Bhopal News: ऑपरेशन सिंदूर की जीत पर आतिशबाजी और मिठाई, चंद्रशेखर तिवारी बोले- “पाकिस्तान को जड़ से खत्म करो!
MP News: जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में 22 अप्रैल 2025 को हुए आतंकी हमले, जिसमें 27 पर्यटकों की जान गई थी, के जवाब में भारत ने 'ऑपरेशन सिंदूर' के तहत 7 मई की रात पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) के 9 आतंकी ठिकानों पर सटीक हवाई हमले किए।
इस कार्रवाई ने न केवल आतंक के आकाओं को सबक सिखाया, बल्कि मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में भी उत्साह की लहर दौड़ा दी। भोपाल के नर्मदा भवन चौराहे पर संस्कृति बचाओ मंच ने अध्यक्ष चंद्रशेखर तिवारी के नेतृत्व में आतिशबाजी, मिठाई वितरण, और जोरदार नारेबाजी के साथ इस जीत का जश्न मनाया।

तिवारी ने कहा, "भारत की सनातनी जनता चाहती है कि पाकिस्तान पर हमला कर उसे पूरी तरह खत्म कर दिया जाए!" आइए, इस रोमांचक और देशभक्ति से भरी कहानी में डूबते हैं, जहां भोपाल की सड़कों पर गर्व और गुस्सा एक साथ उमड़ा!
Bhopal News: नर्मदा भवन चौराहे पर उत्सव, आतिशबाजी और मिठाई की मिठास
7 मई की रात, जब भारतीय वायुसेना ने बहावलपुर, मुरीदके, कोटली, बाघ, और मुजफ्फराबाद में आतंकी ठिकानों को ध्वस्त किया, भोपाल में संस्कृति बचाओ मंच के कार्यकर्ता नर्मदा भवन चौराहे पर एकत्र हुए। चंद्रशेखर तिवारी की अगुवाई में कार्यकर्ताओं ने आतिशबाजी की, "भारत माता की जय" और "पाकिस्तान मुर्दाबाद" के नारे लगाए, और राहगीरों को मिठाई बांटकर अपनी खुशी जाहिर की। कार्यक्रम में निलेश राजपूत, प्रमोद राठौड़, यीशु खरे, और अन्य कार्यकर्ता शामिल थे, जिन्होंने तिरंगा लहराकर सेना की कार्रवाई को सलाम किया।
चौराहे पर मौजूद स्थानीय निवासी रमेश साहू ने कहा, "ऑपरेशन सिंदूर ने हमारे दिल को ठंडक दी। पहलगाम में हमारे भाइयों-बहनों की हत्या का बदला लिया गया। भोपाल के लोग सेना के साथ हैं!" X पर @BhopaliPatriot ने पोस्ट किया, "नर्मदा भवन चौराहा आज देशभक्ति का गवाह बना। संस्कृति बचाओ मंच ने सही कहा-पाकिस्तान को अब खत्म करना होगा!
चंद्रशेखर तिवारी का बयान: "पाकिस्तान को जड़ से उखाड़ो!"
संस्कृति बचाओ मंच के अध्यक्ष चंद्रशेखर तिवारी ने जश्न के दौरान जोरदार भाषण दिया। उन्होंने कहा, "पाकिस्तान की सेना और सरकार ने आतंकवादियों को जन्म दिया, उन्हें पनाह दी। वे सभी दोषी हैं। भारत की सनातनी जनता चाहती है कि पाकिस्तान पर हमला करके उसे पूर्ण रूप से खत्म कर दिया जाए, ताकि वह खूंटा भी न बचे, जिस पर आतंक के उल्लू बैठें!" तिवारी ने भारतीय सेना की नौ ठिकानों पर सटीक स्ट्राइक की तारीफ की और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को बधाई दी।
उन्होंने आगे कहा, "मोदी जी ने वादा किया था कि आतंकियों को घर में घुसकर मारा जाएगा। आज रात नौ ठिकानों पर हुई सर्जिकल स्ट्राइक उसी वादे का परिणाम है। हम सेना का हृदय से धन्यवाद करते हैं। लेकिन यह काफी नहीं है। पाकिस्तान को पूरी तरह नष्ट करना होगा, ताकि भविष्य में कोई पहलगाम जैसा हमला न हो!" तिवारी के बयान ने कार्यकर्ताओं में जोश भरा, और "जय श्री राम" के नारों से चौराहा गूंज उठा।
भोपाल में जनता का गुस्सा: पहलगाम की शहादत का बदला
पहलगाम हमले ने भोपाल में गहरी चोट पहुंचाई थी। आतंकियों ने धर्म पूछकर 27 पर्यटकों को निशाना बनाया, जिसमें मध्य प्रदेश के लोग भी शामिल थे। भोपाल में मुस्लिम समाज ने भी हमले के खिलाफ प्रदर्शन किए और पाकिस्तान का पुतला जलाया। वक्फ बोर्ड अध्यक्ष सनवर पटेल ने कहा था, "यह हमला देश की एकता पर आघात है। आतंकियों और उनके समर्थकों को सजा मिलनी चाहिए।"
संस्कृति बचाओ मंच ने इस भावना को और मुखर किया। मंच, जो पहले "लव जिहाद" और सांस्कृतिक संरक्षण के मुद्दों पर सक्रिय रहा है, ने ऑपरेशन सिंदूर को सनातन संस्कृति की जीत बताया। तिवारी ने कहा, "पहलगाम में आतंकियों ने हमारी संस्कृति और श्रद्धालुओं को निशाना बनाया। ऑपरेशन सिंदूर ने साबित किया कि सनातन शक्ति आतंक के आगे नहीं झुकेगी।"
सरकार और सेना का रुख: भोपाल में समर्थन
मध्य प्रदेश सरकार ने ऑपरेशन सिंदूर का स्वागत किया है। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने भारतीय सेना के X पोस्ट को रिट्वीट कर लिखा, "भारत माता की जय!" नगरीय विकास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा, "56 इंच के सीने वाले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आतंकियों को करारा जवाब दिया।" भोपाल में पुलिस ने नर्मदा भवन चौराहे पर सुरक्षा बढ़ा दी, ताकि जश्न शांतिपूर्ण रहे।
भारतीय सेना ने अपने बयान में कहा, "ऑपरेशन सिंदूर पहलगाम के शहीदों को न्याय दिलाने का कदम है। हमने केवल आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया।" सेना ने यह भी स्पष्ट किया कि कोई पाकिस्तानी सैन्य सुविधा या नागरिक क्षेत्र प्रभावित नहीं हुआ। भोपाल के रिटायर्ड कर्नल रमेश ठाकुर ने कहा, "हमारी सेना ने सटीकता और संयम दिखाया। यह सर्जिकल स्ट्राइक नहीं, बल्कि आतंक के खिलाफ निर्णायक कदम है।"
विवाद और आलोचना: क्या युद्ध ही समाधान है?
संस्कृति बचाओ मंच के "पाकिस्तान को खत्म करो" बयान ने विवाद भी खड़ा किया। विपक्षी नेता कमलनाथ ने X पर लिखा, "सेना की कार्रवाई सराहनीय है, लेकिन युद्ध की बात गैर-जिम्मेदाराना है। सरकार को कश्मीर में शांति के लिए काम करना चाहिए।" भोपाल के कुछ नागरिकों ने भी चिंता जताई। शिक्षक अजय वर्मा ने कहा, "जश्न ठीक है, लेकिन युद्ध से मध्य प्रदेश के शहरों को भी खतरा हो सकता है। हमें शांति चाहिए।"
रक्षा विशेषज्ञ मेजर जनरल (रिटायर्ड) राजेश मेहता ने कहा, "पाकिस्तान की सैन्य क्षमता भारत के सामने कमजोर है। लेकिन युद्ध की मांग से कूटनीतिक नुकसान हो सकता है। भारत को सर्जिकल स्ट्राइक और कूटनीति के संतुलन की जरूरत है।" उन्होंने भोपाल जैसे शहरों में मॉक ड्रिल और जागरूकता बढ़ाने की सलाह दी।
Bhopal News: भोपाल का माहौल: गर्व और सतर्कता
नर्मदा भवन चौराहे पर जश्न के बाद भोपाल में देशभक्ति का माहौल है। स्थानीय दुकानदारों ने तिरंगे की माला बेचना शुरू कर दिया, और स्कूलों में बच्चों ने सेना को धन्यवाद पत्र लिखे। लेकिन प्रशासन ने सतर्कता बढ़ा दी है। भोपाल कलेक्टर कौशलेन्द्र विक्रम सिंह ने कहा, "हम किसी भी स्थिति के लिए तैयार हैं। नागरिकों से अपील है कि अफवाहों पर ध्यान न दें।"












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