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Bhopal News: अवैध कॉलोनियां बनाने वालों के हौसले बुलंद, पोस्टर लगाकर बेच रहे प्लॉट, रहवासी परेशान

Bhopal News: राजधानी भोपाल में अवैध कॉलोनियां वसूली का माध्यम बन गई है। हर बार इस मामले में लेटर लिखे जाते हैं, लेकिन जो अवैध कॉलोनियां बनाते हैं उन पर कोई कार्रवाई नहीं होती। यही कारण है कि साल दर साल अवैध कॉलोनियां बन जाती हैं। 3 साल पहले भी प्रशासन ने इस मामले में कार्रवाई की थी और 200 FIR दर्ज भी की गई थी, लेकिन फिर क्या एक्शन हुआ। कुछ पता नहीं कॉलोनाइजर प्लॉट बेचकर गायब हो जाता है और मकान की आस में उसे खरीदने वाले गरीब लोग परेशान होते हैं।

राजधानी में करीब 3 साल पहले तत्कालीन संभाग आयुक्त के निर्देश पर शहर के आसपास ग्रामीण इलाकों में कट रही अवैध कॉलोनी के खिलाफ सख्त एक्शन हुआ था। बिना डायवर्शन व बिना अनुमति अवैध कॉलोनी विकसित करके बेचने वालों के खिलाफ शहर के तमाम थानों में मामले दर्ज किए गए थे।

Those making illegal colonies are selling plots by putting up posters residents are worried

200 से अधिक एफआईआर दर्ज, लेकिन आरोपियों का कुछ नहीं हुआ

भोपाल नगर निगम प्रशासन के निर्देश पर पुलिस ने 292 सी मध्य प्रदेश नगर पालिका अधिनियम के तहत एवं जिला पंचायत में सचिव के माध्यम से दर्ज शिकायतों पर सैकड़ों लोगों के खिलाफ शहर के मिसरोद, कोलार, रातीबड़, सूखीसेवनिया, खजूरी सड़क, बिलखिरिया, छोला मंदिर अयोध्या नगर थाने में 200 से अधिक एफआईआर दर्ज कराई गई थी।

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    अवैध कॉलोनियां बनाने वालों के हौसले बुलंद, पोस्टर लगाकर बेच रहे प्लॉट, रहवासी परेशान

    अवैध कॉलोनियां विकसित करने वालों पर FIR के बाद भी कोई सख्त कार्रवाई नहीं हुई, ऐसे में एक बार फिर से राजधानी में कुकुरमुत्ता की तरह बन रही है। अवैध कॉलोनीयों के खिलाफ एक्शन लेने के लिए अवैध कॉलोनीयों की लिस्टिंग का काम जारी है। इस तरह पहले नगर निगम प्रशासन और पंचायत सचिवों की लापरवाही वह अनदेखी के कारण इन पर सख्त एक्शन नहीं हो पाया यदि इस बार भी लिस्टिंग के बाद कार्रवाई नहीं हुई, तो यह मामला ठंडा बस्ती में चला जाएगा।

    Those making illegal colonies are selling plots by putting up posters residents are worried

    कैसे बनती हैं अवैध कॉलोनियां

    बिना किसी सासाकी अनुमति के नगर निगम और नगर पालिका के क्षेत्र में यह कॉलोनियां बनाई जाती हैं। भोपाल में लगभग 92 अवैध कॉलोनियां का निर्माण नगर सीमा क्षेत्र के अंदर हो रहा था। इसका खुलासा नगर निगम और नगर ग्राम निवेश द्वारा कलेक्टर को सौंप गई रिपोर्ट में हुआ। इसमें पांच थाना क्षेत्र की कॉलोनियों को चिन्हित किया गया है। कॉलोनाइजर बिल्डर और किसानों के द्वारा ना तो टीएंडसीपी से नक्शा अनुमोदित कराया गया और ना ही कॉलोनियां विकसित की अनुमति ली गई। इसे गंभीरता से लेते हुए तत्कालीन कलेक्टर आशीष सिंह ने करीब 1 साल पहले इन पर वैधानिक कार्रवाई के लिए पुलिस आयुक्त हरीनारायणचारी मिश्र को पत्र लिखा था।

    कलेक्टर ने पत्र में कहा कि मुख्य नगर निवेशक नगर पालिका निगम द्वारा दी गई सूची के अनुसार व्यक्तियों, संस्था, बिल्डर, कॉलोनाइजर द्वारा आम जनता को भ्रामक जानकारी एवं धोखा देकर भवन भूखंड का विक्रय किया जा रहा है। कलेक्टर ने थाना प्रभारी रातीबड़, अयोध्या नगर, छोला ईट खेडी और निशातपुरा थाना को इस संबंध में संबंधितों के खिलाफ वैधानिक और कड़ी से कड़ी कार्रवाई करने के लिए कहा था। लेकिन अब तक कागजों के अलावा कोई कार्रवाई नहीं हुई।

    Colonizers are selling plots by building illegal colonies in the prime location of Bhopal

    अवैध कॉलोनियों को लेकर वन इंडिया की रिपोर्ट में बड़ा खुलासा

    अवैध कॉलोनियों को लेकर जब वन इंडिया हिंदी ग्राउंड पर जाकर लोगों से बातचीत की थी तो कई बड़े खुलासे हुए, जिसमें यह भी पता लगा कि किस तरह से अवैध कॉलोनी के नाम पर कॉलोनीनाइजर सरकार को राजस्व की हानि पहुंचा रहे हैं। दरअसल, कॉलोनी नाइजर कॉलोनी का एक लेआउट तैयार करते हैं और एक ब्राउज़र बनाकर भोले-भाले लोगों को आसान किस्तों पर प्लॉट खरीदने के लिए लालच देते हैं। साथ ही रजिस्ट्री और नामांतरण का भी आश्वासन देते हैं और कॉलोनी डेवलपमेंट चार्ज भी लेते हैं, लेकिन रजिस्ट्री में पूरी राशि मेंशन नहीं की जाती। ग्राहकों को पैसे बचाने के चक्कर में कॉलोनाइजर उन्हें कम रेट पर रजिस्ट्री करने के लिए कहता है। जिस पर ग्राहक तैयार भी हो जाता है। हमने अपनी रिपोर्ट में दोनों ही दस्तावेज लगाए हैं, जिसे आप देख सकते है।

    Colonizers are selling plots by building illegal colonies in the prime location of Bhopal

    कॉलोनी बनने के बाद भाग जाते हैं प्लाट बेचने वाले

    राजधानी में प्राइम लोकेशन पर अक्सर लोग प्लाट खरीदने का सोचते हैं जब उन्हें इस तरह की कॉलोनी के बारे में पता चलता है तो वह तुरंत आसान किस्तों पर प्लॉट खरीदने को तैयार हो जाते हैं लेकिन उन्हें नहीं पता होता कि बाद में कॉलोनाइजर उनसे किए वादे अधूरे छोड़कर भाग जाएगा। ऐसी ही एक कृष्णा धाम कॉलोनी है जो अयोध्या नगर के पास ग्राम अरेड़ी में बनी हुई है। यहां के रेवासियों ने किस्तों में प्लांट तो खरीद लिए लेकिन अब उन्हें बिजली, पानी और मूलभूत सुविधाओं के लिए दिन-रात संघर्ष करना पड़ता है। यहां पर कॉलोनाइजर गीता प्रसाद राजपूत, प्रदीप और नरवानी, वी चौकसे लगातार अवैध कॉलोनी काट रहे हैं, लेकिन शासन प्रशासन उन पर कोई कार्रवाई नहीं कर रहा है। कॉलोनी काटने वालों के हौसले इतने बुलंद है कि उन्होंने बड़े-बड़े होर्डिंग्स बैनर तक छपा रखे हैं, अधिकारियों की नजर उन पर जाती है, इसके बावजूद भी उन पर कोई कार्रवाई नहीं हो रही है।

    भोपाल में जल्द सख्त एक्शन लेगा प्रशासन

    वन इंडिया ने इस विषय को लेकर भोपाल कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह से बातचीत की तो उन्होंने ने बताया कि जिले की सभी सर्कल के एसडीएम को निर्देशित दिए गए हैं कि अवैध कॉलोनी को चयनित कर उनकी सूची तैयार की जाए। इसके बाद सूची तैयार भी कर ली गई है सभी तरह की अनुमति नहीं होने पर ऐसे कॉलोनाइजरों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की कार्रवाई कर रहे हैं। चुनाव आचार संहिता खत्म हो गई है इसकी कार्य योजना बनाकर सभी अवैध कॉलोनी के खिलाफ जल्द ही सख्त एक्शन लिया जाएगा।

    हुजूर कोलार में सबसे ज्यादा अवैध कॉलोनी

    राजधानी भोपाल शहर की दो बड़ी तहसील हुजूर और कोलार क्षेत्र में सबसे अधिक अवैध कालोनी विकसित हुई है तहसील हुजूर की जो ग्राम पंचायतें नगरीय सीमा से लगी हुई है वहां पर कृषि की भूमि पर भूमाफियाओं ने किसानों के साथ मिलकर अवैध कॉलोनीयों में प्लॉट बेच रहे हैं। कोलार में तो तहसील दफ्तर से एक दो किलोमीटर के दायरे में ही सैकड़ो अवैध कॉलोनियां और फार्म हाउस को विकसित किया गया है।

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