MP News: CM डॉ मोहन यादव ने अनोखे अंदाज में मनाया 60वां जन्मदिन, कुष्ठ रोगियों को परोसा भोजन
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव आज 60 साल के हो गए। 25 मार्च 1965 को जन्मे डॉ यादव ने अपने जन्मदिन को बेहद अनोखे और प्रेरणादायक अंदाज में मनाया। जहां एक तरफ सीएम हाउस में सुबह से ही मंत्री, विधायक और बीजेपी के पदाधिकारी बधाई देने पहुंचे, वहीं सीएम ने अपना खास दिन समाज के सबसे जरूरतमंद लोगों के बीच बिताने का फैसला किया।
भोपाल के गांधी नगर में कुष्ठ रोगियों के बीच जन्मदिन मनाने के बाद वे आगर मालवा की गौशाला में गौ-सेवा करने पहुंचे। इस दौरान उन्होंने विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन भी किया। सीएम के इस अनोखे अंदाज ने न सिर्फ लोगों का दिल जीता, बल्कि एक नई मिसाल भी कायम की।

सीएम हाउस में बधाइयों का तांता
सुबह से ही भोपाल स्थित सीएम हाउस में बधाइयों का सिलसिला शुरू हो गया। मंत्रिमंडल के सदस्य, विधायक, बीजेपी के वरिष्ठ पदाधिकारी और कार्यकर्ता डॉ. मोहन यादव को जन्मदिन की शुभकामनाएँ देने पहुँचे। इस दौरान सीएम ने सभी का आभार व्यक्त किया और कहा, "आप सभी का प्यार और समर्थन ही मेरी ताकत है। मैं प्रदेश को विकास के पथ पर ले जाने के लिए प्रतिबद्ध हूं।" लेकिन सीएम ने अपने जन्मदिन को भव्य आयोजनों से दूर रखते हुए एक अलग राह चुनी।
कुष्ठ रोगियों के बीच मनाया जन्मदिन
डॉ मोहन यादव ने अपने 60वें जन्मदिन को भोपाल के गांधी नगर में स्थित महात्मा गांधी कुष्ठ सेवा धाम में कुष्ठ रोगियों के बीच मनाया। धोती-कुर्ता पहने सीएम ने सबसे पहले आश्रम में महात्मा गांधी की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया। इसके बाद उन्होंने अपने हाथों से कुष्ठ रोगियों को भोजन परोसा और उनके साथ समय बिताया। इस दौरान आश्रम में मौजूद लोगों ने सीएम के लिए प्रार्थना की और उन्हें आशीर्वाद दिया।
मीडिया से बातचीत में सीएम ने कहा, "आज का दिन कई अर्थों में अलग है। वैसे तो हमारी हर साँस के साथ जन्म का समय है, लेकिन दिन और साल के हिसाब से आज मेरा जन्मदिन है। मैंने अपने मित्रों और बीजेपी के वरिष्ठ नेताओं के साथ कुष्ठ बंधुओं के बीच यह दिन मनाया।" उन्होंने कुष्ठ रोगियों की हिम्मत की तारीफ करते हुए कहा, "ये बीमारी परमात्मा की न जाने कौन सी लीला है। लेकिन कष्ट से भागने के बजाय ये लोग कष्ट से लड़ते हैं। ये कुष्ठ योद्धा की तरह अपने रोजमर्रा के काम निपटाते हुए खुद को बचाकर चल रहे हैं।"
"सरकार हर कष्ट में साथ खड़ी"
सीएम ने कुष्ठ रोगियों के प्रति अपनी संवेदनशीलता जाहिर करते हुए कहा, "हमारी सरकार का दायित्व है कि हर कष्ट में सरकार साथ खड़ी दिखाई दे। ऐसे बंधुओं के बीच आकर एक आत्मीय सुख मिलता है। यह एक लाइलाज बीमारी है, लेकिन यह जरूरी नहीं कि भविष्य की पीढ़ी भी ऐसी हो। ऐसे कई सारे भ्रम मिटाने की जरूरत है।" उनके इस बयान ने न सिर्फ कुष्ठ रोगियों को हौसला दिया, बल्कि यह भी दिखाया कि सरकार सामाजिक मुद्दों के प्रति कितनी गंभीर है।
गौशाला में गौ-सेवा और विकास कार्यों का लोकार्पण
कुष्ठ आश्रम के बाद सीएम डॉ. मोहन यादव आगर मालवा जिले के सुसनेर में स्थित सालरिया गौ अभयारण्य पहुँचे। यहाँ उन्होंने एक वर्षीय गौ कृपा कथा के समापन समारोह में हिस्सा लिया। सीएम ने गौ प्रसादम का लोकार्पण किया और विभागीय प्रदर्शनी का अवलोकन किया। इस दौरान तुलादान और वृक्षारोपण का कार्यक्रम भी आयोजित किया गया।
सीएम ने गौ पूजन, कन्या पूजन और यज्ञ में हिस्सा लिया। इसके बाद उन्होंने कई विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन किया, जिसमें उज्जैन संभाग में 25 नई इंडस्ट्रीज की शुरुआत शामिल है। हितलाभ वितरण का कार्यक्रम भी आयोजित किया गया, जिसमें कई लाभार्थियों को योजनाओं का लाभ दिया गया। सीएम ने कहा, "मैं आगर मालवा की गौशाला में गौमाताओं की सेवा करने आया हूँ। इसके बाद सुधीर भाई के आश्रम में उन लोगों से मिलूँगा, जो कई प्रकार के कष्टों से ग्रस्त हैं। उनके बीच जन्मदिन मनाना मेरे लिए सौभाग्य की बात है।"
"प्रदेश को विकास के पथ पर ले जाना है"
डॉ यादव ने अपने जन्मदिन पर प्रदेश के विकास के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने कहा, "प्रदेश को विकास के पथ पर आगे ले जाना है। इसलिए हमने रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव किया है। आज मैं उज्जैन संभाग में 25 इंडस्ट्रीज का भूमिपूजन करने जा रहा हूँ। उम्मीद करता हूँ कि सभी लोगों को साथ लेकर मध्यप्रदेश विकास के पथ पर लगातार आगे बढ़ता रहेगा।" उनके इस बयान ने साफ कर दिया कि वे अपने जन्मदिन को भी प्रदेश की प्रगति के लिए समर्पित करना चाहते हैं।
सोशल मीडिया पर तारीफ
सीएम के इस अनोखे जन्मदिन समारोह की सोशल मीडिया पर जमकर तारीफ हो रही है। कई लोगों ने उनके इस कदम को प्रेरणादायक बताया है। एक यूजर ने लिखा, "सीएम मोहन यादव जी ने अपने जन्मदिन को कुष्ठ रोगियों और गौमाताओं की सेवा में बिताकर एक मिसाल कायम की है। ऐसे नेताओं की जरूरत है।" एक अन्य ने लिखा, "जन्मदिन पर भव्य आयोजन की जगह जरूरतमंदों के बीच समय बिताना बहुत बड़ी बात है। सीएम साहब को सलाम।"
एक प्रेरणादायक मिसाल
डॉ मोहन यादव का यह जन्मदिन न सिर्फ उनके व्यक्तित्व की सादगी और संवेदनशीलता को दर्शाता है, बल्कि यह भी दिखाता है कि एक नेता कैसे अपने विशेष दिन को समाज सेवा और विकास के लिए समर्पित कर सकता है। कुष्ठ रोगियों के बीच भोजन परोसना, गौशाला में गौ-सेवा करना और विकास कार्यों का लोकार्पण करना-यह सब उनके नेतृत्व की एक नई तस्वीर पेश करता है।
यह जन्मदिन समारोह न सिर्फ एक उत्सव था, बल्कि एक संदेश भी था-कि हमें समाज के हर तबके के साथ खड़ा होना चाहिए और हर कष्ट में साथ देना चाहिए। सीएम के इस कदम ने न सिर्फ लोगों का दिल जीता, बल्कि यह भी दिखाया कि सच्चा नेतृत्व वही है, जो जमीनी स्तर पर लोगों की जिंदगी में बदलाव लाए। अब देखना यह है कि उनके इस संकल्प से मध्यप्रदेश को कितनी नई दिशा मिलती है।












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