More friendship: ये दोस्ती तेरे दम से है, आरिफ के बाद अब दौलतराम और मोर की Dosti, 3 साल से रोज आता है मिलने
More friendship: दौलतराम बताते हैं की 3 साल से यह मोरनी मेरे घर प्रतिदिन सुबह के समय आ जाती है और शाम को जंगल की ओर वापस चली जाती है। ये मोर बच्चों के साथ खेलती है।

Daulatram More Dosti: अब तक इंसानों और पशु-पक्षी की दोस्ती की कई कहानियां आपने देखी और सुनी होगी। हाल ही में यूपी के अमेठी में रहने वाले आरिफ और सारस की दोस्ती के चर्चे पूरे देश में चर्चा का विषय बनी हुई है। कुछ ऐसी ही दोस्ती शिवपुरी जिले के पोहरी क्षेत्र के मालबरबे गांव में देखने को मिली है। यहां एक ग्रामीण की मोर से ऐसी दोस्ती है। मोर उसके साथ पूरा दिन रहता है और रात को अपने झुंड में चला जाता है।
मालबरबे निवासी दौलतराम धाकड़ ने जानकारी दी है कि तीन साल पहले उन्हें जंगल में एक मोर का बच्चा घायल अवस्था में मिला था। आसपास क्षेत्र में कोई मोर नहीं था। जानवर मोर के बच्चे को और घायल न कर सके, इसके लिए वह उसे अपने साथ घर ले आया था। मोर के बच्चे का नाम रूबी रखा था। कुछ ही महीनों में मोर का बच्चा बड़ा होकर दूसरे मोरों के झुंड में शामिल हो गया। लेकिन मोर बड़ा होकर भी उसे नहीं भूला।
दौलतराम के मुताबिक मोर अब 3 वर्ष का हो चुका है। मोर रोज उससे मिलने घर आता है और कुछ घंटे बिताने के बाद झुंड में शामिल हो जाता है। फिर सुबह वह उनके पास आता है। घर के बच्चे भी मोर के साथ खेलते कूदते रहते हैं, ये पिछले 3 वर्षों से चल रहा है। मोर भी दौलतराम के बच्चों के साथ खेलता है और बच्चों को चोट नहीं पहुंचाता। इस दोस्ती के चर्चे पूरे क्षेत्र में हैं। इंसान और मोर के इस दोस्ती को देख सुनकर लोग हैरान हैं।
फाइनल व्यू: कहते है यदि पशु पक्षी से भी सच्चा प्रेम किया जाए तो वह भी वफादार हो जाता है। दौलतराम के प्यार दुलार और देखभाल के चलते रूबी 3 वर्षा की हो गई है। लेकिन अपने दोस्त दौलतराम को नहीं भूली है और आज भी दोलतराम के साथ खेलते हैं और नाचते नजर आती है।












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