ED के समन को एमपी के नेता प्रतिपक्ष गोविन्द सिंह ने सुप्रीम कोर्ट में दी चुनौती, मनी लॉन्ड्रिंग का मामला
ईडी के खिलाफ मध्य प्रदेश के नेता प्रतिपक्ष डॉ. गोविन्द सिंह ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। दरअसल नेता प्रतिपक्ष ने अदालत में ईडी के उस समन को चुनौती दी, जिसमें उन्हें दिल्ली मुख्यालय हाजिर होने कहा गया था।

ED's notice challenge by MP Opposition Leader: मध्य प्रदेश के नेता प्रतिपक्ष गोविन्द सिंह ने ईडी के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है। दरअसल जनवरी 2023 में प्रवर्तन निदेशालय ने गोविन्द सिंह को दिल्ली दफ्तर में हाजिर होने समन जारी किया था। जिस पर नेता प्रतिपक्ष की ओर से वकील के माध्यम से ईडी को कारण बताओं नोटिस जारी किया गया। महीने भर की मोहलत के बावजूद जब कोई जबाब नहीं आया, तो उन्होंने इस मामले में ईडी के नोटिस को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी हैं।

सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता विवेक कृष्ण तन्खा ने बताया कि 13 जनवरी 2023 को प्रवर्तन निदेशालय मुख्यालय के असिस्टेंट डायरेक्टर दीपक चुन्बुक ने गोविन्द सिंह को नोटिस भेजा था। जिसमें मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट 2002 ( 15 of 2003) का उल्लेख था। जिसमें नेता प्रतिपक्ष को 27 जनवरी दिल्ली मुख्यालय में हाजिर होने कहा गया। इस सिले गोविन्द सिंह अपने अधिवक्ता की सलाह ली। नोटिस के सन्दर्भ में अधिवक्त एके माध्यम से ईडी से कारण जानने नोटिस भेजा गया। लेकिन कोई जबाब नहीं आया। बिना कोई कारण बताए भेजे गए इस नोटिस के खिलाफ गोविन्द सिंह ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है।
गोविन्द सिंह का कहना है कि चुनाव करीब आ रहे है, लिहाजा उनकी चिवी धूमिल करने किसी न किसी वजह से प्रयास किया जा रहा है। अकारण सीबीआई, ईडी के जरिए विपक्ष को डराने धमकाने की साजिश चल रही हैं। लेकिन वह तटस्थ है और अदालत के माध्यम से वे ऐसी स्थितियों से निपटेंगे। क्योकि हर चुनाव में उन्होंने अपनी संपत्ति का लेखा-जोखा शपथ पत्र के साथ भी दिया हैं। पारिवारिक पृष्ठ भूमि कृषक परिवार से रही है। सात चुनाव जीते है और पहले कभी ऐसी परिस्थियाँ नहीं बनी। उनके इस मामले की वरिष्ठ अधिवक्ता विवेक तन्खा और कपिल सिब्बल पैरवी कर रहे हैं। इस याचिका के सिलसिले में सुप्रीम कोर्ट के तीन जजों की बैंच सुनवाई करेगी।












Click it and Unblock the Notifications