Bhopal News: बढ़ रही हार्ट संबंधित समस्याएं, डॉक्टरों ने दी चेतावनी, 2 महीने में 57 हजार लोगों को चेस्ट पेन
Bhopal News: राजधानी भोपाल में दिनोंदिन हृदय संबंधित समस्याओं के मरीजों की संख्या में इजाफा हो रहा है। इसकी सबसे बड़ी वजह भागदौड़ भरी जिंदगी, अनियंत्रित खानपान, नशा और अधूरी नींद बताई जा रही है।
दिल की बीमारियों से अब देश में सबसे ज्यादा मौतें हो रही हैं, और आंकड़ों के अनुसार, मध्य प्रदेश की राजधानी भी इससे अछूती नहीं रही है।

साल 2025 के शुरुआत में बढ़ी मरीजों की संख्या
जनवरी से अब तक करीब 57,310 मरीजों को चेस्ट पेन, सांस लेने में दिक्कत और हृदय की गति बिगड़ने जैसी समस्याओं के कारण अस्पताल लाया गया है। इनमें अकेले भोपाल में ऐसे मरीजों की संख्या करीब 17,000 के आसपास है, जिन्हें हार्ट अटैक, चेस्ट पेन और अन्य कार्डियक संबंधी समस्याएं हुई हैं। इन सभी को 108 एंबुलेंस के जरिए अस्पताल पहुंचाया गया है।
मोटापा, उच्च रक्तचाप और डायबिटीज का खतरा
राज्य में हाई ब्लड प्रेशर (उच्च रक्तचाप) के करीब 18 लाख और डायबिटीज (मधुमेह) के लगभग 10 लाख 67 हजार मरीज हैं, जो हार्ट संबंधी बीमारियों के उच्च जोखिम में हैं। मोटापा, उच्च रक्तचाप, डायबिटीज और हाई कोलेस्ट्रॉल भी दिल की बीमारियों को बढ़ावा देते हैं। इसके अलावा जेनेटिक (वंशानुगत) कारणों से भी दिल की बीमारी का खतरा बढ़ सकता है।
वायरस और हृदय पर असर
डॉक्टरों के अनुसार, एक और गंभीर वजह सामने आई है - वायरस का प्रभाव। वायरस के कारण हृदय की धमनियों की झिल्ली कमजोर हो रही है, जिससे हार्ट अटैक का खतरा बढ़ रहा है। जब यह झिल्ली फट जाती है तो खून में क्लॉट (रक्त के थक्के) बनने लगते हैं, जो रक्त प्रवाह को बाधित कर देते हैं। इससे हृदय की मांसपेशियों तक खून नहीं पहुंच पाता और अचानक हार्ट अटैक का खतरा पैदा हो सकता है।
एम्स के कार्डियोलॉजिस्ट (हृदय रोग विशेषज्ञ) का कहना है कि युवाओं में तनाव, अनियंत्रित खानपान, खराब लाइफस्टाइल और प्रोसेस्ड फूड (प्रसंस्कृत खाद्य पदार्थों) का सेवन बढ़ने से हृदय रोगों में वृद्धि हो रही है। इसके साथ ही, हमारे खाने-पीने और सोने की आदतों में बदलाव भी इसके लिए जिम्मेदार हैं। इन आदतों के कारण कोलेस्ट्रॉल का स्तर बढ़ जाता है, जिससे हृदय रोगों का खतरा और बढ़ जाता है।
स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता की आवश्यकता
यह स्थिति इस बात की ओर इशारा करती है कि अब हमें अपनी लाइफस्टाइल और खानपान को लेकर अधिक सचेत और जागरूक होने की जरूरत है। चिकित्सक सलाह देते हैं कि स्वस्थ आहार, नियमित व्यायाम और सही नींद दिल की बीमारियों को रोकने के लिए आवश्यक हैं। इसके साथ ही, तनाव को नियंत्रित करना, शराब और तंबाकू जैसे हानिकारक पदार्थों से दूर रहना भी जरूरी है।
हार्ट अटैक के मामले - आयु के हिसाब से आंकड़े
हार्ट अटैक की समस्या अब केवल वृद्धों तक सीमित नहीं रही, बल्कि युवाओं में भी यह गंभीर समस्या बन चुकी है। हार्ट अटैक के मामलों का वितरण इस प्रकार है:
- 15 से 20 साल - 5%
- 21 से 40 साल - 41%
- 40 से 60 साल - 38%
- 60 से अधिक - 16%
यह आंकड़े यह दर्शाते हैं कि युवा और मध्य आयु वर्ग में हार्ट अटैक के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं, जो दिल की बीमारी के प्रति बढ़ती लापरवाही और अनहेल्दी लाइफस्टाइल को दर्शाते हैं। इस बढ़ती संख्या के पीछे अनियंत्रित खानपान, बढ़ता तनाव, वसा युक्त आहार, और शारीरिक सक्रियता की कमी मुख्य कारण मानी जा रही है।
चेस्ट पेन के मामलों में वृद्धि
चेस्ट पेन के मामलों में भी काफी बढ़ोतरी देखी जा रही है। नवंबर 2024 से जनवरी 2025 के बीच के आंकड़ों के अनुसार
1. नवंबर 2024
- भोपाल: 134 मामले
- मध्य प्रदेश: 4142 मामले
दिसंबर 2024
- भोपाल: 97 मामले
- मध्य प्रदेश: 4434 मामले
3. जनवरी 2025
- भोपाल: 112 मामले
- मध्य प्रदेश: 4716 मामले
इन आंकड़ों के मुताबिक, चेस्ट पेन के मामले बढ़ रहे हैं, जो दिल की बीमारियों का एक प्रमुख लक्षण होते हैं। खासकर नवंबर से जनवरी तक भोपाल और पूरे मध्य प्रदेश में इन मामलों में लगातार वृद्धि हुई है। यह आंकड़े यह भी बताते हैं कि स्वास्थ्य सुविधाओं की मांग में तेजी से वृद्धि हो रही है, और लोग तेजी से अस्पतालों का रुख कर रहे हैं।












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