Bhopal News: हमीदिया के आधे डॉक्टर समर लीव पर, 50% स्टाफ ही ऑन ड्यूटी पर दे रहा है सेवाएं
राजधानी भोपाल सहित पूरे प्रदेश में भले ही डॉक्टरों की हड़ताल खत्म हो गई हो, लेकिन अभी भी सरकारी हॉस्पिटल में डॉक्टरों कमी है। दरअसल समर वेकेशन के चलते कई डॉक्टर छुट्टी पर है।

यदि आप इलाज कराने भोपाल शहर आ रहे हैं तो यह जानकारी लेकर ही हमीदिया अस्पताल आएं। दरअसल इलाज कराने के लिए भोपाल पहुंचने वाले मरीजों को भारी परेशानी हो सकती है जो सरकारी अस्पतालों में इलाज के लिए आने वाले मरीज काफी परेशान हो सकते हैं। क्योंकि एम्स, हमीदिया व रीजनल रेस्पिरेट्री इंस्टिट्यूट में अप्रैल के आखिरी सप्ताह से आधे डॉक्टर गर्मी की छुट्टियों पर चले गए हैं। इनकी आने के बाद बाकी डॉक्टर मई के आखिरी सप्ताह से 27 जून तक समर वेकेशन पर रहेंगे।
बताया जा रहा है कि समर वेकेशन पर गए डॉक्टरों की छुट्टी के कारण ऐसे में 50% डॉक्टरी ऑन ड्यूटी पर सेवाएं दे रहे हैं। इस वजह से कई ऑपरेशन भी डाले जा सकते हैं। गर्मियों में उन्हें 1 महीने की समर वेकेशन लीव मिलती है गांधी मेडिकल कॉलेज से लगभग 250 और एम्स में 215 के करीब डॉक्टर हैं।
एम्स भोपाल में ओवेरियन कैंसर के मरीज की हुई जटिल सर्जरी
ब्रेस्ट, लंग और ओवेरियन कैंसर में ट्यूमर आमतौर पर ब्रेन तक पहुंच जाते हैं। और धीरे-धीरे पूरे ब्रेन में फैल जाते हैं इन्हें खत्म करने रेडियोथैरेपी का इस्तेमाल किया जाता है, जो 15 से 20 दिन में पूरी होती है। इसके कई लोंग टर्म साइड इफेक्ट भी हो हो जाते हैं। एम्स में पहली बार इसका एक ही दिन में इलाज किया गया। दरअसल रेडियोथैरेपी विभाग द्वारा स्टीरियोटेक्टिक रेडियो सर्जरी (एसआरएस) में सिंगल मेटास्टेसिस के साथ ओवेरियन कैंसर के मरीज का इलाज किया गया।
मध्य प्रदेश में पहली बार ऐसी सर्जरी
इसमें रेडियोथैरेपी की पूरी डोज (24 जीवाई) एक की फ्रेक्शन में दी गई जबकि यह अब तक 10-15 फ्रेक्शन में दी जाती थी। यह सुविधा अब तक केवल दिल्ली और मुंबई जैसे बड़े मेट्रो शहरों में उपलब्ध है इसके अलावा एम्स दिल्ली और पीजीआई चंडीगढ़ को छोड़कर किसी भी अन्य सरकारी अस्पताल में नहीं है इन केंद्र में भी रेयर मामलों में एक ही बार पूरी डोज के साथ ईलाज किया गया। एम्स प्रशासन ने मध्य प्रदेश में पहली बार ऐसी सर्जरी किए जाने का दावा किया है।












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