BJP प्रवक्ता केसवानी ने पूर्व CM को बताया अहंकारी, कहा- मुंगेरीलाल के हसीन सपने देखना बंद करें कमलनाथ
पूर्व सीएम के सरकार बनाने के दावे पर भाजपा प्रवक्ता डॉ. दुर्गेश केसवानी ने जवाबी हमला करते हुए कहा कि कमलनाथ के सीएम बनने के बाद उनका अहंकार सांतवे आसमान पर था। इसी कारण उनकी सरकार गिर गई।
भोपाल, 27 जून। मध्यप्रदेश में 2023 होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले ही सियासत गरमा गई है। दरअसल एमपी में पूर्व सीएम कमलनाथ के सरकार बनाने के दावे के बाद भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता डॉ. दुर्गेश केसवानी ने जाेरदार जवाबी हमला किया है। डॉ. केसवानी ने कहा कि कमलनाथ अपनी सरकार को तो संभाल नहीं पाए। अब मुंगेरीलाल के हसीन सपने देखते हुए सरकार बनाने की बात कर रहे हैं। सरकार बनाने के लिए विधायकों की भी सुनना पड़ती है। कमलनाथ के सीएम बनने के बाद उनका अहंकार सांतवे आसमान पर था। इसी कारण उनकी सरकार गिर गई। उनका दोबारा सीएम बन पाना उतना ही मुश्किल है, जैसे काठ की हांडी में दूसरी बार खाना पकाना। गौरतलब है कि पूर्व सीएम कमलनाथ ने अधिकारियों को नसीहत दी है कि चुनाव को निष्पक्ष तरीके से कराएं, क्योंकि कांग्रेस 15 महीने बाद फिर से सरकार बनाने जा रही है। डॉ. केसवानी ने नाथ के इसी दावे पर पलटवार किया है।

कई बार फेल हो चुका दावा
भाजपा प्रवक्ता डॉ. केसवानी ने कहा कि कमलनाथ इससे पहले भी कई बार सरकार बनाने की बात कह चुके हैं। उनके यह सारे दावे केवल कार्यकर्ताओं को बांधने के लिए हैं। लेकिन हर बार कार्यकर्ताओं को निराशा ही हाथ लगी है। क्योंकि सरकार गिरने के बाद 28 जगह होने वाले उपचुनाव के दौरान उन्होंने कहा था कि कांग्रेस जीत दर्ज कर फिर से सरकार बनाएगी और इसके बाद उन्होंने कहा था कि 15 अगस्त 2020 को वे फिर से सीएम बनने वाले हैं लेकिन दोनों बार उनका दावा फेल साबित हुआ।
निष्पक्ष चुनाव कराने को लेकर पूर्व CM कमलनाथ ने दिया था बयान
पूर्व सीएम कमलनाथ ने कहा था कि एमपी में नगरीय निकाय और पंचायतों के चुनाव हो रहे हैं। लोकतंत्र के इस महापर्व को आयोग की निगरानी में सफलतापूर्वक सम्पन्न कराने की जिम्मेदारी राजनैतिक दलों, प्रशासन और जनता जनार्दन की है, परन्तु निष्पक्ष, स्वतंत्र और पारदर्शी तरीके से चुनाव कराना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है। अनैतिकता एवं सौदेबाजी की नींव पर खड़ी भाजपा सरकार से शुचिता की उम्मीद नहीं की जा सकती है और उसके द्वारा प्रशासनिक मशीनरी पर दबाव डालकर उसका दुरूपयोग किये जाने की सम्भावनाओं से इंकार भी नहीं किया जा सकता, परंतु मुझे विश्वास है कि मध्यप्रदेश की प्रशासनिक मशीनरी चुनावों को संवैधानिक मूल्यों का पालन करते हुए निष्पक्षता से सम्पन्न करायेगी।












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