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Bhopal News: घरेलू गैस सिलेंडर पर सख्ती, कलेक्टर ने जारी किया आदेश, होटल-रेस्टोरेंट में होगी कड़ी कार्रवाई

मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में अब शादी समारोह, होटल, रेस्टोरेंट, और हलवाई प्रतिष्ठानों में घरेलू गैस सिलेंडर के उपयोग पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया गया है। जिला कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह ने गुरुवार, 4 सितंबर 2025 को इस संबंध में प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किए। आदेश के तहत, व्यावसायिक गतिविधियों में घरेलू गैस सिलेंडर का उपयोग और गैस का अवैध अंतरण पूरी तरह प्रतिबंधित है।

उल्लंघन करने वालों के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 की धारा 3 और 7 के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी, जिसमें थाने में FIR दर्ज करना शामिल है। हाल ही में बरखेड़ी, जहांगीराबाद में अवैध गैस रिफिलिंग सेंटर पर छापेमारी के बाद यह कदम और सख्ती से लागू किया जा रहा है।

Domestic gas cylinder Collector issued restrictive order in mp action on hotels and restaurants

कलेक्टर का आदेश: केवल व्यावसायिक सिलेंडर का उपयोग अनिवार्य

कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह ने अपने आदेश में स्पष्ट किया कि भोपाल में सभी शादी हॉल, होटल, रेस्टोरेंट, और हलवाई प्रतिष्ठानों में खाना, मिठाई, नमकीन आदि बनाने के लिए केवल व्यावसायिक गैस सिलेंडर का उपयोग किया जाएगा। घरेलू गैस सिलेंडर, जो सब्सिडी पर उपलब्ध होते हैं, का व्यावसायिक उपयोग पूरी तरह प्रतिबंधित है। इसके अलावा, गैस का अवैध अंतरण (घरेलू से व्यावसायिक सिलेंडर में गैस ट्रांसफर) भी गैरकानूनी घोषित किया गया है।

कलेक्टर ने नगर निगम कमिश्नर हरेंद्र नारायण को निर्देश दिए हैं कि वे शहर के सभी शादी हॉल, होटल, और हलवाई प्रतिष्ठानों में बैनर लगवाएं, जिसमें स्पष्ट रूप से लिखा हो कि प्रतिष्ठान में केवल व्यावसायिक गैस सिलेंडर का उपयोग हो रहा है। web:2 यह कदम न केवल नियमों का पालन सुनिश्चित करेगा, बल्कि जनता में जागरूकता भी बढ़ाएगा।

गैस एजेंसियों की जिम्मेदारी: वैध बिल अनिवार्य

कलेक्टर के आदेश में गैस एजेंसी संचालकों को भी जिम्मेदार ठहराया गया है। सभी व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को यह सुनिश्चित करना होगा कि उनके द्वारा उपयोग किए जा रहे गैस सिलेंडर वैध गैस एजेंसियों से खरीदे गए हों और उनके पास देयक (बिल) उपलब्ध हो। यदि कोई प्रतिष्ठान बिना बिल के सिलेंडर का उपयोग करता पाया गया, तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

कलेक्टर ने चेतावनी दी कि नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 की धारा 3 और 7 के तहत सख्त कार्रवाई होगी। इसमें जुर्माना, सिलेंडर जब्ती, और FIR दर्ज करना शामिल है।

बरखेड़ी में अवैध रिफिलिंग सेंटर पर कार्रवाई

इस आदेश के महत्व को समझने के लिए हाल की एक घटना को देखना जरूरी है। दो दिन पहले, भोपाल के बरखेड़ी, जहांगीराबाद इलाके में एक तीन मंजिला मकान में अवैध गैस रिफिलिंग सेंटर का भंडाफोड़ किया गया। खाद्य विभाग ने 21 दिन पहले इस सेंटर पर छापेमारी की थी, जिसमें 35 घरेलू गैस सिलेंडर जब्त किए गए। जांच में पता चला कि इस सेंटर में घरेलू सिलेंडरों से व्यावसायिक सिलेंडरों में गैस ट्रांसफर की जा रही थी, जो न केवल गैरकानूनी है, बल्कि सुरक्षा की दृष्टि से भी खतरनाक है।

जहांगीराबाद पुलिस ने कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारी वसुंधरा पेंड्रो की शिकायत पर सेंटर संचालक खालिद पिता लियाकत अली के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम की धारा 3 और 7 के तहत FIR दर्ज की। इस कार्रवाई ने शहर में अवैध गैस रिफिलिंग की गंभीर समस्या को उजागर किया और कलेक्टर के इस नए आदेश की पृष्ठभूमि तैयार की।

क्यों जरूरी है यह प्रतिबंध?

घरेलू गैस सिलेंडर सब्सिडी पर आम जनता के लिए उपलब्ध कराए जाते हैं, ताकि घरेलू उपयोग के लिए सस्ता ईंधन मिल सके। लेकिन कई होटल, रेस्टोरेंट, और हलवाई प्रतिष्ठान लागत कम करने के लिए इन सिलेंडरों का दुरुपयोग करते हैं। इससे न केवल सरकारी खजाने को नुकसान होता है, बल्कि सुरक्षा जोखिम भी बढ़ता है। घरेलू सिलेंडर व्यावसायिक उपयोग के लिए डिज़ाइन नहीं किए जाते, और इनके गलत इस्तेमाल से आग या विस्फोट जैसी दुर्घटनाएं हो सकती हैं।

हाल के वर्षों में भोपाल में कई ऐसी घटनाएं सामने आई हैं, जहां अवैध रिफिलिंग या घरेलू सिलेंडरों के दुरुपयोग के कारण दुर्घटनाएं हुईं। कलेक्टर का यह आदेश इन खतरों को रोकने और नियमों का पालन सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

नगर निगम की भूमिका: बैनर और निरीक्षण

कलेक्टर ने नगर निगम कमिश्नर हरेंद्र नारायण को निर्देश दिए हैं कि वे सभी व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में बैनर लगवाएं, जिसमें यह स्पष्ट हो कि केवल व्यावसायिक गैस सिलेंडर का उपयोग हो रहा है। इसके अलावा, नगर निगम को नियमित निरीक्षण करने और नियमों का उल्लंघन करने वालों की सूची तैयार करने को कहा गया है।

नगर निगम ने पहले ही कई क्षेत्रों में निरीक्षण शुरू कर दिए हैं। खाद्य विभाग और पुलिस के साथ मिलकर संयुक्त टीमें गठित की गई हैं, जो होटल, रेस्टोरेंट, और शादी हॉलों में गैस सिलेंडरों की जांच करेंगी। बरखेड़ी की घटना के बाद यह कार्रवाई और तेज कर दी गई है।

जनता और प्रतिष्ठानों से अपील

कलेक्टर ने जनता और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों से अपील की है कि वे इस आदेश का सख्ती से पालन करें। उन्होंने कहा, "घरेलू गैस सिलेंडर का उपयोग केवल घरेलू कार्यों के लिए किया जाना चाहिए। इसका व्यावसायिक दुरुपयोग न केवल गैरकानूनी है, बल्कि जनसुरक्षा के लिए भी खतरा है।"

स्थानीय होटल और रेस्टोरेंट मालिकों ने इस आदेश का स्वागत किया है, लेकिन कुछ ने लागत बढ़ने की चिंता जताई। एक रेस्टोरेंट मालिक राकेश शर्मा ने कहा, "हम व्यावसायिक सिलेंडर का उपयोग करते हैं, लेकिन इनकी कीमत घरेलू सिलेंडर से ज्यादा होती है। प्रशासन को गैस एजेंसियों पर भी नजर रखनी चाहिए ताकि सिलेंडरों की कालाबाजारी न हो।"

भोपाल में पहले भी हो चुकी है कार्रवाई

भोपाल में अवैध गैस रिफिलिंग और घरेलू सिलेंडरों के दुरुपयोग पर पहले भी कार्रवाई हो चुकी है। पिछले साल, एमपी नगर और कोलार क्षेत्र में कई अवैध रिफिलिंग सेंटरों पर छापेमारी की गई थी, जिसमें सैकड़ों सिलेंडर जब्त किए गए थे। इसके बावजूद, यह समस्या पूरी तरह खत्म नहीं हुई है, जिसके कारण कलेक्टर को यह सख्त कदम उठाना पड़ा।

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