Bhopal: नए साल पर सिटी बस के यात्रियों को लग सकता है झटका, पेनाल्टी नहीं भरने के कारण 368 बसें हो सकती है खड़ी
राजधानी भोपाल में सिटी बस की यात्रियों के सामने नए साल में बड़ा संकट खड़ा हो सकता है दरअसल भोपाल सिटी लिंग लिमिटेड यानी बीसीएलएल पर बगैर गजट नोटिफिकेशन के मुनाफा कमाने के आरोप में एक करोड़ 90 लख रुपए का जुर्माना लगाया गया है।
अगर बीसीएलएल ने जुर्माना जमा नहीं किया तो नया परमिट नहीं बनेगा। जिससे यात्रियों के लिए संकट खड़ा हो गया है और नए साल में यात्रा करने में परेशानी हो सकती है।

भोपाल सिटी लिंक लिमिटेड से जुड़े प्राइवेट बस ऑपरेटर दुर्गम्मा, मां एसोसिएट्स व इनक्यूबेटर कंपनी पर शासन ने एक करोड़ 90 लाख रुपए की पेनाल्टी निकली है। परिवहन विभाग ने नोटिस में स्पष्ट किया है कि बगैर गजट नोटिफिकेशन ग्रामीण रोड पर 96 बसों का संचालन करने से मध्य प्रदेश परिवहन अधिनियम का उल्लंघन हुआ है।
बगैर रूट परमिट एवं नोटिफिकेशन के बसों का संचालन करने से प्राइवेट बस ऑपरेटरों पर यह कार्रवाई की जा रही है। बीसीएलएल को 368 बसों का संचालन नियमों से करने के बाद दी गई है। इधर हाई कोर्ट के आदेश के बाद बीसीसीएल 20 अक्टूबर 2023 से शहरी सीमा के बाहर पहले ही 56 बेसन का संचालन बंद कर चुका है 31 दिसंबर के पहले यदि जुर्माना नहीं किया जाता तो 1 जनवरी से नए परमिट भी जारी नहीं होगा।
यात्रियों पर सबसे ज्यादा पड़ेगा असर
भोपाल सिटी लिंक लिमिटेड शहरी क्षेत्र में मुख्य रूप से 200 से ज्यादा बसों का संचालन कर रहा है। जल्दी ऑपरेटर ने जुर्माना नहीं जमा किया तो 1 जनवरी से बसों का संचालन बंद हो जाएगा। जिसके कारण यात्रियों को परेशानी होगी। बीसीएलएल के प्रभारी मनोज राठौर के मुताबिक इस मामले में अधिकारियों से चर्चा कर रास्ता निकाला जा रहा है। बसों का संचालन सुचारु बनाए रखने का प्रयास करेंगे।
दुर्गम्मा एवं एपी
साल 2017 में टेंडर लिया 250 बस लाना थी, लेकिन अभी तक केवल 150 लाए। मां एसोसिएट ने साल 2021 में टेंडर लिया 300 वाहन लाने थे, लेकिन अभी तक केवल 100 वाहन लाए है। इनक्यूब्वॉयड हैदराबाद कंपनी ने साल 2021 में टेंडर लिया था 300 सीएनजी बस से लाना थी अभी तक केवल 60 लाए हैं।
हाईकोर्ट ने क्या कहा था
बीसीएलएल द्वारा शहर एवं ग्रामीण क्षेत्रों में बसों का संचालन करने से प्राइवेट बस ऑपरेटर को खासा नुकसान हो रहा था। इस मामले को हाईकोर्ट में ले जाकर चैलेंज किया था। हाई कोर्ट ने मामले की सुनवाई के बाद बीसीएलएल प्रबंधन से कार्रवाई के दस्तावेज मांगे थे। हाई कोर्ट में बीसीएल गैजेट नोटिफिकेशन की कॉपी नहीं दिखा पाया था। दरअसल बी एल प्रबंधन ने बगैर किसी गजट नोटिफिकेशन के ही ग्रामीण रूट पर बस सेवा का संचालन कर दिया था। अक्टूबर 2023 को जारी आदेश में हाईकोर्ट ने संचालक को अवैध करार दे दिया था।












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