Fish Farming : मछली पालने का झांसा देकर हरियाणा की कंपनी ने भोपाल में की ₹22 लाख की ठगी
भोपाल में फिशरीज कंपनी के खिलाफ कोहेफिजा थाने ने धोखाधड़ी का एक और मामला दर्ज कर लिया गया है। इस मामले में आरोपी कंपनी के कर्ताधर्ता और कर्मचारियों ने एक युवती से 22 लाख ₹40 हजार से अधिक की ठगी की है।
Fish Farming : मछली पालन के नाम पर प्रदेश में दर्जनों लोगों के साथ ठगी कर चुकी हरियाणा की फिशरीज कंपनी के खिलाफ कोहेफिजा थाने ने धोखाधड़ी का एक और मामला दर्ज कर लिया गया है। इस मामले में आरोपी कंपनी के कर्ताधर्ता और कर्मचारियों ने एक युवती से 22 लाख ₹40 हजार से अधिक की ठगी मछली पालन में निवेश के नाम पर की है। यह मामला 3 साल पुराना है पुलिस ने शिकायत जांच के बाद प्रकरण दर्ज कर लिया है।

कोहेफिजा थाना पुलिस के अनुसार आकांक्षा सिंह 29 वर्षीय अनिल सिंह की पुत्री है, जोकि भोपाल के बावड़िया कला में माता-पिता के साथ रहती हैं उन्होंने पुलिस को बताया कि हलालपुरा में हरियाणा की फ्रिज कंपनी का कार्यालय था उस कार्यालय में उसे कंपनी का कर्ताधर्ता ब्रजेश कश्यप पहला शर्मा के साथ कंपनी के अधिकारी राजन सिंह राजपूत गायत्री परिहार वेद प्रकाश शर्मा मिले थे सभी ने मछली पालन में मुनाफे का लालच देकर पैसे निवेश कराएं।
कंपनी के अधिकारी कार्यालय में ताला लगाकर हो गए फरार
फरियादी से 22 लाख ₹40000 लेकर खाली जमीन पर मकान,तलाब, बनवाकर उसमें पानी, बिजली और बाड़े की व्यवस्था करने का झांसा दिया। इसके बाद मछली पालन में मोटा मुनाफा कमाने का लालच दिया था पीड़िता ने बताया कि पैसे लेकर आरोपियों ने लॉकडाउन का बहाना बनाकर काम नहीं कराया। इसके बाद कंपनी के खिलाफ अलग-अलग थानों में मामला दर्ज होते गए कंपनी के अधिकारी कार्यालय में ताला लगाकर फरार हो गए थाना प्रभारी विजय सिंह सिसोदिया ने बताया कि उक्त कंपनी के कई आरोपी पहले ही गिरफ्तार हो चुके हैं। मामले की जांच की जा रही है।
मछली पालन के नाम पर ठगे गए किसान क्राइम ब्रांच के लगा रहे चक्कर
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मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में मुख्यमंत्री निवास से मात्र करीब 5 किलोमीटर दूर मच्छी पालन के नाम पर 100 करोड़ से ज्यादा की ठगी हुई, लेकिन प्रशासन कुंभकरण की नींद सोता रहा। हालांकि पुलिस प्रशासन ने ठगी करने वाले आरोपी को गिरफ्तार तो कर लिया, लेकिन किसानों का पैसा अब तक वापस नहीं मिला है। किसान लगातार क्राइम ब्रांच और मंत्रियों के बंगले के चक्कर काट रहे हैं। लेकिन उन्हें उनका पैसा वापस नहीं मिल पा रहा है। बता दे आरोपी तलाब बनाकर मछली पालन करने की 5-5 लाख और 11-11 लाख रुपए की फर्जी स्कीम बताते थे। गुड़गांव की फीस फार्च्यून प्रोडक्शन कंपनी के संचालक ब्रिजेन कश्यप और उसके सहायक संचालक धर्मेंद्र ठाकुर कैलाश शर्मा और मनोज कटारिया ने कई किसानों के साथ धोखाधड़ी करके करोड़ों रुपये ऐंठ लिए थे।












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