जिला पंचायत अध्यक्ष चुनाव में गड़बड़ी को लेकर भिडे़ दिग्विजय और विश्वास सारंग, हाथापाई की आ गई नौबत
भोपाल में जिला पंचायत कार्यालय के बाहर पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह और चिकित्सा शिक्षा मंत्री विश्वास सारंग के बीच जमकर बहस हुई। मंत्री विश्वास सारंग ने गाड़ी से उतर कर कहा कि दादागिरी नहीं चलेगी।
भोपाल, 29 जुलाई। भोपाल में जिला पंचायत अध्यक्ष की कुर्सी को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह और चिकित्सा शिक्षा मंत्री विश्वास सारंग के बीच जमकर बहस हो गई। यह बहस दिग्विजय सिंह के आरोप के बाद हुई। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि पुलिस और प्रशासन सरकार के दबाव में काम कर रहे हैं। उनके इस आरोप से मंत्री विश्वास सारंग झल्ला गए और जब वह गाड़ी से उतरे तो कांग्रेस समर्थकों ने उन्हें घेर लिया। इस दौरान सारंग ने कांग्रेस समर्थकों से कहा कि यह दादागिरी नहीं चलेगी। चलो पीछे हटो सब। मंत्री सारंग के इतना बोलते ही स्थिति तनावपूर्ण हो गई और हाथापाई तक की नौबत आ गई। हालांकि पुलिस प्रशासन ने कड़ी मशक्कत करने के बाद मामले को शांत करा दिया।

दिग्विजय ने लगाया था ये आरोप
कांग्रेस सांसद व पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने वोटिंग के दौरान भाजपा पर आरोप लगाते हुए कहा कि कोई भी व्यक्ति जो अशिक्षित है या अपना वोट डालने के योग्य नहीं है। वह परिवार के किसी अन्य सदस्य से वोटिंग करवा सकता है, लेकिन यहां 9 वोट फर्जी मेडिकल सर्टिफिकेट के साथ डाले गए हैं और उन्हें सरकारी कारों में बैठाकर लाया गया।

दिग्विजय के बयान पर मंत्री भूपेंद्र सिंह भी भड़के
दिग्विजय के इस बयान पर शिवराज सरकार के मंत्री भूपेंद्र सिंह भड़क गए। उन्होंने कहा कि जिनकी बात कांग्रेस की तरफ से की जा रही है, वे उनके लोग हैं। मैं कार्यालय के बाहर हूं, यह मेरी निजी कार है। मैं एक मंत्री हूं और मेरे पास वह सुरक्षा है जो एक मंत्री को दी जाती है। जिस किसी का अपहरण हुआ है। उसके परिवार को इसकी सूचना देनी चाहिए, परिवार में किसी को चिंता होनी चाहिए। अगर कांग्रेस को ऐसा लगता है तो कांग्रेसियों को भी रिपोर्ट दर्ज करानी चाहिए।

भाजपा विधायक रामेश्वर शर्मा जिसं सदस्य को ले जाते हुए
जिला पंचायत अध्यक्ष की कुर्सी को लेकर भाजपा ने कांग्रेस समर्थक सदस्य को अपने पाले में कर लिया था। कांग्रेस के नवरंग गुर्जर की पत्नी और जिपं सदस्य रामकुंवर गुर्जर को भाजपा विधायक रामेश्वर शर्मा ने अपने पाले में कर लिया। दोपहर करीब 12:15 पर मंत्री भूपेंद्र सिंह कुछ सदस्यों को अपनी गाड़ी में लेकर पहुंचे। इस दौरान राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह और पूर्व मंत्री सुरेश पचौरी आदि नेताओं की गाड़ी के सामने आ गए, लेकिन हुजूर विधायक रामेश्वर शर्मा सभी सदस्यों को लेकर अंदर चले गए।

सीएम शिवराज ने पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय पर जमकर निशाना साधा
वही इस पूरे मामले पर सीएम शिवराज सिंह चौहान ने पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि ऐसा अशोभनीय व्यवहार किसी पूर्व मुख्यमंत्री को शोभा नहीं देता है। पुलिस अफसर का कॉलर पकड़ रहे हैं, कलेक्ट्रेट के गेट को धक्का देकर तोड़ने की कोशिश कर रहे है। लोकतंत्र में जय और पराजय चलती रहती है, लेकिन ऐसी बौखलाहट कि आप पुलिस अफसर का कॉलर पकड़ें, यह अधिकार आपको किसने दिया? मुझे आश्चर्य है कि कोई व्यक्ति दस साल तक मुख्यमंत्री रहकर ऐसी प्रतिक्रिया दे! यह तो कांग्रेस की बौखलाहट का प्रतीक है।जमीन खिसक गई, तो गालियां दो, कॉलर पकड़ो, मैं इसकी घोर निंदा करता हूं।












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