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किसान के बेटे ने घुड़सवारी में किया कमाल, एशियन गेम्स के ट्रायल के पहले राउंड में किया क्वालीफाई

घुड़सवारी अकादमी के खिलाड़ी राजू सिंह ने एशियन गेम्स के ट्रायल के पहले राउंड में क्वालीफाई किया है। राजू ने ये सफलता हाल ही में 10 दिसंबर को नई दिल्ली में आयोजित अंतरराष्ट्रीय घुड़सवारी फेडरेशन इवेंट में सिल्वर मेडल जीतक

किसान के बेटे ने घुड़सवारी में किया कमाल

मध्यप्रदेश में किसान के बेटे ने घुड़सवारी में कमाल कर दिया। घुड़सवारी अकादमी के खिलाड़ी राजू सिंह ने एशियन गेम्स के ट्रायल के पहले राउंड में क्वालीफाई किया है। राजू ने यह सफलता हाल ही में 10 दिसंबर को नई दिल्ली में आयोजित अंतरराष्ट्रीय घुड़सवारी फेडरेशन इवेंट में सिल्वर मेडल जीतकर प्राप्त की हैं। ऐसा करने वाले राजू सिंह मध्य प्रदेश घुड़सवारी अकादमी के पहले खिलाड़ी बन गए। राजू अब जयपुर और फिर बेंगलुरु में दूसरे और तीसरे राउंड के ट्रायल में हिस्सा लेंगे। अगर वहां भी क्वालीफाई कर लेते तो एशियन गेम खेलने वाले मध्यप्रदेश अकादमी के पहले खिलाड़ी बन जाएंगे राजू। बता दे इस प्रतियोगिता के लिए देश भर से सिर्फ 4 खिलाड़ियों का चयन होता है। नीचे जानिए राजू की घोड़ी का खर्चा...

 दिल्ली में ट्रायल के पहले राउंड में किया क्वालीफाई

दिल्ली में ट्रायल के पहले राउंड में किया क्वालीफाई

राजू ने वनइंडिया से बातचीत में बताया कि वह बोलता भिंड के रहने वाले हैं और उनके पिताजी किसान है। वह बचपन से ही घुड़सवारी सीखना चाहते थे। इसके लिए उन्होंने काफी मेहनत भी की है। राजू दिल्ली में ट्रायल के पहले राउंड में क्वालीफाई करने के बाद भोपाल जूनियर नेशनल घुड़सवारी चैंपियनशिप में भाग लेने पहुंचे हैं। इस दौरान खेल मंत्री यशोधरा राजे सिंधिया ने राष्ट्रीय घुड़सवारी प्रतियोगिता में मध्य प्रदेश राज्य घुड़सवारी अकादमी के खिलाड़ी राजू सिंह भदौरिया से मुलाकात की। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय घुड़सवारी प्रतियोगिता में हमारे खिलाड़ी लगातार पदक जीतकर प्रदेश का गौरव बढ़ा रहे हैं।

घोड़ी में काफी आत्मविश्वास

घोड़ी में काफी आत्मविश्वास

राजू ने बताया कि उनके पास आईलैंड की घोड़ी है, जो 1 साल पहले ही बुलाई गई है। यह कोच की निजी घोड़ी है, जो उन्होंने मुझे दी हैं। घोड़ी अभी 6 साल की है इस उम्र में कोई भी घोड़ी का घोड़ा इस तरह के इवेंट में हिस्सा नहीं लेता है, लेकिन उनकी घोड़ी में काफी आत्मविश्वास है। वह अपने खेल से राइडर को भी काफी विश्वास देती है। वह हर खेल में अच्छा करती है। राजू ने बताया कि अकादमी में कोच ने उन्हें काफी सपोर्ट किया। एडवांस कोचिंग के लिए उन्हें बाहर भी भेजा गया।

घोड़ी पर हर महीने ₹50 हजार रुपये से ज्यादा खर्च

घोड़ी पर हर महीने ₹50 हजार रुपये से ज्यादा खर्च

राजू ने बताया कि सबसे ज्यादा ख्याल घोड़ी और घोड़े का रखना होता है हैंडलर से लेकर उसके खाने-पीने में ही हर महीने कम से कम ₹60 हजार खर्च होते हैं। उन्होंने बताया कि अकादमी की खोज में हमेशा उन्हें सपोर्ट किया, इसलिए आज वे इस मुकाम पर पहुंच पाए हैं। घुड़सवारी का खेल बहुत टफ और महंगा खेल हैं। अपने से ज्यादा घोड़ों की प्रॉपर देखभाल करनी होती है और इन सब में बहुत ज्यादा खर्च भी होता है। लेकिन घुड़सवारी का अपना एक रोमांच है।

राजू ने प्रदेश को दिलाए स्वर्ण और एक रजत पदक

राजू ने प्रदेश को दिलाए स्वर्ण और एक रजत पदक

पिछले दिनों बैंगलुरू के अग्रम राइडिंग क्लब में सम्पन्न राष्ट्रीय घुड़सवारी प्रतियोगिता में मध्य प्रदेश राज्य घुड़सवारी अकादमी के खिलाड़ी राजू सिंह भदौरिया ने एक स्वर्ण और एक रजत पदक मध्य प्रदेश को दिलाए। प्रतियोगिता के प्री नोवाइस टीम इवेन्ट में राजू सिंह ने प्रताप अश्व पर प्रदर्शन करते हुए मध्य प्रदेश को स्वर्ण पदक दिलाया। प्रतियोगिता में राजूसिंह ने प्री नोवाइस क्राॅस कन्ट्री व्यक्तिगत स्पर्धा में प्रताप अश्व पर प्रदर्शन कर रजत पदक अर्जित किया।

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