दीवाली मिलन पर CM मोहन यादव पहुंचे BJP प्रवक्ता दुर्गेश केसवानी के निवास, स्व. दादा केसवानी को दी श्रद्धांजलि
दीपावली का पर्व रोशनी, मिठास और उमंग का प्रतीक है, लेकिन इस बार भोपाल में यह उत्सव एक भावनात्मक और संवेदनशील रंग में रंगा नजर आया। सोमवार देर शाम मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने दीवाली मिलन के अवसर पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रदेश प्रवक्ता डॉ दुर्गेश केसवानी के भोपाल स्थित निवास पर पहुंचकर न सिर्फ त्योहार की खुशियां बांटीं, बल्कि उनके स्वर्गीय पिता दादा केसवानी को श्रद्धांजलि अर्पित कर एक अविस्मरणीय पल भी जोड़ा।
इस मुलाकात ने दीपों की जगमगाहट के बीच परिवार और समाज के लिए एक गहरे जुड़ाव का संदेश दिया। मुख्यमंत्री की यह आत्मीयता न केवल केसवानी परिवार, बल्कि पूरे भोपाल में चर्चा का विषय बनी हुई है।

आत्मीय स्वागत और भावपूर्ण श्रद्धांजलि
मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव का केसवानी निवास पर आगमन दीवाली की रौनक को दोगुना करने वाला था। उनके साथ भोपाल सांसद आलोक शर्मा, विधायक भगवानदास सबनानी, भाजपा जिला अध्यक्ष रविंद्र यति और कई अन्य वरिष्ठ पार्टी पदाधिकारी भी मौजूद रहे। जैसे ही सीएम ने स्व. दादा केसवानी के चित्र पर पुष्प अर्पित किए, वहां मौजूद हर शख्स की आंखें नम हो गईं। यह पल सिर्फ एक औपचारिकता नहीं था, बल्कि एक परिवार के प्रति मुख्यमंत्री की गहरी संवेदनशीलता का प्रतीक था।
डॉ दुर्गेश केसवानी ने इस अवसर पर अपनी भावनाएं व्यक्त करते हुए कहा, "मुख्यमंत्री जी का हमारे घर आना और पिताजी को श्रद्धांजलि देना हमारे लिए बहुत बड़ा सम्मान है। उनकी आत्मीयता ने इस दीवाली को और भी खास बना दिया। यह पल हमेशा हमारे दिलों में रहेगा।" इस दौरान परिवार की ओर से धीरज केसवानी और यश केसवानी ने मुख्यमंत्री को स्मृति चिन्ह भेंट किया, जिसे स्वीकार करते हुए डॉ. यादव ने परिवार की गर्मजोशी की सराहना की।
स्व दादा केसवानी: समाजसेवा का एक प्रेरक अध्याय
स्व. दादा केसवानी भोपाल के एक सम्मानित समाजसेवी थे, जिन्होंने अपने जीवनकाल में शिक्षा, स्वास्थ्य और सामुदायिक विकास के क्षेत्र में कई उल्लेखनीय कार्य किए। उनके योगदान को याद करते हुए सांसद आलोक शर्मा ने कहा, "दादा जी का जीवन हम सभी के लिए प्रेरणा है। उन्होंने समाज के हर वर्ग को जोड़ने का काम किया।" विधायक भगवानदास सबनानी ने भी उनके कार्यों की प्रशंसा करते हुए कहा कि दादा केसवानी का नाम भोपाल में हमेशा सम्मान के साथ लिया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने भी अपने संबोधन में स्व. दादा केसवानी के योगदान को याद किया। उन्होंने कहा, "दीवाली का यह अवसर हमें अपने उन लोगों को याद करने का मौका देता है, जिन्होंने समाज के लिए अपना सब कुछ समर्पित किया। दादा जी का जीवन एक मिसाल है, और मैं उनके परिवार के साथ इस पर्व को साझा कर गौरवान्वित महसूस कर रहा हूं।"
दीवाली मिलन: उत्सव और एकजुटता का संगम
यह दीवाली मिलन समारोह सिर्फ एक औपचारिक मुलाकात नहीं था, बल्कि भाजपा की उस संस्कृति का प्रतीक था, जो कार्यकर्ताओं और नेताओं को एक परिवार की तरह जोड़ती है। केसवानी निवास पर सजी दीवानों की रोशनी, मिठाइयों की मिठास और मेहमानों के स्वागत में बिखरी गर्मजोशी ने इस आयोजन को यादगार बना दिया। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक, हर कोई इस पल का हिस्सा बना। दीवाली की शुभकामनाओं के साथ-साथ, कई नेताओं ने सामाजिक एकता और विकास के लिए मिलकर काम करने का संकल्प दोहराया।
भाजपा जिला अध्यक्ष रविंद्र यति ने कहा, "यह दीवाली मिलन हमें एकजुट होने का अवसर देता है। मुख्यमंत्री जी का समय निकालकर यहां आना यह दर्शाता है कि हमारा संगठन कार्यकर्ताओं के सुख-दुख में साथ है।" इस अवसर पर कई कार्यकर्ताओं ने भी अपने विचार साझा किए और दीवाली के इस उत्सव को सामाजिक समरसता का प्रतीक बताया।
भोपाल में दीवाली की धूम: नेताओं का जनसंपर्क
मुख्यमंत्री का यह दौरा भोपाल में दीवाली के दौरान नेताओं की सक्रियता का हिस्सा था। शहर के कई हिस्सों में दीवाली मिलन समारोह आयोजित किए गए, जहां राजनेता और सामाजिक कार्यकर्ता लोगों से मिले। लेकिन डॉ. मोहन यादव का केसवानी निवास पर दौरा खास इसलिए रहा, क्योंकि यह केवल उत्सव तक सीमित नहीं था, बल्कि इसमें एक परिवार के प्रति सम्मान और संवेदनशीलता का भाव भी शामिल था।
आगे की राह: दीवाली का संदेश और सामाजिक जिम्मेदारी
मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने इस अवसर पर दीवाली के सामाजिक महत्व पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा, "यह पर्व हमें न केवल रोशनी फैलाने की प्रेरणा देता है, बल्कि समाज के हर तबके को साथ लेकर चलने का संदेश भी देता है।" उन्होंने कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे दीवाली को पर्यावरण के प्रति जागरूकता के साथ मनाएं और जरूरतमंदों तक मदद पहुंचाएं।
यह आयोजन भोपाल की सांस्कृतिक और राजनीतिक एकता का एक खूबसूरत उदाहरण बन गया। केसवानी परिवार ने भी इस मुलाकात के लिए मुख्यमंत्री और सभी मेहमानों का आभार व्यक्त किया। डॉ. दुर्गेश केसवानी ने कहा, "हमारा परिवार इस आत्मीयता के लिए हमेशा आभारी रहेगा। यह दीवाली हमारे लिए सिर्फ उत्सव नहीं, बल्कि एक भावनात्मक बंधन का प्रतीक बन गई है।"












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