MP Guna में दबंगों की क्रूरता: जमीनी विवाद में किसान को थार से मारी टक्कर, बेटियों के फाड़े कपड़े, जानिए मामला
मध्य प्रदेश के गुना जिले के फतेहगढ़ थाना क्षेत्र के गणेशपुरा गांव में जमीनी विवाद ने हिंसक और अमानवीय रूप ले लिया। एक 40 वर्षीय किसान रामस्वरूप नागर को दबंगों ने पहले लाठी-डंडों, फरसे और लुहांगी से पीटा, फिर थार जीप से कुचल दिया। बचाव में आई उनकी पत्नी और दो नाबालिग बेटियों के साथ भी बर्बरता की हद पार कर दी गई - कपड़े फाड़े गए और मारपीट की गई।
फटे कपड़ों में पिता को अस्पताल पहुंचाने वाली बेटियों की तस्वीर ने पूरे जिले को शर्मसार कर दिया। जिला अस्पताल में इलाज के दौरान रविवार रात रामस्वरूप की मौत हो गई, जिसके बाद पुलिस ने 14 लोगों पर हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया।

मुख्य आरोपी महेंद्र नागर, जो स्थानीय BJP नेता हैं, फरार हैं। यह घटना न केवल ग्रामीण भारत में दबंगई की काली तस्वीर पेश करती है, बल्कि महिलाओं और बच्चों के खिलाफ हिंसा पर सवाल खड़े करती है। आइए, इस दिल दहला देने वाली घटना की पूरी कहानी को विस्तार से समझते हैं।
घटना का पूरा विवरण: दोपहर की शांति बनी खूनी रविवार
घटना 26 अक्टूबर 2025 को दोपहर करीब 1:30 से 2 बजे के बीच फतेहगढ़ थाना क्षेत्र के गणेशपुरा गांव में घटी। रामस्वरूप नागर (40 वर्ष), उनकी पत्नी विनोद बाई नागर (38 वर्ष), मामा राजेंद्र नागर (50 वर्ष), बेटी तनीषा नागर (17 वर्ष) और भतीजी कृष्णा नागर (17 वर्ष) खेत की ओर जा रहे थे। रामस्वरूप के परिवार के पास कुल 22 बीघा जमीन है, जिस पर वे खेती कर परिवार का पालन-पोषण करते हैं। उनके तीन बेटियां और एक छोटा बेटा है। लेकिन विवाद मामा की 6 बीघा जमीन को लेकर था, जो कुछ समय पहले दोनों पक्षों में भड़का था। थाने में राजीनामा हो गया था, लेकिन शांति ज्यादा दिन नहीं टिकी।
परिजनों के अनुसार, जैसे ही वे आरोपी महेंद्र नागर के घर के पास पहुंचे, वहां पहले से इंतजार कर रहे 10-15 दबंगों ने उन्हें घेर लिया। मुख्य आरोपी महेंद्र नागर (राजस्थान मूल के, स्थानीय BJP बूथ अध्यक्ष और पूर्व सरपंच), उनके भाई जितेंद्र नागर, कन्हैयालाल, लोकेश, नवीन, हरीश, गौतम सहित अन्य ने लाठी-डंडों, फरसे और लुहांगी से हमला बोल दिया। रामस्वरूप को निशाना बनाते हुए पहले जमकर पीटा गया। जब वे जमीन पर गिर पड़े, तो जितेंद्र नागर ने थार जीप चालू की और उनके ऊपर चढ़ा दिया। प्रत्यक्षदर्शी राजेंद्र नागर ने बताया, "रामस्वरूप चीखे, लेकिन दबंगों ने कोई तरस नहीं खाया। उनके दोनों हाथ-पैर टूट गए, खून बहने लगा।"

बचाव में विनोद बाई और दो किशोरियां दौड़ीं, लेकिन दबंगों ने उत्तेजना में उनके साथ भी क्रूरता की। आरोप है कि महेंद्र नागर ने बेटियों पर बैठकर उनके कपड़े फाड़े, थप्पड़ मारे और गालियां दीं। तनीषा ने मीडिया से बातचीत में कहा, "पापा को थार से कुचल दिया। हम बचाने गए तो कपड़े फाड़ दिए। शर्म से हम फूट-फूटकर रोए, लेकिन दबंग हंसते रहे।" कृष्णा ने जोड़ा, "हमें पकड़कर घसीटा गया। गांव में उनका आतंक है।"
घायलों को ग्रामीणों की मदद से जिला अस्पताल पहुंचाया गया। वहां फटे कपड़ों में लहूलुहान परिवार को देखकर डॉक्टर और स्टाफ शर्मिंदा हो गए। रामस्वरूप की हालत गंभीर थी - दोनों हाथ-पैर टूटे, आंतरिक चोटें। भोपाल रेफर करने से पहले ही रात 10 बजे इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में कुचलने और चोटों को मौत का कारण बताया गया।
परिवार का दर्द: तीन बेटियों का भविष्य अनिश्चित
रामस्वरूप की मौत से परिवार टूट चुका है। विनोद बाई ने रोते हुए कहा, "हमारी तीन बेटियां हैं, छोटा बेटा। रामस्वरूप कमाने वाले थे। अब खेती कौन संभालेगा? दबंगों ने सब छीन लिया।" तनीषा और कृष्णा सदमे में हैं। गांव के बुजुर्गों ने बताया कि महेंद्र नागर का आतंक पुराना है - छोटे किसानों को धमकाकर जमीन हड़पते हैं, बिजली चोरी कर राजस्थान सप्लाई करते हैं। 25 किसान पलायन कर चुके हैं। परिवार ने न्याय की गुहार लगाई है।
पुलिस कार्रवाई: 14 पर FIR, BJP नेता फरार - सियासत गरम
फतेहगढ़ थाने में राजेंद्र नागर की शिकायत पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 103 (हत्या), 191 (मारपीट), 76 (महिलाओं की मर्यादा भंग) सहित साजिश और अन्य धाराओं में 13 नामजद (महेंद्र, जितेंद्र आदि) और एक अज्ञात पर FIR दर्ज हुई। SDOP विवेक अष्ठाना ने कहा, "घटना जमीनी विवाद से जुड़ी है। रामस्वरूप को अस्पताल भेजा था, लेकिन मौत हो गई। पुलिस टीमें आरोपी ढूंढ रही हैं। महेंद्र नागर फरार है।" पुलिस ने गांव में फोर्स तैनात की, तनाव कम करने के लिए।
सियासत भी भड़क गई। कांग्रेस विधायक ऋषि अग्रवाल (बामोरी) ने BJP पर हमला बोला: "महेंद्र नागर जैसे दबंगों को संरक्षण क्यों? सख्त कार्रवाई हो, वरना आंदोलन।" BJP ने शोक जताया, लेकिन कार्रवाई का वादा किया। ज्योतिरादित्य सिंधिया के साथ जुड़े महेंद्र के पुराने कनेक्शन ने मामला गरमा दिया।
जमीनी विवादों की कड़वी सच्चाई: आंकड़े और उदाहरण
मध्य प्रदेश में जमीनी विवाद हिंसा का बड़ा कारण हैं। NCRB 2024 के अनुसार, राज्य में 25% हत्याएं जमीन से जुड़ी। गुना जैसे जिलों में दबंगई आम - 2025 में ही 50 से ज्यादा ऐसी घटनाएं। विशेषज्ञों का कहना है कि राजीनामे के बावजूद पुरानी दुश्मनी भड़क जाती है। एक पूर्व अधिकारी ने कहा, "कानूनी सुधार और तेज जांच जरूरी।"
पुलिस और सामाजिक कार्यकर्ताओं की सलाह:
- तुरंत रिपोर्ट: हमले पर 100 डायल करें, वीडियो रिकॉर्ड करें।
- महिला सुरक्षा: POCSO और धारा 76 के तहत सख्त केस।
- जागरूकता: गांव स्तर पर मध्यस्थता समितियां।
- सहायता: महिला हेल्पलाइन 181 पर कॉल।
- कानूनी मदद: फ्री लीगल एड के लिए तहसील जाएं।












Click it and Unblock the Notifications