Dhar Bhojshala Security: ड्रोन, 3D मैपिंग और 8000 जवानों के बीच एक साथ हुई बसंत पंचमी पूजा और जुमे की नमाज
Dhar Bhojshala Security: मध्यप्रदेश के धार जिले में स्थित विवादित भोजशाला-कमाल मौला मस्जिद परिसर में शुक्रवार को बसंत पंचमी और जुमे की नमाज एक साथ होने के चलते अभूतपूर्व सुरक्षा व्यवस्था देखने को मिली।
पूरे शहर को किले में तब्दील कर दिया गया, जहां ड्रोन कैमरों से निगरानी, शहर की 3D मैपिंग और करीब 8000 से अधिक जवानों की तैनाती की गई। प्रशासन का साफ संदेश था-कानून व्यवस्था से कोई समझौता नहीं होगा।

सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार तय हुआ पूजा और नमाज का समय
इस पूरे घटनाक्रम की पृष्ठभूमि में सुप्रीम कोर्ट का आदेश अहम रहा। अदालत के निर्देशों के अनुसार सुबह 6 बजे से दोपहर 12 बजे तक हिंदू समुदाय द्वारा बसंत पंचमी पर सरस्वती पूजा। दोपहर 1 बजे से 3 बजे तक मुस्लिम समुदाय द्वारा जुमे की नमाज। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि दोनों धार्मिक गतिविधियां समयबद्ध, पृथक और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराई गईं।
8000 जवान, RAF प्लाटून और महिला पुलिस की बड़ी तैनाती
धार जिला प्रशासन के अनुसार, सुरक्षा व्यवस्था के तहत-
13 एसपी स्तर के अधिकारी
- 25 एएसपी
- 67 डीएसपी
- 107 सिटी इंस्पेक्टर
- 393 एसआई/एएसआई
- 4375 से अधिक हेड कांस्टेबल व जवान
- 933 महिला पुलिसकर्मी
- 8 रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) प्लाटून
इसके अलावा 1500 से 2000 अतिरिक्त जवान रिजर्व में रखे गए थे।

ड्रोन निगरानी और शहर की 3D मैपिंग से हर गली पर नजर
सुरक्षा के लिहाज से इस बार तकनीक का व्यापक इस्तेमाल किया गया। पूरे धार शहर की 3D मैपिंग कर सुरक्षा एजेंसियों को हर गली-मोहल्ले की सटीक जानकारी दी गई। ड्रोन कैमरों के जरिए भीड़ की गतिविधियों पर नजर रखी गई, जबकि AI आधारित मॉनिटरिंग सिस्टम से संदिग्ध मूवमेंट की पहचान की गई। भोजशाला क्षेत्र और आसपास 140 से अधिक CCTV कैमरे लगाए गए थे।
नो-फ्लाई जोन, बैरिकेडिंग और सख्त चेकिंग
भोजशाला परिसर और उसके आसपास के क्षेत्र को नो-फ्लाई जोन घोषित किया गया। शहर के सभी प्रवेश मार्गों पर-
- भारी बैरिकेडिंग
- वाहनों की सघन जांच
- केवल अधिकृत पासधारकों को प्रवेश
- साथ ही, एहतियातन पेट्रोल-डीजल और ज्वलनशील पदार्थों की बिक्री पर अस्थायी रोक लगाई गई।
मॉक ड्रिल और रिजर्व फोर्स से हर हालात की तैयारी
किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए 22 जनवरी को पुलिस द्वारा मॉक ड्रिल की गई थी। RAF और CRPF की टीमें रिजर्व में रखी गईं ताकि जरूरत पड़ने पर तुरंत कार्रवाई की जा सके।
पूजा और नमाज शांतिपूर्ण, सैनिटाइजेशन के बाद बदला परिसर
सुबह 6 बजे से सरस्वती पूजा प्रारंभ हुई। सीमित संख्या में श्रद्धालुओं को प्रवेश दिया गया। पूजा के दौरान वैदिक मंत्रोच्चार और अखंड ज्योति प्रज्ज्वलन किया गया। दोपहर 12 बजे पूजा समाप्त होने के बाद पूरे परिसर को सैनिटाइज किया गया। इसके बाद दोपहर 1 बजे से 3 बजे तक जुमे की नमाज शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई।
राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी आईं सामने
इस पूरे घटनाक्रम पर सियासी प्रतिक्रियाएं भी देखने को मिलीं। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा कि सरकार विवाद का स्थायी समाधान निकालने के बजाय तनावपूर्ण माहौल बना रही है। वहीं, भाजपा नेताओं ने सुरक्षा व्यवस्था की सराहना करते हुए प्रशासन की तैयारी को ऐतिहासिक बताया। विश्व हिंदू परिषद ने भोजशाला को मंदिर घोषित करने की मांग दोहराई।
प्रशासन का दावा-कानून व्यवस्था सर्वोपरि
धार जिला प्रशासन का कहना है कि दिनभर हाई अलर्ट रहेगा और किसी भी तरह की अफवाह या उकसावे पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों के मुताबिक, सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का पालन करते हुए सहिष्णुता और सौहार्द बनाए रखना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।












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