MP News: भोपाल में एक्सीडेंट के बाद अस्पताल में तोड़फोड़ से डॉक्टर्स नाराज, सोमवार को पुलिस कमिश्नर से मिलेंगे
Bhopal News: शुक्रवार रात गोविंदपुरा क्षेत्र में एक सड़क हादसे के बाद सिटी अस्पताल में हुई तोड़फोड़ को लेकर डॉक्टर्स का गुस्सा बढ़ता जा रहा है।
इस घटना के विरोध में शनिवार शाम को यूनाइटेड डॉक्टर्स फेडरेशन की बैठक हुई, जिसमें प्राइवेट मेडिकल प्रैक्टिशनर, नर्सिंग होम एसोसिएशन, मेडिकल टीचर्स एसोसिएशन और जूनियर डॉक्टर शामिल हुए।

डॉक्टर्स ने रविवार दोपहर 12.30 बजे भोपाल पुलिस कमिश्नर हरि नारायण चारी मिश्र से मिलने का प्लान बनाया है। एमपी नर्सिंग होम एसोसिएशन के सेक्रेटरी डॉक्टर संजय गुप्ता ने स्पष्ट किया कि यदि सरकार या पुलिस-प्रशासन ने उचित कार्रवाई नहीं की, तो डॉक्टर्स आंदोलन करेंगे। इसमें अस्पतालों को बंद करने से लेकर सड़कों पर उतरने तक की कार्रवाई की जा सकती है।

घटना का विवरण: शुक्रवार रात 8.30 बजे गोविंदपुरा में एक कार ने बाइक को टक्कर मार दी, जिसके बाद कार ने बाइक को 10 मीटर तक घसीटते हुए ले जाया। बाइक चला रहे राकेश (20) की मौके पर ही मौत हो गई। उसे सिटी हॉस्पिटल लाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। युवक की मौत के बाद अस्पताल के बाहर भीड़ उग्र हो गई, जिसने अस्पताल में पत्थर फेंककर और तोड़फोड़ कर दी। इस दौरान डॉक्टर और उनके परिवार के सदस्य भी घायल हो गए।
शनिवार को युवक के परिजनों ने सिटी हॉस्पिटल के बाहर शव रखकर प्रदर्शन किया और अस्पताल को सील करने की मांग की। पुलिस के आश्वासन के बाद प्रदर्शन खत्म कर दिया गया, और शव को नरसिंहगढ़ रवाना कर दिया गया।डॉक्टर्स और अस्पतालों के इस संकट के बीच, स्थिति को सामान्य करने और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन और पुलिस को जल्द से जल्द ठोस कदम उठाने की आवश्यकता है।

नर्सिंग होम एसोसिएशन ने की कार्रवाई की मांग
एसोसिएशन के सेक्रेटरी डॉक्टर संजय गुप्ता ने कहा कि हमें न केवल प्रोटेक्शन चाहिए, बल्कि उन आरोपियों के खिलाफ ठोस कार्रवाई की भी आवश्यकता है जिन्होंने अस्पताल में हिंसा की, डॉक्टरों के बच्चों को पीटा और उनकी पत्नियों के साथ दुर्व्यवहार किया।
डॉक्टर संजय गुप्ता ने बैठक के बाद बताया कि इस घटना में मध्यप्रदेश नर्सिंग होम एसोसिएशन, मध्यप्रदेश टीचर्स एसोसिएशन, जूनियर डॉक्टर्स एसोसिएशन (जूडा) और मेडिकल ऑफिसर एसोसिएशन के प्रतिनिधि शामिल हुए। उन्होंने कहा कि आरोपियों के खिलाफ नामजद एफआईआर दर्ज होनी चाहिए और उन्हें सजा दिलाई जानी चाहिए।
उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा, "अगर हमें सुरक्षा और उचित प्रशासनिक कार्रवाई नहीं मिलती है, तो यह समस्या बार-बार उठती रहेगी। कलकलकत्ता, आजभोपाल, परसों मुंबई-ऐसे ही हालात सभी जगह बन सकते हैं।" डॉक्टर गुप्ता ने सरकार और प्रशासन से तात्कालिक कदम उठाने की मांग की है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचा जा सके और चिकित्सा पेशेवरों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।












Click it and Unblock the Notifications