संकल्प यात्रा से सत्ता को चुनौती: ग्वालियर हाईकोर्ट में अंबेडकर प्रतिमा के लिए मैदान में उतरी ASP–भीम आर्मी
Damodar Yadav Sankalp Yatra: ग्वालियर हाईकोर्ट परिसर में संविधान निर्माता बाबा साहेब डॉ भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा स्थापना का प्रश्न अब केवल एक स्मारक का मुद्दा नहीं रह गया है, बल्कि यह सामाजिक न्याय, अधिकार और सत्ता संरचना के टकराव का प्रतीक बनता जा रहा है। आज़ाद समाज पार्टी (ASP) और भीम आर्मी ने साफ कर दिया है कि यह लड़ाई अब आर-पार की होगी।
इसी संघर्ष को निर्णायक मोड़ देने के लिए "संकल्प यात्रा" के दूसरे चरण की औपचारिक शुरुआत कर दी गई है। यात्रा के संयोजक, आज़ाद समाज पार्टी-भीम आर्मी के राष्ट्रीय कोर कमेटी सदस्य एवं DPSS के संस्थापक दामोदर यादव मंडल ने भोपाल में आयोजित पत्रकारवार्ता में ऐलान किया कि 15 मार्च को ग्वालियर में एक लाख कार्यकर्ताओं के साथ पहुंचकर ग्वालियर हाईकोर्ट परिसर में बाबा साहेब की प्रतिमा स्थापित की जाएगी।

"मूर्ति नहीं, अधिकारों का प्रतीक है अंबेडकर प्रतिमा"
दामोदर यादव मंडल ने दो टूक कहा कि बाबा साहेब की प्रतिमा उनके लिए केवल पत्थर या धातु की आकृति नहीं है, बल्कि यह स्वतंत्र भारत में दलित, पिछड़े और वंचित वर्गों के अधिकारों का जीवंत प्रमाण होगी। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रतिमा स्थापना के विरोध के पीछे सरकार और उसके संरक्षण में पल रहे मनुवादी सोच के लोग हैं, जिन्होंने इस मुद्दे को जानबूझकर वर्ग संघर्ष की स्थिति में धकेला है।
यादव ने कहा कि बाबा साहेब ने सामाजिक समरसता और समानता की नींव रखी थी। ऐसे में हाईकोर्ट परिसर जैसे संवैधानिक संस्थान में उनकी प्रतिमा का विरोध करना, संविधान की आत्मा का विरोध है।
प्रदेशभर में सभाएं, नुक्कड़ बैठकों से बनेगा जनदबाव
संकल्प यात्रा के माध्यम से प्रदेशभर में 50 बड़ी सभाएं और 100 से अधिक नुक्कड़ सभाएं आयोजित की जाएंगी। इन सभाओं का मकसद सिर्फ प्रतिमा स्थापना नहीं, बल्कि बहुजन समाज को राजनीतिक और सामाजिक रूप से एकजुट करना है। ASP ने साफ किया है कि यह यात्रा उन क्षेत्रों से भी गुजरेगी, जिन्हें राजनीतिक और वैचारिक रूप से प्रभावशाली माना जाता है।
दिग्विजय सिंह और धीरेंद्र शास्त्री के गढ़ में भी रैलियां
यात्रा के दौरान कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह के गढ़ और कथावाचक धीरेंद्र शास्त्री के प्रभाव क्षेत्र में भी विशाल रैलियां की जाएंगी। दामोदर यादव मंडल ने कहा कि दिग्विजय सिंह के बेटे जयवर्धन द्वारा संशोधित UGC एक्ट के विरोध को लेकर भ्रम फैलाया गया है। ASP वहां जाकर बताएगी कि UGC का विरोध किसी एक कानून का नहीं, बल्कि पूरे OBC वर्ग के अधिकारों का विरोध है।
वहीं धीरेंद्र शास्त्री के क्षेत्र में रैली को लेकर पार्टी का कहना है कि यह आडंबर, पाखंड और सामाजिक गैर-बराबरी के खिलाफ वैचारिक संघर्ष का हिस्सा होगा।
UGC के मुद्दे पर फिर सड़कों पर उतरने का ऐलान
ASP और भीम आर्मी ने स्पष्ट किया है कि UGC एक्ट पर सुप्रीम कोर्ट द्वारा लगाए गए स्टे के विरोध में आंदोलन और तेज होगा। प्रदेश प्रभारी विनोद अंबेडकर और युवा प्रदेश अध्यक्ष अनिल गुर्जर ने आरोप लगाया कि पहले आंदोलन को पुलिस ने वाटर कैनन और लाठीचार्ज के जरिए दबाने की कोशिश की, लेकिन इससे आंदोलन और मजबूत हुआ है।
उन्होंने कहा कि पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष सांसद चंद्रशेखर आज़ाद के निर्देश पर CM हाउस के घेराव सहित बड़े आंदोलन की तैयारी की जा रही है और हर हाल में UGC लागू करवाया जाएगा।
यात्रा को मिली राजनीतिक और वैचारिक धार
संकल्प यात्रा के दूसरे चरण की शुरुआत पूर्व विधायक आरडी प्रजापति और भीम आर्मी के वरिष्ठ नेता अमर सिंह ने हरी झंडी दिखाकर की। इस मौके पर आरडी प्रजापति ने कहा कि उन्होंने आडंबर और पाखंड के खिलाफ जो संघर्ष शुरू किया था, उसे अब दामोदर मंडल पूरी ताकत से आगे बढ़ा रहे हैं। इसी कारण यात्रा के दौरान उन इलाकों में भी रैली की जाएगी, जहां से सामाजिक पाखंड को बढ़ावा मिलता रहा है।
राजनीतिक संकेत और आने वाले दिन
ASP-भीम आर्मी की यह संकल्प यात्रा केवल एक मांग या आंदोलन नहीं, बल्कि प्रदेश की राजनीति में बहुजन एजेंडे को केंद्र में लाने की कोशिश के रूप में देखी जा रही है। ग्वालियर हाईकोर्ट में अंबेडकर प्रतिमा, UGC एक्ट और CM हाउस घेराव-तीनों मुद्दे मिलकर सरकार के लिए आने वाले दिनों में बड़ी चुनौती बन सकते हैं।
स्पष्ट है कि संकल्प यात्रा अब केवल यात्रा नहीं, बल्कि सत्ता और व्यवस्था के खिलाफ एक संगठित सामाजिक संघर्ष का रूप ले चुकी है।












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