ति के साथ, शुक्ला अब मुख्यमंत्री कार्यालय में नीति निर्माण, समन्वय, और महत्वपूर्ण परियोजनाओं की निगरानी में अहम भूमिका निभाएंगे।
यह नियुक्ति ऐसे समय में हुई है जब मुख्यमंत्री मोहन यादव हाल ही में स्पेन और दुबई की विदेश यात्रा से लौटे हैं, जहां उन्होंने मध्य प्रदेश में निवेश के अवसरों को बढ़ावा देने के लिए कई वैश्विक कंपनियों और निवेशकों से मुलाकात की थी। इस यात्रा के बाद मुख्यमंत्री कार्यालय में कई प्रशासनिक बदलाव देखे गए हैं, जिसमें IAS सिबी चक्रवर्ती एम. को मुख्यमंत्री सचिवालय से हटाकर मध्य प्रदेश भवन और आधारभूत विकास मंडल का पूर्णकालिक प्रबंध निदेशक बनाया गया है। चंद्रमौली शुक्ला की नियुक्ति को इस री-ऑर्गनाइजेशन का हिस्सा माना जा रहा है, जिसका उद्देश्य मुख्यमंत्री के विजन को लागू करने के लिए एक मजबूत और कुशल प्रशासनिक टीम तैयार करना है।
अन्य हालिया तबादले
नीरज मंडलोई: 1993 बैच के IAS अधिकारी को अपर मुख्य सचिव (ACS) के रूप में मुख्यमंत्री कार्यालय में नियुक्त किया गया, जो पहले राजेश राजौरा के पास था।
सिबी चक्रवर्ती एम: 2008 बैच के IAS अधिकारी को मुख्यमंत्री सचिवालय से हटाकर मध्य प्रदेश भवन और आधारभूत विकास मंडल का पूर्णकालिक MD बनाया गया।
रघवेंद्र कुमार सिंह: 1997 बैच के IAS अधिकारी, जो मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव हैं, को उद्योग विभाग का प्रभार भी सौंपा गया।
ये तबादले मध्य प्रदेश सरकार की उस रणनीति को दर्शाते हैं, जिसमें मुख्यमंत्री कार्यालय में नई ऊर्जा और विशेषज्ञता लाने का प्रयास किया जा रहा है।
नियुक्ति के पीछे संभावित कारण
औद्योगिक विकास पर फोकस: शुक्ला की MPIDC और राज्य औद्योगिक विकास निगम में उनकी भूमिका को देखते हुए, उनकी नियुक्ति मुख्यमंत्री के निवेश और औद्योगिक विकास के एजेंडे को गति देने में मदद कर सकती है। उनकी तकनीकी और प्रबंधन पृष्ठभूमि इस दिशा में महत्वपूर्ण साबित हो सकती है।
प्रशासनिक पुनर्गठन: मुख्यमंत्री मोहन यादव ने अपने कार्यकाल के दौरान बार-बार प्रशासनिक फेरबदल किए हैं। चंद्रमौली शुक्ला की नियुक्ति को सचिवालय में नई प्रतिभा और दक्षता लाने की रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।
विश्वास और तालमेल: सूत्रों के अनुसार, शुक्ला को उनकी कार्यकुशलता और नीति कार्यान्वयन में दक्षता के लिए चुना गया है। उनकी नियुक्ति से मुख्यमंत्री कार्यालय में तालमेल और नीति समन्वय को मजबूती मिलने की उम्मीद है।
विदेश यात्रा का प्रभाव: मुख्यमंत्री की हालिया स्पेन और दुबई यात्रा के बाद, जहां औद्योगिक निवेश और बुनियादी ढांचे पर चर्चा हुई, शुक्ला जैसे अधिकारियों की नियुक्ति से इन क्षेत्रों में तेजी से काम करने की रणनीति बनाई जा रही है।
मध्य प्रदेश में बार-बार तबादलों का दौर
मोहन यादव के दिसंबर 2023 में मुख्यमंत्री बनने के बाद से मध्य प्रदेश में प्रशासनिक तबादलों की रफ्तार तेज रही है। सामान्य प्रशासन विभाग के आंकड़ों के अनुसार, पिछले 11 महीनों में 261 IAS अधिकारियों के तबादले हुए हैं, जिसमें मुख्यमंत्री कार्यालय को दो बार पुनर्गठित किया गया है। कुछ प्रमुख तबादले:
- दिसंबर 2023: रघवेंद्र कुमार सिंह को मुख्यमंत्री का प्रधान सचिव नियुक्त किया गया।
- फरवरी 2024: पांच IAS अधिकारियों को मुख्यमंत्री सचिवालय में नियुक्त किया गया, जिसमें भरत यादव को सचिव बनाया गया।
- जून 2024: राजेश राजौरा को अपर मुख्य सचिव बनाया गया, और संजय शुक्ला को महिला एवं बाल विकास विभाग का प्रधान सचिव नियुक्त किया गया।
- जनवरी 2025: 42 IAS अधिकारियों का तबादला, जिसमें भरत यादव को मध्य प्रदेश सड़क विकास निगम का MD बनाया गया।
- जुलाई 2025: नीरज मंडलोई को अपर मुख्य सचिव और चंद्रमौली शुक्ला को अतिरिक्त सचिव नियुक्त किया गया।
- ये बार-बार तबादले प्रशासनिक स्थिरता पर सवाल उठा रहे हैं। पूर्व DGP अरुण गुरटू ने कहा, "इतने लगातार तबादलों से सामान्य नागरिक को सबसे ज्यादा नुकसान होता है, क्योंकि इससे शासन प्रभावित होता है।" पूर्व मुख्य सचिव एस.सी. बेहड़ा ने भी स्थायी कार्यकाल की जरूरत पर जोर दिया।












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