MP News: उज्जैन में क्या हुआ जब शहीद TI अशोक शर्मा को नम आंखों से दी गई अंतिम विदाई, राजकीय सम्मान के साथ

MP News: मध्य प्रदेश की धार्मिक नगरी उज्जैन में शनिवार, 6 सितंबर 2025 की रात शिप्रा नदी में हुए एक दुखद कार हादसे ने पूरे शहर को शोक में डुबो दिया। इस हादसे में उन्हेल थाना प्रभारी अशोक शर्मा की डूबने से मौत हो गई, जबकि दो अन्य पुलिसकर्मी-सब-इंस्पेक्टर (SI) मदनलाल निनामा और महिला कॉन्स्टेबल आरती पाल-अब भी लापता हैं। रविवार, 7 सितंबर 2025 को शहीद अशोक शर्मा को नम आँखों के साथ अंतिम विदाई दी गई।

उनकी शव यात्रा पीपलीनाका स्थित उनके निवास से निकली और चक्रतीर्थ शमशान पर राजकीय सम्मान के साथ उनकी अंत्येष्टि की गई। शहीद के बड़े बेटे हर्ष शर्मा ने मुखाग्नि दी। इस दौरान ADG, DIG, SP प्रदीप शर्मा, और पुलिस महकमे के तमाम अधिकारियों ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। पूरे पुलिस विभाग और शहर में शोक की लहर है।

Tearful farewell to martyr TI Ashok Sharma in Ujjain Funeral with state honors at Chakratirtha crematorium

हादसे का दर्दनाक घटनाक्रम

यह दुखद हादसा शनिवार रात करीब 8:45 बजे बड़नगर रोड पर चक्रतीर्थ से कार्तिक मेला मैदान की ओर जाने वाले एक बिना रेलिंग वाले पुल पर हुआ। उन्हेल थाना की एक पुलिस टीम, जिसमें TI अशोक शर्मा, SI मदनलाल निनामा, और कॉन्स्टेबल आरती पाल शामिल थे, चिंतामन जा रही थी। वे 6 सितंबर को लापता हुई एक 14 वर्षीय लड़की के मामले की जांच के लिए रवाना हुए थे।

SP प्रदीप शर्मा ने बताया, "टीम की सफेद रंग की कार, जिसे कॉन्स्टेबल आरती पाल चला रही थीं, पुल पर अचानक अनियंत्रित हो गई और शिप्रा नदी में जा गिरी।" CCTV फुटेज में साफ दिखा कि कार पुल के बाएँ हिस्से से 12 फीट नीचे नदी में गिरी। नदी का तेज बहाव और रात का अंधेरा इस हादसे को और घातक बना गया। प्रत्यक्षदर्शी ASI लोकेश सिंह तोमर, जो उस समय पुल पर तैनात थे, ने तुरंत अधिकारियों को सूचना दी, लेकिन तेज धारा के कारण तत्काल बचाव संभव नहीं हो सका।

रेस्क्यू ऑपरेशन: दो पुलिसकर्मी अब भी लापता

हादसे की सूचना मिलते ही राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF), राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF), होमगार्ड, और शिप्रा तैराक दल की टीमें मौके पर पहुँचीं। रविवार सुबह 5:30 बजे शुरू हुए रेस्क्यू ऑपरेशन में TI अशोक शर्मा का शव मंगलनाथ क्षेत्र में, हादसास्थल से 4 किलोमीटर दूर बरामद किया गया। लेकिन SI मदनलाल निनामा और कॉन्स्टेबल आरती पाल का अब तक कोई सुराग नहीं मिला।

NDRF कमांडेंट रवि शंकर ने बताया, "हमारी 30 सदस्यीय टीम के साथ होमगार्ड के 20 जवान और 22 स्थानीय गोताखोर सर्च ऑपरेशन में जुटे हैं। ड्रोन, बोट्स, और मेटल डिटेक्टर का इस्तेमाल किया जा रहा है, लेकिन नदी का तेज बहाव और गहराई चुनौती बनी हुई है।" रविवार रात अंधेरे के कारण ऑपरेशन रोकना पड़ा, लेकिन सोमवार सुबह फिर से तलाश शुरू की गई।

शहीद अशोक शर्मा की अंतिम विदाई

रविवार को शहीद अशोक शर्मा की अंतिम विदाई का दृश्य हृदयविदारक था। पीपलीनाका स्थित उनके निवास से दोपहर करीब 12 बजे उनकी शव यात्रा निकली। सैकड़ों स्थानीय लोग, पुलिसकर्मी, और परिजन इस यात्रा में शामिल हुए। चक्रतीर्थ शमशान पर राजकीय सम्मान के साथ उनकी अंत्येष्टि की गई।

पुलिस बैंड की मौजूदगी में सलामी दी गई, और ADG (उज्जैन जोन) संजय झा, DIG रामेश्वर सिंह यादव, SP प्रदीप शर्मा, और अन्य पुलिस अधिकारियों ने शहीद को पुष्पचक्र अर्पित किए। शहीद के बड़े बेटे हर्ष शर्मा ने नम आँखों से मुखाग्नि दी। इस दौरान उनकी पत्नी और परिवार के अन्य सदस्यों का रो-रोकर बुरा हाल था।

हर्ष शर्मा ने कहा, "पिताजी हमेशा अपनी ड्यूटी को पहली प्राथमिकता देते थे। यह हादसा उनके कर्तव्य के रास्ते में हुआ। हम गर्व करते हैं कि उन्होंने समाज की सेवा में अपनी जान दी।"

पुलिस महकमे में शोक की लहर

TI अशोक शर्मा (58) अपनी कर्तव्यनिष्ठा और सादगी के लिए जाने जाते थे। उन्हेल थाना में उनके कार्यकाल के दौरान कई बड़ी आपराधिक घटनाओं का खुलासा हुआ था। SP प्रदीप शर्मा ने श्रद्धांजलि देते हुए कहा, "अशोक शर्मा एक समर्पित और बहादुर अधिकारी थे। उनकी कमी पुलिस महकमे को हमेशा खलेगी। उनके परिवार को अनुकंपा नियुक्ति, पेंशन, और अन्य सरकारी सहायता प्रदान की जाएगी।"

SI मदनलाल निनामा (56) और कॉन्स्टेबल आरती पाल (41) की तलाश के लिए पुलिस और प्रशासन पूरी ताकत से जुटा है। आरती पाल, जो कार चला रही थीं, अविवाहित थीं और हाल ही में अपने भाई की मृत्यु से दुखी थीं। उनके परिवार ने बताया कि वे एक मेहनती और जिम्मेदार कॉन्स्टेबल थीं। मदनलाल के परिवार में उनकी पत्नी और दो बच्चे हैं, जो उनकी सुरक्षित वापसी की प्रार्थना कर रहे हैं।

बिना रेलिंग का पुल: हादसे की वजह

शिप्रा नदी में हाल की भारी बारिश के कारण जलस्तर और बहाव असामान्य रूप से तेज था। SP प्रदीप शर्मा ने बताया कि पुल पर रेलिंग न होना इस हादसे की सबसे बड़ी वजह बना। महाकाल थाना प्रभारी गगन बादल ने कहा, "तेज बारिश और रात के अंधेरे ने स्थिति को और जटिल बना दिया। हमारी टीमें लापता पुलिसकर्मियों को ढूंढने के लिए हर संभव प्रयास कर रही हैं।"

स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि शिप्रा नदी के सभी पुलों पर सुरक्षा रेलिंग और चेतावनी बोर्ड लगाए जाएँ। राम घाट के निवासी किशनलाल प्रजापति ने कहा, "यह पुल कई सालों से बिना रेलिंग का है। अगर रेलिंग होती, तो शायद यह हादसा टल सकता था।"

प्रशासन और सरकार की प्रतिक्रिया

उज्जैन कलेक्टर नीरज सिंह ने इस हादसे को "बेहद दुखद" बताया और कहा, "हम लापता पुलिसकर्मियों को खोजने के लिए सभी संसाधन लगा रहे हैं। शिप्रा नदी के सभी पुलों का सर्वे होगा, और रेलिंग की कमी को तुरंत दूर किया जाएगा।"

मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने ट्वीट किया, "शहीद TI अशोक शर्मा का बलिदान मध्य प्रदेश पुलिस के लिए अपूरणीय क्षति है। उनके परिवार को हर संभव सहायता दी जाएगी। लापता पुलिसकर्मियों की तलाश तेज की गई है।"

शिप्रा नदी में पहले भी हादसे

शिप्रा नदी में इस तरह के हादसे पहले भी हो चुके हैं। 2016 में त्रिवेणी पुल से एक ट्रक नदी में गिर गया था, जिसमें ड्राइवर की मौत हो गई थी। 2022 में चंबल नदी में एक कार के गिरने से 9 लोग मारे गए थे। हाल ही में जुलाई 2025 में आयड़ नदी में फंसे एक व्यक्ति को सेना ने ड्रोन की मदद से बचाया था। इन घटनाओं ने शिप्रा नदी के आसपास की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं।

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