Bhopal News: डॉग बाइट से दहशत, करोंद की मैपल ट्री सोसाइटी में डॉग लवर्स के खिलाफ रहवासियों का प्रदर्शन
Bhopal Dog bites: राजधानी भोपाल के करोंद इलाके में आवारा कुत्तों के बढ़ते हमलों और डॉग बाइट के मामलों ने अब स्थानीय रहवासियों का धैर्य तोड़ दिया है। मैपल ट्री सोसाइटी के निवासियों ने सोमवार को सोसाइटी के मुख्य गेट पर प्रदर्शन कर पुलिस और नगर निगम के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि डॉग लवर्स के दबाव में पुलिस आवारा कुत्तों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं कर रही, बल्कि शिकायत करने वाले लोगों पर ही झूठी FIR करवा दी जा रही है। सोसाइटी में आवारा कुत्तों का आतंक इतना बढ़ गया है कि बच्चे और बुजुर्ग घर से निकलने से डरते हैं।

प्रदर्शन में शामिल रहवासी राहुल शर्मा ने बताया कि पिछले 6 महीनों में सोसाइटी में कम से कम 15-20 डॉग बाइट के मामले हो चुके हैं। "बच्चों को स्कूल जाने में डर लगता है। कुत्ते रात में सोसाइटी में घूमते हैं और किसी पर भी हमला कर देते हैं। हमने कई बार नगर निगम को शिकायत की, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। उल्टे डॉग लवर्स ने हम पर ही केस करवा दिया।" एक अन्य निवासी **प्रिया सिंह** ने कहा कि सोसाइटी में 40-50 आवारा कुत्ते हैं, जो खुलेआम घूमते हैं। "डॉग लवर्स कहते हैं कि कुत्ते निर्दोष हैं, लेकिन हमारी जान खतरे में है। पुलिस डॉग लवर्स के दबाव में आकर हमारी शिकायतों पर कार्रवाई नहीं करती।"
प्रदर्शनकारियों ने बताया कि डॉग लवर्स रहवासियों को धमकाते हैं और शिकायत करने पर उनके खिलाफ झूठी FIR करवा देते हैं। एक महिला ने कहा, "हमने पुलिस को शिकायत की तो हमें ही आरोपी बना दिया गया। डॉग लवर्स का दबाव इतना है कि पुलिस हमारी सुनती नहीं।" प्रदर्शन में महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों की बड़ी संख्या शामिल थी। नारे लगाए गए-"आवारा कुत्तों का आतंक बंद करो", "डॉग लवर्स नहीं, जनता की सुरक्षा पहले", "नगर निगम जागो, कुत्तों को कंट्रोल करो"।
पुलिस और नगर निगम पर आरोप
प्रदर्शनकारियों का मुख्य आरोप है कि पुलिस डॉग लवर्स के दबाव में आकर एकतरफा कार्रवाई कर रही है। कई मामलों में कुत्तों के हमले की शिकायत करने पर उल्टे शिकायतकर्ता पर ही केस दर्ज कर दिया जाता है। नगर निगम पर भी लापरवाही का आरोप है। सोसाइटी के निवासी **अनिल वर्मा** ने कहा कि "नगर निगम ने कुत्तों को पकड़ने या स्टरलाइजेशन के लिए कोई कदम नहीं उठाया। हम महीनों से शिकायत कर रहे हैं, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही।"
डॉग लवर्स का पक्ष
दूसरी ओर, डॉग लवर्स और एनिमल राइट्स एक्टिविस्ट्स का कहना है कि आवारा कुत्तों की समस्या को हिंसा से नहीं सुलझाया जा सकता। उन्होंने कहा कि कुत्तों को मारना या हटाना क्रूरता है। स्टरलाइजेशन और वैक्सीनेशन से समस्या हल की जा सकती है। एक डॉग लवर ने कहा, "रहवासी कुत्तों को खिलाना बंद करेंगे तो समस्या और बढ़ेगी। हमें मिलकर समाधान निकालना चाहिए।"
पुलिस का बयान
बैरसिया थाना प्रभारी ने बताया कि सोसाइटी में कुत्तों के हमलों की शिकायतें मिल रही हैं। पुलिस ने कुछ मामलों में FIR दर्ज की है और जांच कर रही है। उन्होंने कहा कि दोनों पक्षों की शिकायतों पर निष्पक्ष कार्रवाई की जा रही है। डॉग लवर्स द्वारा झूठी FIR कराने के आरोपों की भी जांच होगी। नगर निगम से भी कुत्तों को पकड़ने और स्टरलाइजेशन के लिए समन्वय किया जा रहा है।
प्रदर्शन की मांगें
- प्रदर्शनकारियों ने निम्न मांगें रखीं:
- - आवारा कुत्तों को तुरंत पकड़कर स्टरलाइजेशन और वैक्सीनेशन कराया जाए।
- - डॉग लवर्स द्वारा झूठी FIR कराने पर सख्त कार्रवाई हो।
- - पुलिस एकतरफा कार्रवाई बंद करे और दोनों पक्षों को समान रूप से सुने।
- - नगर निगम सोसाइटी में नियमित गश्त और सफाई करे।
- - सोसाइटी में बच्चों और महिलाओं की सुरक्षा के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया जाए।
प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहा और पुलिस ने प्रदर्शनकारियों से बातचीत की। प्रदर्शनकारी ने कहा कि यदि मांगें पूरी नहीं हुईं तो वे आगे बड़े आंदोलन की तैयारी करेंगे।
यह घटना भोपाल में आवारा कुत्तों की समस्या को फिर से उजागर करती है। शहर में पिछले एक साल में डॉग बाइट के सैकड़ों मामले सामने आए हैं। पुलिस और नगर निगम पर दबाव बढ़ रहा है कि वे इस समस्या का स्थायी समाधान निकालें। फिलहाल, मैपल ट्री सोसाइटी में तनाव बना हुआ है और दोनों पक्ष एक-दूसरे पर आरोप लगा रहे हैं।












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