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डिग्री नहीं स्किल ही दिलाएगी रोजगार: भोपाल में FICCI सेंट्रल इंडिया एड-स्किल्स समिट, शिक्षा–कौशल समन्वय पर जोर

MP News: युवाओं को भविष्य के लिए तैयार करने और शिक्षा को रोजगार से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के तहत शुक्रवार को राजधानी भोपाल में FICCI सेंट्रल इंडिया एड-स्किल्स समिट का सफल आयोजन किया गया।

इस समिट में सरकार, उद्योग जगत, शिक्षा संस्थानों और कौशल विकास से जुड़े विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधियों ने सहभागिता कर बदलते दौर में शिक्षा और स्किल के तालमेल पर गहन मंथन किया।

FICCI Central India Ed-Skills Summit in Bhopal emphasizes education-skill integration

कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं को केवल डिग्रीधारी नहीं, बल्कि रोजगारोन्मुख, कुशल और आत्मनिर्भर बनाना रहा। समिट के दौरान नीति निर्धारकों, उद्योग विशेषज्ञों और शिक्षाविदों ने साझा मंच से यह संदेश दिया कि आने वाले समय में रोजगार का रास्ता कौशल आधारित शिक्षा से होकर ही निकलेगा।

कौशल विकास और रोजगार सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता: डॉ गौतम टेटवाल

समिट को संबोधित करते हुए राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कौशल विकास एवं रोजगार मंत्री डॉ गौतम टेटवाल ने कहा कि देश और प्रदेश के वर्तमान नीतिगत एवं आर्थिक परिदृश्य में कौशल विकास और रोजगार सृजन सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल हैं। केंद्र सरकार द्वारा Skill India, Make in India, Digital India और आत्मनिर्भर भारत जैसे अभियानों के माध्यम से युवाओं को सशक्त बनाने की दिशा में निरंतर कार्य किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि इन अभियानों का वास्तविक लाभ तभी मिलेगा, जब शिक्षा प्रणाली को उद्योगों की जरूरतों के अनुरूप ढाला जाएगा और युवाओं को व्यवहारिक प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा।

डिग्री के साथ व्यावहारिक कौशल जरूरी

मंत्री डॉ टेटवाल ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि आज के प्रतिस्पर्धी दौर में केवल डिग्री होना पर्याप्त नहीं है। युवाओं के पास व्यावहारिक कौशल, तकनीकी ज्ञान और कार्यस्थल का अनुभव होना अनिवार्य है। इसी सोच के तहत शिक्षा और कौशल को एक साथ जोड़ने की आवश्यकता पर जोर दिया गया।

उन्होंने बताया कि मध्यप्रदेश सरकार कौशल विकास के क्षेत्र में व्यापक स्तर पर कार्य कर रही है। राज्य में मध्यप्रदेश राज्य कौशल विकास एवं रोजगार निर्माण बोर्ड, संत शिरोमणि रविदास ग्लोबल स्किल्स पार्क, सरकारी आईटीआई, पॉलिटेक्निक संस्थान और निजी प्रशिक्षण केंद्रों के माध्यम से युवाओं को आधुनिक एवं रोजगारोन्मुख प्रशिक्षण दिया जा रहा है।

अप्रेंटिसशिप और ऑन-द-जॉब ट्रेनिंग को बढ़ावा

डॉ टेटवाल ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा अप्रेंटिसशिप और ऑन-द-जॉब ट्रेनिंग को बढ़ावा दिया जा रहा है, ताकि युवाओं को पढ़ाई के दौरान ही उद्योगों से जुड़ने का अवसर मिल सके। इसके साथ ही युवा संगम मेले, रोजगार मेले और विभिन्न कौशल कार्यक्रमों के माध्यम से युवाओं को वेतन आधारित रोजगार के साथ-साथ स्वरोजगार के अवसर भी उपलब्ध कराए जा रहे हैं।

रोजगार कार्यालयों को डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़कर उद्योगों और युवाओं के बीच बेहतर समन्वय स्थापित किया जा रहा है, जिससे भर्ती प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और प्रभावी बन सके।

निवेश के साथ बढ़ेंगी रोजगार की संभावनाएं

मंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश में ऑटोमोबाइल, टेक्सटाइल, फार्मास्यूटिकल्स, फूड प्रोसेसिंग, नवीकरणीय ऊर्जा और एमएसएमई जैसे क्षेत्रों में लगातार हो रहे निवेश से बड़े पैमाने पर रोजगार की संभावनाएँ बन रही हैं। ऐसे में शिक्षा और प्रशिक्षण संस्थानों को उद्योगों के साथ मिलकर पाठ्यक्रम तैयार करने की आवश्यकता है, ताकि युवा सीधे रोजगार के लिए तैयार हो सकें।

समावेशी कौशल विकास पर विशेष फोकस

समिट में समावेशी कौशल विकास पर भी विशेष जोर दिया गया। महिलाओं, ग्रामीण युवाओं, जनजातीय समुदायों और पहली पीढ़ी के शिक्षार्थियों को कौशल प्रशिक्षण से जोड़ने के लिए राज्य सरकार द्वारा विशेष योजनाएं और कार्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं।

समिट से निकलेंगे ठोस परिणाम: FICCI

कार्यक्रम के अंत में FICCI की ओर से समिट के आयोजन में सहयोग देने वाले सभी प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया गया। FICCI ने विश्वास जताया कि इस मंच से निकले सुझाव, नीति संवाद और साझेदारियाँ मध्यप्रदेश सहित पूरे मध्य भारत में कौशल विकास और रोजगार सृजन को नई दिशा प्रदान करेंगी।

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