कांग्रेस की मति मारी गई है जो बजरंग दल पर प्रतिबन्ध लगाने की कर रही है मांग: CM Shivraj Singh Chauhan
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि कांग्रेस की मति मारी गई है जो बजरंग दल पर प्रतिबंध करने की बात कर रही है।

कर्नाटक विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के घोषणा पत्र में बजरंग दल पर प्रतिबंध लगाने के वादे के बाद प्रदेश में सियासत तेज हो गई है। गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा के बाद मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कांग्रेस को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि कांग्रेस की मति मारी गई है जो बजरंग दल पर प्रतिबंध लगाने की मांग कर रही है।
भोपाल में सीएम शिवराज सिंह चौहान ने बजरंग दल के मुद्दे को लेकर कांग्रेस पर जमकर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की मति मारी गई है, जो वह बजरंग दल पर प्रतिबंध लगाने की बात कर रही है बजरंग दल जो प्रखर राष्ट्रवादी संगठन है, बजरंग दल जो आतंकवाद का विरोध करता है, लव जेहाद का विरोध करता है, सामाजिक सेवा सहित देश भक्ति के भाव अपने धर्म और संस्कृति के प्रति स्वाभिमान का और जागरण का भाव पैदा करता है। उसकी तुलना पीएफआई जैसे आतंकवादी संगठन से की जा रही है।
सीएम शिवराज यहीं नहीं रुके उन्होंने कांग्रेस पर हमला बोलते हुए कहा कि ये वही कांग्रेस है जो अयोध्या में भगवान राम के मंदिर के निर्माण का विरोध करती है, यह वही कांग्रेस है जिसने रामसेतु को काल्पनिक कहा था, यह वही कांग्रेस है जो मौका मिलते ही हिंदुत्व का विरोध करती है। आज कांग्रेस का चेहरा पूरी तरह से बेनकाब हो गया है।
सीएम शिवराज ने आगे कहा कि भला कौन भूल सकता है कि मध्य प्रदेश में सिमी जैसे आतंकवादी संगठन को खाद पानी कौन देता था। सर्जिकल स्ट्राइक का विरोध करने वाले, आतंकवादियों को महिमामंडित करने वाले अब बजरंग दल पर प्रतिबंध लगाने के बाद कर रहे हैं। उन्होंने इस मुद्दे पर पीसीसी चीफ और पूर्व सीएम कमलनाथ को भी घेरा। उन्होंने कहा कि कमलनाथ हनुमान जी के इतने बड़े भक्त बनते हैं, जबकि उनकी पार्टी कांग्रेस बजरंग दल पर प्रतिबंध लगाने की बात कर रही है। उन्हें इस मामले पर जवाब देना चाहिए।
कमलनाथ ने दिया जवाब
उधर दमोह के जबेरा में जनसभा को संबोधित करने पहुंचे कमलनाथ ने इस मामले पर अपनी प्रतिक्रिया दी। पत्रकारों से चर्चा करते हुए कहा कि जो नफरत फैलाए, चाहे व्यक्ति हो या संगठन उस पर कारवाई होनी चाहिए। यह तो सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि किसी को टारगेट नहीं करना चाहिए। जो भी समाज में विवाद या नफरत की बात करें, वह चाहे किसी भी संस्था का हो, कहीं का भी हो, उस पर कड़ी कार्रवाई की जाए। यह आज हमारी सामाजिक एकता की बात है।












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