MP News: ईद-उल-फितर: भोपाल में नमाज के बाद शहर काजी ने दी खास सलाह, विरोध प्रदर्शन और फलस्तीन के लिए दुआ
Bhopal News: ईद-उल-फितर का पवित्र त्योहार सोमवार को देशभर में हर्षोउल्लास के साथ मनाया जा रहा है। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में भी यह त्योहार खास धूमधाम से मनाया गया।
इस मौके पर ईदगाह, जामा मस्जिद और मोती मस्जिद सहित अन्य मस्जिदों में ईद की नमाज अदा की गई और देश में अमन-चैन एवं खुशहाली की दुआ की गई।

चांद के दीदार के बाद ईद का ऐलान
रविवार शाम को रूअत-ए-हिलाल कमेटी ने चांद दिखने की पुष्टि की थी। इसके बाद, शहर काजी सैयद मुश्ताक अली नदवी की अगुवाई में भोपाल के मोती मस्जिद में चांद का दीदार किया गया। इस मौके पर शहर के प्रमुख धार्मिक नेता और समुदाय के सदस्य एकत्रित हुए, और चांद की तस्दीक की गई। देशभर के विभिन्न हिस्सों से भी चांद दिखने की पुष्टि की गई, जिससे ईद के मौके का ऐलान किया गया।
नमाज के बाद शहर काजी की विशेष तकरीर
भोपाल में ईदगाह पर मुख्य नमाज का आयोजन सुबह 7:30 बजे हुआ। जैसे हर साल, इस बार भी तोप से गोले दागकर नमाज की सूचना दी गई। नमाज के बाद, शहर काजी सैयद मुश्ताक अली नदवी ने तकरीर करते हुए खास संदेश दिए। उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे नशे से दूर रहें, अपनी कमाई को हलाल रखें और सही तरीके से जीवन जीने का प्रयास करें।
शहर काजी ने कहा, "अपने रोजमर्रा के खर्चों को कम करो, लेकिन बच्चों की अच्छी तालीम पर खास ध्यान दो। शिक्षा वह शक्ति है, जो समाज और देश को आगे बढ़ाती है। बच्चों को सही दिशा में तालीम देने से न केवल उनका भविष्य संवरता है, बल्कि देश की तरक्की भी सुनिश्चित होती है।"

नशे से दूरी और हलाल कमाई पर जोर
शहर काजी ने विशेष रूप से नशे से दूर रहने और हलाल कमाई पर ध्यान देने की बात की। उन्होंने युवा पीढ़ी से अपील करते हुए कहा कि उन्हें अपने चरित्र और गुणों पर ध्यान देना चाहिए। "सिर्फ पैसा कमाना ही नहीं, बल्कि उसे सही तरीके से कमाना चाहिए। हलाल और हराम के फर्क को समझो, ताकि जीवन में सच्चाई और ईमानदारी का पालन हो," काजी ने अपनी तकरीर में कहा।
विरोध प्रदर्शन में शामिल नमाजी
भोपाल में इस बार ईद की नमाज अदा करने के लिए पहुंचे मुस्लिम धर्मावलंबी अपनी बांह पर काली पट्टी बांधकर आए। इन नमाजियों ने वक्फ अमेंडमेंट बिल का विरोध किया, जो मस्जिदों, दरगाहों और मदरसों की संपत्तियों को प्रभावित करने की संभावना रखता है। ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने मुस्लिम समुदाय से काली पट्टी बांधकर शांतिपूर्ण और मौन विरोध प्रदर्शन करने की अपील की थी। बोर्ड ने चेतावनी दी थी कि यदि यह बिल पारित हो गया, तो मस्जिदें, कब्रिस्तान और अन्य मुस्लिम संस्थान सरकारी नियंत्रण में आ सकते हैं, जिससे मुस्लिम समुदाय को बड़े नुकसान का सामना करना पड़ सकता है।
फलस्तीन के समर्थन में प्रदर्शन और दुआ
भोपाल के ईदगाह के बाहर कुछ युवा फलस्तीन के समर्थन में बैनर लेकर खड़े नजर आए। इन युवाओं ने अपना समर्थन और एकजुटता जताने के लिए प्रदर्शन किया। नमाज के बाद, फलस्तीन के लोगों के लिए भी दुआ की गई। यह पहल भारत के मुस्लिम समुदाय द्वारा अपने अंतरराष्ट्रीय एकजुटता और मानवाधिकारों के लिए आवाज उठाने का प्रतीक बनी।
ईद का उत्साह और भाईचारे का संदेश
ईद-उल-फितर का त्योहार न केवल मुस्लिम समुदाय के लिए खुशी का मौका है, बल्कि यह एकता, भाईचारे और दया का भी प्रतीक है। इस अवसर पर ज़कात और फितरा जैसे दान भी दिए जाते हैं, ताकि गरीब और जरूरतमंदों की मदद की जा सके। इस बार भी भोपाल में ईद के जश्न में खास गर्मजोशी देखने को मिली, जहां मस्जिदों में नमाज अदा करने के बाद लोग एक-दूसरे को गले लगाकर ईद की मुबारकबाद दे रहे थे।












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