भोपाल में मदद के नाम पर ठगी, आदमी-औरत और एक बच्चे ने मिलकर दो महिलाओं से सोने के गहने हड़पे
भोपाल में जालसाज ओं का गैंग सक्रिय गैंग में आदमी औरत के साथ एक बच्चा भी शामिल है जो महिलाओं को अपना शिकार बना रहा है। बातों में उलझा कर यह चोर असली गहने लेकर नकली जेवर थमा जाते हैं।
राजधानी भोपाल में मदद मांगने के बहाने बुजुर्ग महिलाओं को ठगी का शिकार बनाने का गिरोह इन दिनों शहर में सक्रिय है। गिरोह में महिला, पुरुष और एक नाबालिग बच्चा शामिल है। तीनों बुजुर्ग महिलाओं को अपना शिकार बना कर मदद के बहाने सोने के जेवरात उतरवाकर ठगी की वारदातों को अंजाम दे रहे हैं। इस गिरोह ने सोमवार को कोहेफिजा और बैरागढ़ में एक के बाद एक दो वारदातों को अंजाम दिया और सोने के जेवरात लेकर बुजुर्ग महिला को नकली जेवर थमाकर फरार हो गए।

रुमाल के सहारे बदले जेवरात
कोहेफिजा पुलिस ने बताया कि हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी कोई फिजा की रहने वाली निर्मला पलानी सोमवार दोपहर करीब 12 बजे इलाज के लिए हमीदिया अस्पताल परिसर पहुंची थी। उसी दौरान एक बच्चा उनके पास आया और कहा कि हमें उज्जैन जाना है, मदद की जरूरत है। इस बीच बच्चे के माता-पिता भी वहां गए और तीनों ने मिलकर बुजुर्ग महिला को मदद के नाम पर झांसे में लेकर सोने की दो अंगूठी एक चेन वह दो सोने की चूड़ियां उतरवाली। जालसाज ने सभी जेवर एक रुमाल में बांध लिए और यहां वहां हो गए थोड़ी देर बाद वे तीनों फिर लौटकर महिला के पास आए, तब महिला ने अपने जेवर मांग लिए। जालसाज महिला उसके पति व बच्चे ने रुमाल में बंधे जेवर बुजुर्ग महिलाओं को लौटा दिए घर आकर फरियादी महिला ने रुमाल खोलकर देखा तो उसमें नकली जेवर रखें मिले। पुलिस ने बताया कि आरोपी करीब 2 तोला वजनी सोने के जेवरात लेकर चंपत हो गए पुलिस धोखाधड़ी का केस दर्ज कर आरोपियों की तलाश कर रही है।
असली गहने लेकर थमा दिए नकली
बैरागढ़ पुलिस ने जानकारी देते हुए बताया कि हनुमान व्यामशाला के पास वनट्री हिल्स की रहने वाली गीता पथरी जा ने पुलिस को शिकायत में बताया कि सोमवार दोपहर करीब 2 बजे सामान खरीदने के लिए बर्तन मार्केट बैरागढ़ जा रही थी। तभी सुलभ शौचालय के पास पीएनबी चौराहे पर उन्हें एक दंपत्ति मिले। उनके साथ करीब 12-13 साल का बच्चा भी था। तीनों ने मुझे बातों में उलझा लिया और पूछने लगे कि कपड़े की दुकान कहा है। इस बीच आरोपी दंपति ने कहा कि हमारे लड़के के पास बहुत सारे रुपए हैं। आप अपने जेवर थोड़ी देर लिए देकर हमारी मदद करो, हम उसे जेवरात दिखाकर रुपए ले लेंगे। मैंने उससे कहा कि मुझे जल्द ही घर जाना है। इसके बाद मैंने हाथ से दो अंगूठी और गले से मंगलसूत्र उतार कर दे दिया मैंने जल्द ही घर जाने की बात कही तो, उन्होंने जेवरात रुमाल में लपेट कर दे दिए थे। बाद में रुमाल खोलकर देखा तो वे नकली निकले।
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