Bhopal MP News: महिला शराब माफिया का भंडाफोड़, घर के स्टोर रूम से बरामद हुईं 68 बोतलें अवैध शराब
मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के बैरागढ़ क्षेत्र में आबकारी विभाग ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए महिला शराब माफिया हिमांशी किशनानी को गिरफ्तार किया है। 9 सितंबर 2025 को हुई इस कार्रवाई में हिमांशी के घर के स्टोर रूम से 68 बोतलें अवैध विदेशी शराब बरामद की गईं, जिनकी कुल मात्रा 51 बल्क लीटर और अनुमानित कीमत 67,200 रुपये है।
यह खुलासा तब हुआ जब आबकारी विभाग की टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर उनके निवास स्थान पर छापेमारी की। हिमांशी लंबे समय से सस्ती शराब खरीदकर अपने घर में स्टॉक करती थी और उसे महंगे दामों पर बेचकर मुनाफा कमा रही थी। इस मामले ने स्थानीय प्रशासन और पुलिस की सतर्कता को एक बार फिर सवालों के घेरे में ला दिया है।

कार्रवाई का विवरण: स्टोर रूम बना था शराब का गोदाम
आबकारी विभाग को सूचना मिली थी कि बैरागढ़ में हिमांशी पत्नी चंद्रभान किशनानी अपने घर से अवैध शराब का कारोबार चला रही हैं। इस जानकारी के आधार पर सहायक जिला आबकारी अधिकारी सुरेंद्र कुमार देवांगन के नेतृत्व में 9 सितंबर 2025 को बैरागढ़ में छापेमारी की गई। हिमांशी के घर के स्टोर रूम में विभिन्न ब्रांडों की 68 बोतलें विदेशी शराब बरामद हुईं, जिनमें महंगे ब्रांड्स शामिल थे। कुल 51 बल्क लीटर शराब की कीमत लगभग 67,200 रुपये आंकी गई है।
आरोप है कि हिमांशी सस्ती कीमत पर शराब खरीदकर उसे अपने घर में जमा करती थी और फिर स्थानीय स्तर पर ऊंचे दामों पर बेचती थी। यह पूरा नेटवर्क उनके घर से ही संचालित हो रहा था, जिसे आबकारी विभाग ने भंडाफोड़ कर दिया। हिमांशी के खिलाफ मध्य प्रदेश आबकारी अधिनियम 1915 की धारा 34(1)क और 34(2) के तहत मामला दर्ज किया गया है।
आबकारी विभाग की सक्रियता
इस कार्रवाई में आबकारी विभाग का पूरा मैदानी अमला मौजूद था। सहायक जिला आबकारी अधिकारी सुरेंद्र कुमार देवांगन ने बताया कि गुप्त सूचना के आधार पर त्वरित कार्रवाई की गई। उन्होंने कहा, "अवैध शराब का कारोबार न केवल सरकारी राजस्व को नुकसान पहुंचाता है, बल्कि समाज में अपराध और असुरक्षा को भी बढ़ाता है। हमारा अभियान ऐसे तत्वों के खिलाफ लगातार जारी रहेगा।"
आबकारी विभाग ने हाल के महीनों में भोपाल और आसपास के क्षेत्रों में अवैध शराब के खिलाफ कई कार्रवाइयां की हैं। जून 2025 में भी बैरागढ़ और एमपी नगर में छापेमारी कर 20 से अधिक प्रकरण दर्ज किए गए थे। इस बार हिमांशी किशनानी के मामले ने यह सवाल उठाया है कि क्या बैरागढ़ जैसे व्यस्त इलाकों में अवैध शराब का कारोबार स्थानीय प्रशासन की नाक के नीचे फल-फूल रहा है?

हिमांशी किशनानी का आपराधिक नेटवर्क
जांच में सामने आया कि हिमांशी किशनानी लंबे समय से शराब के अवैध कारोबार में शामिल थीं। वे स्थानीय दुकानों से सस्ती शराब खरीदकर अपने घर के स्टोर रूम में गोदाम की तरह इस्तेमाल करती थीं। इसके बाद, शराब को ऊंची कीमतों पर स्थानीय ग्राहकों, होटलों और ढाबों को बेचा जाता था। आबकारी विभाग को संदेह है कि इस नेटवर्क में अन्य लोग भी शामिल हो सकते हैं, और इसकी जांच शुरू कर दी गई है।
हिमांशी के घर से बरामद शराब में कई महंगे ब्रांड शामिल थे, जो आमतौर पर अधिक मुनाफे के लिए बेचे जाते हैं। यह कारोबार न केवल अवैध था, बल्कि स्वास्थ्य के लिए भी खतरनाक हो सकता था, क्योंकि ऐसी शराब की गुणवत्ता पर कोई नियंत्रण नहीं होता।
सामाजिक और कानूनी प्रभाव
अवैध शराब का कारोबार न केवल सरकारी राजस्व को नुकसान पहुंचाता है, बल्कि सामाजिक अशांति और स्वास्थ्य समस्याओं को भी बढ़ावा देता है। मध्य प्रदेश में अवैध शराब, खासकर कच्ची शराब, कई बार मृत्यु का कारण बन चुकी है। बैरागढ़ जैसे घनी आबादी वाले क्षेत्र में इस तरह का कारोबार स्थानीय निवासियों के लिए खतरा पैदा करता है।
हिमांशी किशनानी के खिलाफ दर्ज मामले में अब आगे की कानूनी कार्रवाई चल रही है। मध्य प्रदेश आबकारी अधिनियम के तहत दोषी पाए जाने पर जेल और जुर्माने का प्रावधान है। आबकारी विभाग ने स्पष्ट किया है कि ऐसे मामलों में किसी को बख्शा नहीं जाएगा।
बैरागढ़ में अवैध शराब का बढ़ता खतरा
बैरागढ़ क्षेत्र में अवैध शराब का कारोबार कोई नई बात नहीं है। हाल के महीनों में आबकारी विभाग ने इस क्षेत्र में कई छापेमारियां की हैं। अगस्त 2025 में बैरागढ़ के एक VIP हुक्का लाउंज से 125 लीटर अवैध शराब बरामद की गई थी। इसके अलावा, अप्रैल और मई 2025 में भी होटलों और ढाबों में अवैध शराब परोसने के खिलाफ कार्रवाइयां हुई थीं, जिनमें 28 से अधिक केस दर्ज किए गए।
इन घटनाओं से साफ है कि बैरागढ़ में अवैध शराब का जाल गहरा है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि पुलिस और प्रशासन की निष्क्रियता के कारण यह कारोबार फल-फूल रहा है। एक निवासी ने बताया, "बैरागढ़ में कई ढाबे और छोटी दुकानें अवैध शराब बेचती हैं। यह सब प्रशासन की नाक के नीचे हो रहा है।"
आगे क्या कदम?
आबकारी विभाग ने अवैध शराब के खिलाफ अभियान को और तेज करने का संकल्प लिया है। उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा ने कहा, "प्रदेश में अवैध शराब के कारोबार पर सख्ती से रोक लगाई जाएगी।" विभाग ने हेल्पलाइन नंबर 7587628290 जारी किया है, जिसके जरिए लोग गोपनीय रूप से अवैध शराब की जानकारी दे सकते हैं।












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