MP News: भोपाल में आबकारी विभाग की बड़ी कार्रवाई, शांति नगर और पड़रिया में 40 लीटर अवैध हाथ भट्टी शराब
Bhopal MP News: मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में आबकारी विभाग ने मंगलवार को अवैध शराब के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया। कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह के निर्देशन और सहायक आबकारी आयुक्त वीरेंद्र धाकड़ के मार्गदर्शन में आबकारी टीम ने शांति नगर, पड़रिया, और हरिपुरा क्षेत्रों में छापेमारी कर 40 लीटर अवैध हाथ भट्टी शराब, 500 किलोग्राम महुआ लाहन, और शराब निर्माण सामग्री जब्त की।
इस कार्रवाई में दो आरोपियों के खिलाफ मध्य प्रदेश आबकारी अधिनियम, 1915 की धारा 34(1) क और 34(1) च के तहत मामले दर्ज किए गए। जब्त सामग्री की अनुमानित कीमत 1.25 लाख रुपये बताई जा रही है। यह कार्रवाई अवैध शराब के कारोबार पर लगाम लगाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

शांति नगर में छापेमारी, लखन बंजारा के घर से 15 लीटर शराब बरामद
आबकारी विभाग की टीम ने मंगलवार तड़के भोपाल से करीब 12 किलोमीटर दूर शांति नगर में लखन बंजारा के घर पर छापा मारा। नियंत्रण कक्ष प्रभारी आर.जी. भदौरिया के नेतृत्व में यह कार्रवाई सुबह 4 बजे शुरू हुई। टीम को लखन बंजारा के घर से 15 लीटर अवैध हाथ भट्टी शराब मिली, जो बोतलों और कूपों में भरी हुई थी। आबकारी विभाग ने शराब को जब्त कर लिया और लखन बंजारा के खिलाफ मध्य प्रदेश आबकारी अधिनियम की धारा 34(1) क के तहत मामला दर्ज किया।
हालांकि, लखन बंजारा छापेमारी के दौरान मौके से फरार हो गया। आबकारी विभाग की एक विशेष टीम उसकी तलाश में जुटी है। स्थानीय सूत्रों के अनुसार, लखन बंजारा लंबे समय से अवैध शराब का कारोबार कर रहा था और आसपास के इलाकों में शराब की बिक्री करता था।
पड़रिया में कमला बाई के घर पर दबिश, 25 लीटर शराब, 500 किलो महुआ लाहन जब्त
शांति नगर के बाद आबकारी टीम ने पड़रिया क्षेत्र में कमला बाई के घर पर छापा मारा। इस कार्रवाई में दो प्लास्टिक केन में 25 लीटर अवैध हाथ भट्टी शराब, 32 केनों में 500 किलोग्राम महुआ लाहन, और शराब निर्माण की सामग्री बरामद की गई। महुआ लाहन का उपयोग स्थानीय स्तर पर कच्ची शराब बनाने में किया जाता है, जो स्वास्थ्य के लिए बेहद हानिकारक होती है।
कमला बाई भी छापेमारी के दौरान मौके से फरार हो गई। आबकारी विभाग ने उसके खिलाफ धारा 34(1) च के तहत मामला दर्ज किया और जब्त सामग्री को अपने कब्जे में ले लिया। वृत्त प्रभारी डॉ. सीमा कशीसिया ने बताया, "यह एक सुनियोजित कार्रवाई थी। हमें सूचना मिली थी कि पड़रिया और शांति नगर में अवैध शराब का बड़ा कारोबार चल रहा है। हमारी टीम ने त्वरित कार्रवाई कर इस नेटवर्क को ध्वस्त किया।"

जब्त सामग्री की कीमत और महत्व
आबकारी विभाग के अनुसार, इस कार्रवाई में जब्त की गई 40 लीटर अवैध शराब, 500 किलोग्राम महुआ लाहन, और अन्य सामग्री की अनुमानित कीमत 1.25 लाख रुपये है। यह सामग्री न केवल अवैध थी, बल्कि इसका सेवन स्वास्थ्य के लिए घातक हो सकता था। सहायक आबकारी आयुक्त वीरेंद्र धाकड़ ने बताया, "हाथ भट्टी शराब और महुआ लाहन का कारोबार न केवल कानून के खिलाफ है, बल्कि यह समाज के लिए भी खतरा है। ऐसी शराब के सेवन से कई बार लोगों की जान चली जाती है।"
कार्रवाई में शामिल टीम
इस कार्रवाई का नेतृत्व नियंत्रण कक्ष प्रभारी आर.जी. भदौरिया ने किया, जबकि वृत्त प्रभारी डॉ. सीमा कशीसिया की देखरेख में पूरी प्रक्रिया को अंजाम दिया गया। जिला आबकारी अमले की पूरी टीम इस ऑपरेशन में शामिल थी, जिसमें निरीक्षक, उप-निरीक्षक, और अन्य कर्मचारी मौजूद रहे। कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह ने इस कार्रवाई की सराहना करते हुए कहा, "आबकारी विभाग ने अवैध शराब के खिलाफ सख्ती दिखाई है। यह कार्रवाई समाज को सुरक्षित बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है।"
आरोपियों की तलाश जारी
आबकारी विभाग ने बताया कि दोनों आरोपी-लखन बंजारा और कमला बाई-छापेमारी के दौरान फरार हो गए। उनकी तलाश के लिए विशेष टीमें गठित की गई हैं, जो आसपास के इलाकों में छानबीन कर रही हैं। सूत्रों के अनुसार, ये दोनों लंबे समय से अवैध शराब के कारोबार में शामिल थे और स्थानीय स्तर पर एक नेटवर्क चला रहे थे। पुलिस और आबकारी विभाग अब इस नेटवर्क के अन्य सदस्यों की भी तलाश कर रहे हैं।
अवैध शराब का खतरा, स्वास्थ्य और सामाजिक प्रभाव
मध्य प्रदेश में अवैध शराब का कारोबार एक गंभीर समस्या है। हाथ भट карты शराब और महुआ लाहन से बनी कच्ची शराब का सेवन अक्सर गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं और मौत का कारण बनता है। 2023 में मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले में कच्ची शराब पीने से 6 लोगों की मौत हो गई थी, जिसके बाद सरकार ने अवैध शराब के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए थे।
शांति नगर और पड़रिया जैसे क्षेत्रों में अवैध शराब का कारोबार स्थानीय समुदाय, खासकर युवाओं और गरीब वर्ग, को प्रभावित करता है। यह न केवल स्वास्थ्य के लिए खतरा है, बल्कि सामाजिक अपराधों जैसे मारपीट, चोरी, और हिंसा को भी बढ़ावा देता है।
आबकारी विभाग की सख्ती, भविष्य की योजनाएं
सहायक आबकारी आयुक्त वीरेंद्र धाकड़ ने स्पष्ट किया कि अवैध शराब के खिलाफ कार्रवाइयां आगे भी जारी रहेंगी। उन्होंने कहा, "हमारा लक्ष्य भोपाल को अवैध शराब के कारोबार से मुक्त करना है। इसके लिए हम नियमित छापेमारी, सूचना संकलन, और स्थानीय लोगों के सहयोग से काम करेंगे।"
आबकारी विभाग ने हाल के महीनों में भोपाल और आसपास के जिलों में कई बड़ी कार्रवाइयां की हैं। जून 2024 में भोपाल के बैरसिया क्षेत्र में 20 लीटर अवैध शराब और 300 किलोग्राम महुआ लाहन जब्त किया गया था। इस साल मॉनसून के दौरान बारिश के कारण ग्रामीण क्षेत्रों में अवैध शराब का उत्पादन बढ़ गया है, जिसे रोकने के लिए विभाग ने अपनी निगरानी तेज कर दी है।
मॉनसून और चुनौतियां
यह कार्रवाई ऐसे समय में हुई है, जब मध्य प्रदेश भारी बारिश और बाढ़ जैसे हालात से जूझ रहा है। भोपाल, शिवपुरी, श्योपुर, और गुना जैसे जिलों में जलभराव और नदियों का उफान प्रशासन के लिए चुनौती बना हुआ है। श्योपुर में सीप नदी के उफान पर होने और शिवपुरी में पवा जलप्रपात के बहने की खबरें भी सामने आई हैं। इन परिस्थितियों में आबकारी विभाग की यह कार्रवाई और भी महत्वपूर्ण हो जाती है, क्योंकि बारिश के मौसम में ग्रामीण क्षेत्रों में अवैध शराब का उत्पादन और वितरण बढ़ जाता है।
लोगों ने इस कार्रवाई पर क्या कहा, जानिए
इस कार्रवाई को लेकर सोशल मीडिया पर लोगों ने आबकारी विभाग की तारीफ की है। एक X यूजर ने लिखा, "भोपाल आबकारी विभाग ने शानदार काम किया। अवैध शराब समाज के लिए जहर है, इसे जड़ से खत्म करना जरूरी है।" एक अन्य यूजर ने चिंता जताते हुए लिखा, "आरोपी फरार हो गए, लेकिन विभाग को चाहिए कि पूरे नेटवर्क को पकड़े, ताकि यह कारोबार पूरी तरह बंद हो।"
कुछ यूजर्स ने यह भी सवाल उठाया कि बारिश के मौसम में ऐसी कार्रवाइयों को और तेज करने की जरूरत है, क्योंकि ग्रामीण क्षेत्रों में कच्ची शराब का उत्पादन बढ़ जाता है।
प्रशासन और समाज की भूमिका
यह कार्रवाई मध्य प्रदेश सरकार की अवैध शराब के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति को दर्शाती है। कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह ने कहा, "अवैध शराब का कारोबार न केवल कानून के खिलाफ है, बल्कि यह समाज के लिए भी खतरा है। हम स्थानीय लोगों से अपील करते हैं कि वे ऐसी गतिविधियों की सूचना तुरंत प्रशासन को दें।"
आबकारी विभाग ने एक हेल्पलाइन नंबर (1800-XXX-XXXX) भी जारी किया है, जिस पर लोग अवैध शराब के कारोबार की गोपनीय सूचना दे सकते हैं। विभाग ने यह भी सुनिश्चित किया है कि सूचना देने वालों की पहचान गुप्त रखी जाएगी।












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