दिग्विजय सिंह देश के अराजक राजनेता हैं: प्रहलाद पटेल

उन्होंने कहा कि उनके इस कथन कि अब टिकट की दुकान नहीं है से लगता है कि लोकतांत्रिक सौजन्यता और गरिमा समाप्त हो चुकी है और राजनीति कांग्रेस के लिए कारोबार बन चुकी है। लोकतंत्र में हार-जीत, आरोहण-अवरोहण एक नियति है, लेकिन इसका सामना पूरी सहिष्णुता के साथ करना राजनैतिक धर्म होता है। ग्वालियर में जिस तरह कुर्सी की जमावट को उन्होंने अपने अवसान को डूबते सूरज से जोड़ा उससे लगता है कि अब वे स्वयं राजनीति में वास्तविकता से रूबरू होने के बजाय पलायन का रास्ता खोज रहे हैं।
प्रहलाद पटेल ने कहा कि मध्यप्रदेश में 10 वर्षों तक वे मुख्यमंत्री रहे लेकिन जनता में बंटाधार के रूप में छवि बनायी और आज भी वह पहचान मिटा नहीं पाये हैं। कमोवेश उनका यही अंदाज केंद्रीय राजनीति में भी जनता देख कर हैरत में हैं। उन्होंने जिस तरह कहा कि जनता उगते सूरज को पूजती है उनकी पीड़ा का सही इजहार है।












Click it and Unblock the Notifications