सीधी: 3 दिनों से चल रही पंचायत चुनाव की मतगणना, प्रत्याशियों का सब्र फूटा'
सीधी, 30 जून। जिले का पंचायत चुनाव सुर्खियों में है। क्योंकि, सिहावल जनपद पंचायत में पहले चरण के मतदान के बाद 3 दिन बाद भी मतगणना पूरी नहीं हो पाई। इसकी वजह से प्रत्याशी सहित समर्थक और मतगणना के लिए डियूटी में लगे कर्मचारी परेशान हैं। सीधी प्रशासन के लिए भी यह मतगणना सिरदर्द बन गई है। 3 दिनों से रात- दिन चल रही मतगणना अब तक पूरी नहीं हुई है। मतगणना स्थल पर मौजूद प्रत्याशी प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल खड़ा कर रहे हैं। उनके अलावा पूर्व मंत्री कांग्रेस विधायक ने भी प्रशासन की लचर व्यवस्था पर चिंता जाहिर की। इस मामले को लेकर SDM का कहना है कि मतगणना स्थल पर जगह कम है। मजबूरी में मतगणना कराई जा रही है।

सिहावल जनपद में हो रही है मतगणना
जिला मुख्यालय से 70 किलोमीटर दूर स्थित सिहावल जनपद मुख्यालय यहां की जनपद पंचायत में प्रथम चरण में हुए मतदान की मतगणना 28 जून की सुबह 7 बजे से शुरू है। लेकिन आज दिनांक 30 जून तक मतगणना संपन्न नहीं हो सकी। यहां ऐसा पहली बार हुआ है जब मतगणन दिन- रात 24 घंटे चल रही है। इसकी अब चौतरफा निंदा हो रही है। प्रत्याशी और उनके समर्थक सहित मतपत्रों की गिनती में लगे कर्मचारी भी परेशान हैं। गर्मी, उमस और लोगों की भीड़ कुछ इस कदर है कि मतपत्रों की गिनती कर रहे कर्मचारी शर्ट उतार कर बनियान पैंट पहन कर गिनती रहे हैं।

चुनाव प्रत्याशियों ने लाचार व्यवस्था पर किए सवाल
प्रत्याशी और उनके समर्थक खुले आसमान में पढ़े हुए हैं। यहां 3 सौ से अधिक मतदान केंद्र हैं, जहां मतपत्रों की गिनती चल रही है। लेकिन, प्रशासन की ओर से सिर्फ 26 टेबल ही बनाए गए। यही वजह है यहां मतपत्रों की गिनती में वक्त लग रहा है। 28 जून से अपने नंबर का इंतजार कर रहे एक प्रत्याशी ने बताया कि ऐसी प्रशासनिक लचर व्यवस्था में पहली बार देख रहा हूं। विधानसभा -लोकसभा की मतगणना भी 24 घंटे में हो जाती है। लेकिन यह पहला ऐसा चुनाव है जहां मतपत्रों की गिनती में 3 दिन से भी अधिक का समय लग रहा है। जिला कलेक्टर साहब आते हैं। चले जाते हैं। लेकिन काउंटिंग टेबल बढ़ाने की कोई व्यवस्था नहीं करता।
पूर्व मंत्री कांग्रेस विधायक ने कही ये बात

पूर्व मंत्री कांग्रेस विधायक कमलेश्वर पटेल ने भी प्रशासनिक लचर व्यवस्था और मतगणना में हो रही देरी को लेकर जिला प्रशासन पर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने कहा कि जीत रहे ज्यादातर प्रत्याशी कांग्रेस समर्थित प्रत्याशी हैं। सिहावल एसडीएम नीलांबर मिश्रा का कहना है कि जगह कम है मजबूरी में मतगणना करानी पड़ रही है। और कितना वक्त लगेगा यह कुछ पाना इस समय संभव नहीं है। कर्मचारियों की कमी है। ऐसे में मजबूरन मतगणना जारी है। बता दें, अभी अमिलिया, हिनौती और कुबरी जिला पंचायत सहित आधा दर्जन जनपद और आधा सैकड़ा ग्राम पंचायतों की गिनती पूर्ण हो चुकी है। जिन प्रत्याशियों की जीत हुई वह तो जश्न में डूबे हैं। लेकिन जिन की हार हुई है। उनके लिए यह इंतजार किसी बड़ी मुसीबत से कम नहीं।












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