Bhopal News: भोपाल एम्स में बच्चों का बनेगा सुपर स्पेशलिटी अस्पताल, नई सेंटर बनने से बढ़ेगी MBSS की सीटें

Bhopal News: राजधानी भोपाल में अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान एवं सब बच्चों के लिए सुपर स्पेशिलिटी अस्पताल तैयार करने जा रहा है। एपैक्स पीडियाट्रिक सेंटर नाम से बनने वाले इस अस्पताल में बच्चों की सभी गंभीर बीमारियों का इलाज किया जाएगा इसके लिए एम्स प्रबंधन ने जिला प्रशासन से 100 एकड़ जमीन की मांग की है।

प्रस्ताव में कहा गया है कि परिसर के आसपास की जमीन हो ताकि अस्पताल का विस्तार आसानी से किया जा सके एवं प्रबंधन के मुताबिक यहां कैंसर किडनी हार्टअटैक से जुड़े गंभीर बीमारियों के इलाज के साथ यह जटिल सर्जरी भी की जाएगी इस सेंटर में जांच के लिए भी सभी सुविधाएं होंगी जिसे इलाज के दौरान बच्चों को यहां-वहां भटकने की जरूरत नहीं पड़े। ये अस्पताल तैयार होने के बाद प्रदेश का इकलौता सेंटर होगा।

Children super specialty hospital will be built in AIIMS, MBBS seats will increase due to new center

सेंट्रल बनने से बढ़ेगी MBBS की सीटें

पीडियाट्रिक सेंटर बनने के साथ ही भोपाल एम्स में एपेक्स ट्रामा सेंटर भी बनना है। दरअसल एम्स प्रबंधन एमबीबीएस की सीटों को बढ़ाना चाहता है अभी एम्स में एमबीबीएस की 125 सीटें हैं इन्हें बढ़ाने के साथ ही सुपर स्पेशलिटी डिपार्टमेंट शुरू करने के लिए भवन का विस्तार करना जरूरी है। एम्स जिरियाटिक डिपार्टमेंट और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस डिपार्टमेंट के साथ ही ट्रामा सेंटर और इंस्टीट्यूट ऑफ पैरामेडिकल साइंस शुरू करना चाहता है। इससे लोगों को फायदा मिलेगा।

एम स्केट डायरेक्टर डॉ अजीत सिंह ने बताया कि एम्स का विस्तार किया जाना है इसकी जमीन की जरूरत है सरकार से 100 एकड़ जमीन की मांग की गई है जमीन मिलने से बेड बढ़ाने के साथ ही नई सुविधाएं और नए विभाग भी शुरू किए जाएंगे। इस सुविधा के शुरू होने से बच्चों को सही इलाज मिल सकेगा। इसके अलावा पीज की सीटें भी बढ़ सकेंगी। लोगों को भटकना नहीं पड़ेगा।

नया सेंटर तैयार होने से मरीजों को मिलेगी सुविधा

वर्तमान में कुछ सुपर स्पेशलिटी डिपार्टमेंट का संचालन 10 से 15 बैटरी किया जा रहा है जगह मिलती है तो ऐसे सभी डिपार्टमेंट को नए परिसर में शिफ्ट कर के वहां ना सिर्फ बेड बढ़ाए जाएंगे बल्कि इनके लिए पीजी की सीटें भी बढ़ाने के लिए प्रयास किए जाएंगे। ऐम्स भोपाल में 950 बेड है इनमें से 90% लगभग भरे लेते हैं बेड इमरजेंसी के लिए खाली रखना अनिवार्य है, ऐसे में अक्सर यहां मरीजों को बेड नहीं मिल पाते है, यह स्थिति रोज ही होती है। सबसे ज्यादा परेशानी प्रेगनेंसी महिलाओं को होती है। जितने बेड खाली हैं, उससे ज्यादा मरीज कतार में होते हैं, इसलिए इसके विस्तार की जरूरत पड़ रही है। बेड की कमी से मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। इस तरह की परेशानी सबसे ज्यादा कोरोना काल में सामने आई थी। बेड बढ़ने से मरीजों को परेशानी नहीं आएगी।

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+