MP News: राहुल गांधी की जिद, जनता की जीत: जब नारे नहीं, नीतियों से बीजेपी को झुकाया गया- जीतू पटवारी
जातिगत जनगणना से लेकर किसान, युवा और लोकतंत्र की लड़ाई तक— जीतू पटवारी बोले, “राहुल गांधी की आवाज अब देश की आत्मा
MP News: भोपाल से लेकर दिल्ली तक और संसद से लेकर सड़कों तक - एक आवाज पिछले कुछ सालों से लगातार गूंज रही है, "जिसकी जितनी संख्या, उसकी उतनी भागीदारी।" और अब, 2026 की जनगणना के साथ केंद्र द्वारा जातिगत जनगणना की घोषणा के बाद, कांग्रेस इसे सामाजिक न्याय की सबसे बड़ी ऐतिहासिक जीत बता रही है।
मध्यप्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी का कहना है कि यह केवल जनगणना नहीं, बल्कि राहुल गांधी की वर्षो की मेहनत और नीति आधारित आंदोलन का परिणाम है - ऐसा फैसला जिसे लेने में बीजेपी सरकार को झुकना पड़ा, चाहे अनिच्छा से ही क्यों न हो।

राहुल गांधी की 'एकला चलो' यात्रा का असर
पटवारी ने कहा, "जब सभी चुप थे, राहुल गांधी ने जातिगत जनगणना की बात की। संसद में अकेले बोले, प्रेस कॉन्फ्रेंस कीं, सोशल मीडिया पर अभियान चलाया और देशभर में रैलियों से यह मांग जनांदोलन बन गई। तेलंगाना मॉडल को सामने रखकर उन्होंने बताया कि आंकड़ों के बिना हक की लड़ाई अधूरी है।"
इतना ही नहीं, पटवारी ने भाजपा पर यह भी आरोप लगाया कि वो आरक्षण विरोधी मानसिकता के तहत पिछड़े, दलित और आदिवासी समाज की हिस्सेदारी को छुपाना चाहती थी। लेकिन राहुल गांधी की अडिगता ने यह मुमकिन कर दिखाया।
MP News: ये पहली बार नहीं है जब बीजेपी को पीछे हटना पड़ा
पटवारी ने याद दिलाया कि यह केवल एक फैसला नहीं है, बल्कि उन कई जन-आंदोलनों की श्रृंखला है जिन्हें राहुल गांधी के दबाव में मोदी सरकार को मानना पड़ा। उन्होंने कहा-
- 2021: तीन कृषि कानूनों की वापसी - किसानों के साथ खड़े होकर राहुल गांधी ने सरकार को पीछे हटने पर मजबूर किया।
- 2024: अग्निवीर योजना में संशोधन - राहुल की संसद में ललकार के बाद ही मुआवजा और पेंशन लागू हुआ।
- 2024: ब्रॉडकास्टिंग सर्विसेज बिल की वापसी - लोकतंत्र और अभिव्यक्ति की आज़ादी की रक्षा के लिए उन्होंने सरकार को झुकाया।
- 2024: लेटरल एंट्री रद्द - OBC और SC-ST आरक्षण पर हमले को नाकाम किया।
- 2025: रेलवे कुलियों की मांगें मंजूर - जमीनी स्तर के श्रमिकों की आवाज बने राहुल।
- 2024: GST दरों में राहत - छोटे व्यापारी और मध्यम वर्ग को राहत मिली।
- 2016-2020: नोटबंदी और कोविड प्रभाव की भविष्यवाणी सही साबित हुई।
MP News: एक जन नेता बनाम सत्ता की चुप्पी
पटवारी ने तीखा हमला करते हुए कहा, "जब भाजपा कॉरपोरेट हितों के लिए कानून बनाती रही, राहुल गांधी जनता की लड़ाई लड़ते रहे - बिना डरे, बिना झुके। भाजपा भूल जाती है कि भारत की आत्मा गरीब, पिछड़े, दलित और आदिवासी के बीच बसती है - और राहुल गांधी उसी आवाज को संसद में गूंज देते हैं।"
आगे क्या?
मध्य प्रदेश कांग्रेस ने साफ किया है कि जातिगत जनगणना के बाद उनकी अगली लड़ाई यह सुनिश्चित करना है कि इस डेटा के आधार पर नीति बने, बजट आवंटन हो और हर वर्ग को उसका हक और हिस्सा मिले।
पटवारी ने कहा, "हम सिर्फ आंकड़ों से संतुष्ट नहीं होंगे। हम मांग करेंगे कि नीति निर्धारण में 'प्रतिनिधित्व' की बुनियाद पर नए मापदंड तय हों।"
निचला समाज, ऊंची उम्मीदें
जातिगत जनगणना की इस घोषणा के बाद मध्यप्रदेश की राजनीति गरमाई हुई है। कांग्रेस इसे 2024 और 2028 के चुनावों का टर्निंग पॉइंट मान रही है। "राहुल गांधी की आवाज को दबाया नहीं जा सकता। वो न केवल विपक्ष के नेता हैं, बल्कि इस देश के नए जनचेतना के प्रतीक हैं। जिस दिन वे प्रधानमंत्री बनेंगे, भारत नए युग में प्रवेश करेगा - सामाजिक समानता, न्याय और आत्म-सम्मान के युग में," पटवारी ने कहा।












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