Bhopal News: CM मोहन यादव के आदेश के बाद कल से एक्शन में दिखेगा प्रशासन, खुले में नहीं बिक सकेगा मांस-मछली
MP CM News: मध्य प्रदेश के नए मुख्यमंत्री मोहन यादव (Mohan Yadav) ने कल कैबिनेट की बैठक में जो फैसला लिया, उसकी चर्चा प्रदेश में लगातार बनी हुई है। दरअसल, प्रदेश के शहरी क्षेत्र में खुले में अब मांस और मछली की बिक्री नहीं हो सकेगी। खुले में बिक्री रोकने के लिए 15 दिसंबर से पूरे प्रदेश में 15 दिवसीय अभियान चलाया जाएगा।
वही धार्मिक स्थलों पर तेज आवाज में बजने वाले लाउडस्पीकरों पर भी प्रशासन नजर रखने का काम करेगा। शिकायत मिलने पर इस पर भी कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाएगी। नगरी प्रशासन विभाग, खाद्य सुरक्षा विभाग, पुलिस और स्वास्थ्य विभाग के अमले के साथ मिलकर यह अभियान चलाया जाएगा।

नगरी क्षेत्र में मांस-मछली और अंडों की दुकानों पर खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के प्रावधानों का पालन सुनिश्चित कराया जाएगा खुले में मांस-मछली बेचने वालों के खिलाफ चालानी कार्रवाई के साथ सख्त कार्रवाई की जा सकती है। धार्मिक स्थलों से 100 मीटर की दूरी के भीतर उनके विक्रय और प्रदर्शन पर रोक लगाई जाएगी। मांस-मछली की बिक्री के लिए अपारदर्शी कांच दरवाजा और साफ सफाई की व्यवस्था के बीच बिक्री नहीं होने पर विक्रेताओं पर चालानी कार्रवाई और उनका लाइसेंस नष्ट करने तक की कार्रवाई की जा सकती है। लाइसेंस की शर्तों का कड़ाई से पालन कराया जाएगा। मुख्य सचिव वीरा राणा ने इस अभियान की प्रतिदिन रिपोर्ट लेने के निर्देश दिए हैं। 31 दिसंबर तक यह अभियान चलाया जाएगा।
वही मध्य प्रदेश के मंदिर मस्जिद और अन्य धार्मिक स्थलों पर तेज आवाज में बजने वाले लाउडस्पीकर को चिन्हित कर उन्हें रोका जाएगा। आवासीय क्षेत्र में 50 डेसीबल दिन में और रात में 45 डेसीबल से अधिक ध्वनि नहीं होना चाहिए। साइलेंट जोन में यह सीमा दिन में 50 और रात में 40 रहेगी। कमर्शियल क्षेत्र में दिन में 65 और रात में 55 से अधिक नहीं रहेगी। औद्योगिक क्षेत्र में दिन में 75 और रात में 70 देसी बल से अधिक शोर नहीं होना चाहिए। ध्वनि प्रदूषण के संबंध में शिकायत मिलने पर उड़नदस्ते द्वारा तुरंत कार्रवाई की जाएगी। इसमें जिला प्रशासन थाने के अधिकारी मिलकर कार्रवाई करेंगे। लाउडस्पीकर के नियमित और नियंत्रित इस्तेमाल पर पाबंदी नहीं रहेगी।












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