जानिए कौन हैं गोविंद प्रसाद मेहरा, MP PWD के पूर्व चीफ इंजीनियर के घर से मिला 3 करोड़ का सोना, बड़ा खुलासा

मध्य प्रदेश के लोक निर्माण विभाग (PWD) के रिटायर्ड चीफ इंजीनियर गोविंद प्रसाद मेहरा (जी.पी. मेहरा) के चार ठिकानों पर लोकायुक्त पुलिस के छापे ने भ्रष्टाचार की गहरी परतें उजागर की हैं। गुरुवार सुबह 6 बजे शुरू हुई इस कार्रवाई में भोपाल के मणिपुरम कॉलोनी और ओपल रेजेंसी फ्लैट से 8.79 लाख नकद, 2.649 किलो सोना (लगभग 3.05 करोड़), 5.523 किलो चांदी (5.93 लाख), 56 लाख की फिक्स डिपॉजिट (FD), और करोड़ों की प्रॉपर्टी दस्तावेज बरामद हुए।

मेहरा पर आरोप है कि उन्होंने अपने 20-30 साल के कार्यकाल में ठेकों और निर्माण कार्यों में गड़बड़ियां कर 'आय से अधिक संपत्ति' अर्जित की। यह मध्य प्रदेश में PWD के इतिहास का सबसे बड़ा भ्रष्टाचार मामला हो सकता है।

Govind Prasad Mehra Gold worth Rs 3 crore recovered from house of former PWD chief engineer
  • नाम और पद: गोविंद प्रसाद मेहरा (पिता: अमृतलाल मेहरा), मध्य प्रदेश PWD के पूर्व इंजीनियर-इन-चीफ। फरवरी 2024 में रिटायर हुए।
  • काम: PWD में चीफ इंजीनियर के रूप में सड़कें, पुल, सरकारी भवन जैसे बड़े प्रोजेक्ट्स की जिम्मेदारी। उनके साइन से अरबों के ठेके पास होते थे।
  • प्रभाव: मेहरा को 'टॉप इंजीनियर' माना जाता था। विभागीय सूत्र बताते हैं कि ठेकेदारों और नेताओं के साथ उनके गहरे रिश्ते थे। भोपाल, नर्मदापुरम और अन्य शहरों में उनकी संपत्तियां चर्चा में रहीं।
  • रिटायरमेंट: फरवरी 2024 में रिटायर होने के बाद भी उनकी लग्जरी लाइफस्टाइल और प्रॉपर्टी ने शक पैदा किया। अनुमानित वैध आय (सैलरी): 1-2 करोड़; लेकिन संपत्ति 50 करोड़+।

छापे का पूरा मामला: चार ठिकानों पर लोकायुक्त का धमाका

लोकायुक्त की कार्रवाई 'आय से अधिक संपत्ति' (Disproportionate Assets) केस के तहत हुई

2024 की शुरुआत: शक और जांच

गोपनीय सूत्रों (ठेकेदार, कर्मचारी) ने लोकायुक्त को बताया कि मेहरा ने सेवा के दौरान भोपाल, नर्मदापुरम और सोहागपुर में बेनामी संपत्तियां बनाईं। पुलिस अधीक्षक विपुस्था (लोकायुक्त भोपाल) ने सत्यापन किया। आयकर रिटर्न और संपत्ति रिकॉर्ड में अंतर मिला।

9 अक्टूबर 2025: FIR और छापे

भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 (संशोधन 2018) की धारा 13(1)(b) और 13(2) के तहत केस दर्ज। सुबह 6 बजे 50+ सदस्यीय टीम (DSP वीरेंद्र सिंह, आशीष भट्टाचार्य, मंजू सिंह, बी.एम. द्विवेदी) ने चार ठिकानों पर छापे मारे।

Govind Prasad Mehra Gold worth Rs 3 crore recovered from house of former PWD chief engineer

ठिकाना,बरामदगी,अनुमानित मूल्य

  1. "मणिपुरम कॉलोनी, A-6 बंगला","8.79 लाख नकद, 50 लाख के सोना-चांदी गहने, 56 लाख FD, प्रॉपर्टी दस्तावेज, अन्य सामान (60 लाख)",1.75 करोड़+
  2. "ओपल रेजेंसी, दाना पानी, फ्लैट 508","26 लाख नकद, 2.649 किलो सोना (3.05 करोड़), 5.523 किलो चांदी (5.93 लाख), प्रॉपर्टी दस्तावेज",3.37 करोड़+
  3. "केटी इंडस्ट्रीज, गोविंदपुरा","1.25 लाख नकद, PVC पाइप फैक्ट्री माल, प्रॉपर्टी दस्तावेज (रोहित मेहरा + कैलाश नायक पार्टनरशिप)",50 लाख+ (जांचाधीन)
  4. "ग्राम सैनी, सोहागपुर (नर्मदापुरम)","17 टन शहद, कृषि भूमि, 6 ट्रैक्टर, 32 निर्माणाधीन कॉटेज, 7 निर्मित कॉटेज, भवन, 2 मछली पालन केंद्र, 2 गौशाला, 2 तालाब, मंदिर, दस्तावेज",5-10 करोड़+ (जांचाधीन)
  • अन्य: परिवार के नाम पर 4 लग्जरी कारें (फोर्ड एंडेवर, स्कोडा स्लाविया, किया सोनेट, मारुति सियाज)। मुंबई-दुबई प्रॉपर्टी के सुराग। FD, शेयर, इंश्योरेंस दस्तावेज जांच में।
  • कुल: 10-15 करोड़ की संपत्ति बरामद। नकदी गिनने के लिए मशीनें, गहनों की वैल्यूएशन ज्वेलर्स से।
  • कार्रवाई की स्थिति: मेहरा को हिरासत में लिया गया। दस्तावेजों का परीक्षण और पूछताछ जारी। रात तक ऑपरेशन चला।

भ्रष्टाचार के आरोप: ठेके, कमीशन और बेनामी संपत्तियां, मेहरा पर मुख्य आरोप:

  • ठेकों में गड़बड़ी: सड़क-पुल प्रोजेक्ट्स में कम गुणवत्ता की सामग्री, फर्जी बिलिंग। उदाहरण: एक 50 करोड़ के प्रोजेक्ट में 20% मटेरियल 'घटाकर' बिल पास।
  • कमीशन सिस्टम: ठेकेदारों से 10-15% कमीशन। सूत्र: एक ठेकेदार ने 5 करोड़ के ठेके में 75 लाख दिए।
  • बेनामी संपत्तियां: भोपाल (मणिपुरम, बावड़िया कला), नर्मदापुरम (सोहागपुर), मुंबई में फ्लैट। बेटे रोहित मेहरा और पार्टनर कैलाश नायक के नाम पर फैक्ट्री।
  • कानूनी उल्लंघन: भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 13(1)(b) (अवैध संपत्ति) और 13(2) (अपराध) के तहत केस। सजा: 5-10 साल जेल + जुर्माना।

मेहरा ने ठेकों का गलत फायदा उठाकर करोड़ों कमाए। परिवार और बेनामी नामों से संपत्तियां छिपाईं।
लोकायुक्त का रुख: 'जीरो टॉलरेंस' और CM मोहन यादव का निर्देश
महानिदेशक लोकायुक्त योगेश देशमुख ने कहा, "PWD में भ्रष्टाचार की जड़ें उखाड़ेंगे।" CM मोहन यादव की 'जीरो टॉलरेंस' नीति के तहत 2025 में 200+ छापे। SP विपुस्था: "मेहरा का केस बड़ा सबक।" आगे:

  • मेहरा की पूछताछ, चार्जशीट (15-30 दिन)।
  • सहयोगियों (रोहित मेहरा, कैलाश नायक) पर जांच। संपत्ति जब्ती।
  • PWD में ई-टेंडरिंग और ऑडिट सख्त।
Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+