सीहोर के ग्राम पत्नी में भीषण अग्निकांड: रात 3 बजे लगी आग में दो परिवारों के 16 कमरे जलकर खाक
MP News: सीहोर जिले के ग्राम पाटनी में सोमवार तड़के करीब रात्रि 3 बजे अचानक भीषण आग लगने से गांव में अफरा-तफरी मच गई। इस अग्निकांड में दो परिवारों के मकान पूरी तरह जलकर खाक हो गए, जिससे उन्हें लाखों रुपये का नुकसान हुआ है। आग इतनी विकराल थी कि ग्रामीणों की तमाम कोशिशों के बावजूद उस पर काबू नहीं पाया जा सका।
इरफान और इकबाल के मकान जले, जिसमें 16 कमरे जलकर राख हो गए। जानकारी के अनुसार, इस आगजनी में इरफान के मकान के 10 कमरे और इकबाल के मकान के 6 कमरे जले है।

पूरी तरह जल गए। दोनों मकान लकड़ी और डार्लिंग से बने हुए थे, जिससे आग ने देखते ही देखते भयावह रूप ले लिया।ग्रामीणों ने तुरंत आग बुझाने की कोशिश की, लेकिन आग इतनी तेज थी कि डेढ़ घंटे बाद जब दमकल वाहन मौके पर पहुंचा, तब तक घरों में रखा सारा सामान जलकर खाक हो चुका था।
नकदी, जेवर, अनाज और घरेलू सामान सब कुछ जल गया
- इस अग्निकांड में पीड़ित परिवारों को भारी आर्थिक क्षति हुई है। आग में-
- 4 किलो चांदी
- 6 तोला सोना
- ₹5 लाख नगद
- 40 कट्टी लहसुन (कीमत करीब ₹3 लाख)
- 25 क्विंटल गेहूं
- 5 क्विंटल चना
- 2 क्विंटल मसूर
- फ्रिज, कूलर, टीवी, वॉशिंग मशीन
- पलंग, सोफा, बिस्तर, कपड़े
- पाइप और अन्य जरूरी सामग्री
- सब कुछ जलकर खाक हो गया। अनुमान के मुताबिक, कुल नुकसान करीब 25 लाख रुपये का है।
समाजसेवी एमएस मेवाड़ा के नेतृत्व में गांव ने दिखाई एकजुटता
घटना की जानकारी मिलते ही किसान व समाजसेवी एमएस मेवाड़ा गांव पहुंचे। उनके पहुंचते ही पूरे गांव की जनता एकत्र हो गई। इस दुखद घड़ी में समाजसेवी मेवाड़ा के आग्रह पर गांव वालों ने जनभागीदारी का अद्भुत उदाहरण पेश किया।
- किसी ने ₹200
- किसी ने ₹500
- किसी ने ₹1000
इस तरह 26 ग्रामीणों ने मिलकर ₹16,010 की राशि एकत्र की, जिसे आग से पीड़ित इकबाल को तत्काल सहायता के रूप में सौंपा गया।
मुख्यमंत्री और प्रशासन से आर्थिक सहायता की मांग
समाजसेवी एमएस मेवाड़ा एवं ग्रामवासियों ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और जिला प्रशासन से पीड़ित परिवारों को पर्याप्त आर्थिक सहायता देने की मांग की है।
एमएस मेवाड़ा ने कहा कि- "तहसील स्तर से मिलने वाली सहायता राशि इतनी नहीं होती कि गरीब परिवार अपने नुकसान की भरपाई कर सके। लगभग 25 लाख रुपये का नुकसान हुआ है। हम मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव जी से अनुरोध करते हैं कि स्वेच्छानुदान या विशेष सहायता के माध्यम से इन परिवारों को अधिक से अधिक मदद दिलाई जाए, ताकि वे दोबारा अपना मकान बना सकें और परिवार का पालन-पोषण कर सकें।"
ग्रामीणों ने दिया भरोसा - हम आपके साथ हैं
गांव के लोगों ने पीड़ित परिवारों को भरोसा दिलाया कि वे इस मुश्किल समय में अकेले नहीं हैं। ग्रामीणों ने अन्य किसानों और समाजसेवियों से भी आगे आकर मदद करने की अपील की।
यह ग्राम पत्नी का पहला उदाहरण है, जहां जन सहयोग से तुरंत राहत राशि जुटाकर पीड़ित परिवार को सौंपी गई। पूरे गांव ने एक स्वर में कहा- "इस दुख की घड़ी में पूरी गांव की जनता और मध्यप्रदेश सरकार आपके साथ खड़ी है।"












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