Get Updates
Get notified of breaking news, exclusive insights, and must-see stories!

MP भोपाल में पर्यावरण का नया अध्याय, दुर्गा प्रतिमाओं के नींबू से बनेगा बायो एंजाइम, जानिए पूरी पहल की कहानी

मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में इस बार दुर्गा पूजा ने पर्यावरण संरक्षण का नया रंग जोड़ा है। नवरात्रि के दौरान चढ़ाए गए 2 टन से अधिक नींबू अब तालाबों और कुंडों को स्वच्छ करने में योगदान देंगे। इन नींबुओं से करीब 10 हजार लीटर बायो एंजाइम स्प्रे तैयार हो रहा है, जिसमें संतरे के छिलके और सड़े गुड़ को मिलाया जाएगा।

यह प्राकृतिक स्प्रे तालाबों के प्रदूषित पानी को शुद्ध करेगा, जिससे जलीय जीवन को नई सांस मिलेगी। यह पहल गणेश उत्सव के दौरान शुरू की गई थी, लेकिन नवरात्रि के 9 दिनों में नींबू की मात्रा दोगुनी से अधिक हो गई। भोपाल नगर निगम की गाड़ियों ने 5,000 से अधिक पंडालों से निर्माल्य सामग्री इकट्ठा की, और आखिरी तीन दिनों में 8 टन से ज्यादा नींबू एकत्र हुए।

new chapter in environment in MP bio-enzymes to be made from lemons of Durga idols

केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के वैज्ञानिकों की देखरेख में यह अभियान चल रहा है। हमारी इस विस्तृत रिपोर्ट में हम पूरी प्रक्रिया, इसके लाभ, और भोपाल के पर्यावरण संरक्षण में इसकी भूमिका को विस्तार से समझाते हैं। क्या यह पहल पूरे देश के लिए मिसाल बनेगी?

नींबू से शुरू हुई पर्यावरणीय क्रांति

नवरात्रि 2025 (26 सितंबर से 3 अक्टूबर) के दौरान भोपाल के 5,000 से अधिक पंडालों में भक्तों ने माता रानी की पूजा में नींबू चढ़ाया। इस बार नगर निगम ने इन नींबुओं को बर्बाद होने से बचाने का अनूठा तरीका अपनाया। निगम की विशेष गाड़ियां रोजाना पंडालों से निर्माल्य - फूल, फल, और नींबू - इकट्ठा करती रहीं। नवरात्रि के पहले छह दिनों में 2 टन नींबू जमा हुए, लेकिन आखिरी तीन दिनों (1-3 अक्टूबर) में 8 टन से अधिक की मात्रा पहुंच गई। यह रिकॉर्ड संग्रहण भोपालवासियों की भागीदारी और जागरूकता का प्रमाण है।

इन नींबुओं को अलग करके बायो एंजाइम बनाने की प्रक्रिया शुरू की गई। इसमें संतरे के छिलके और सड़ा गुड़ मिलाया जा रहा है, जो प्राकृतिक किण्वन (फर्मेंटेशन) प्रक्रिया को तेज करेगा। सीपीसीबी के वैज्ञानिकों के मुताबिक, यह मिश्रण 10 से 15 दिन में तैयार हो जाएगा, और फिर इसे तालाबों-कुंडों में छिड़का जाएगा। गणेश उत्सव (अगस्त 2025) में इस प्रयोग की शुरुआत हुई थी, लेकिन नींबू की कम मात्रा (करीब 500 किलो) के कारण सीमित सफलता मिली। नवरात्रि ने इसे बड़े पैमाने पर संभव बनाया।

बायो एंजाइम: पानी को प्राकृतिक तरीके से शुद्ध करने का जादू

सीपीसीबी के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. अजय शर्मा ने बताया, "प्रदूषण के कारण तालाबों और कुंडों के पानी में ऑक्सीजन की मात्रा कम हो जाती है। इससे जलीय जीव-जंतु मर जाते हैं, और पानी सड़ने लगता है। बायो एंजाइम इस समस्या का प्राकृतिक समाधान है।" यह मिश्रण नींबू के प्राकृतिक एसिड, संतरे के छिलकों के एंटी-बैक्टीरियल गुण, और सड़े गुड़ के किण्वन से बनता है। यह पानी में मौजूद हानिकारक बैक्टीरिया को खत्म करता है और ऑक्सीजन स्तर बढ़ाता है।

प्रक्रिया में नींबू और अन्य सामग्री को पानी के साथ मिलाकर 10-15 दिन तक किण्वित किया जाता है। इसके बाद इसे छानकर स्प्रे के रूप में उपयोग किया जाता है। डॉ. शर्मा ने कहा, "यह रासायनिक क्लीनर से सस्ता और सुरक्षित है। एक लीटर स्प्रे 100 वर्ग मीटर पानी को शुद्ध कर सकता है।" भोपाल के बड़े तालाब - जैसे शाहपुरा तालाब और कमला पार्क कुंड - इस प्रयोग के लिए चयनित हैं।

भोपाल की पर्यावरणीय पहल: निगम और सीपीसीबी का सहयोग

भोपाल नगर निगम आयुक्त हरिओम शर्मा ने बताया, "हमने 50 वॉलंटियर्स की टीम बनाई, जो पंडालों से नींबू और अन्य सामग्री अलग करती है। नवरात्रि के दौरान 2.5 टन से अधिक नींबू इकट्ठा हुए, जो 10,000 लीटर स्प्रे बनाएंगे।" यह पहल न केवल प्रदूषण कम करेगी, बल्कि धार्मिक आयोजनों से उत्पन्न कचरे को रिसाइकिल करने का मॉडल भी बनेगी। सीपीसीबी ने इस प्रयोग को देशभर में लागू करने की योजना बनाई है, और भोपाल को पायलट प्रोजेक्ट के रूप में चुना गया।

लाभ और चुनौतियां: पर्यावरण को नई राह

लाभ: तालाबों का पानी साफ होगा, मछलियों और जलीय जीवन को सुरक्षा मिलेगी। रासायनिक क्लीनर से बचाव होगा, जो मिट्टी को नुकसान पहुंचाते हैं।
चुनौती: 15 दिन का तैयारी समय और बड़े तालाबों में समान वितरण। इसके लिए निगम को 100 से अधिक श्रमिकों की जरूरत पड़ेगी।

हालांकि, कुछ पर्यावरणविदों का कहना है कि यह प्रयोग छोटे तालाबों के लिए प्रभावी है। बड़े जलाशयों के लिए और शोध की जरूरत है।

More From
Prev
Next
Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+