MP News: 20 साल से कबाड़े में पड़े बेल हेलीकॉप्टर-430 को मिला खरीदार, 2.36 करोड़ रुपए लगी कीमत
20 साल से कबाड़े में पड़े सरकारी हेलीकॉप्टर बेल को अब खरीदार मिल गया है। मुंबई की डेक्कन एयरवेज कंपनी इसे 2 करोड़ 36 लाख रुपए में खरीद रही है। इसके लिए कंपनी ने 25% राशि भी जमा कर दी है।

राज्य सरकार के क्षतिग्रस्त हेलीकॉप्टर बेल-430 को अब खरीदार मिल गया है। बता दे सरकार को इसे बेचने के लिए भारी मशक्कत करनी पड़ी है। इसे बेचने के लिए 9 बार टेंडर जारी किए गए। करीब 20 साल पहले ये हेलीकॉप्टर इंदौर से उड़ान भरते ही दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। मध्य प्रदेश सरकार के बेल हेलीकॉप्टर-430 को अब मुंबई की डेक्कन एयरवेज कंपनी खरीद रही है।
बता दे बेंगलुरु कि डेक्कन एविएशन अकादमी ने हेलीकॉप्टर को खरीदने के लिए 25 फीसदी राशि जमा भी कर दी है। शेष राशि अब 90 दिन के भीतर जमा करनी होगी। हालांकि यह दाम कबाड़ के दाम जैसे ही हैं। इस हेलीकॉप्टर को खरीदने के लिए कंपनी ने ₹2 करोड़ 36 लाख की बोली लगाई थी, जो मंजूर कर ली गई है।
अनुराधा पौडवाल को लाते समय
इंदौर से पार्श्व गायिका अनुराधा पौडवाल को लाते समय राज्य सरकार का हेलीकॉप्टर बेल-430 क्षतिग्रस्त हो गया था। तब से इसका उपयोग नहीं हो पा रहा है। इसके कई उपकरण मिल ही नहीं रहे हैं। इसे बेचने के लिए राज्य सरकार को खासी मशक्कत करनी पड़ी। इसको बेचने के लिए विमानन विभाग ने 7 बार टेंडर जारी किए। इनमें से 3 बार तो कोई खरीदार आया ही नहीं। 4 बार जो कंपनियां खरीदने आई, उन्होंने टेंडर फाइनल होने के बाद भी हेलीकॉप्टर नहीं उठाया। इसके चलते सिनसैम मुंबई और भोपाल की एफ ए इंटरप्राइजेज जैसी कंपनियों की सुरक्षा निधि राजसात की गई।
2002 में यह हेलीकॉप्टर सरकारी विमान बेड़े में हुआ था शामिल
करीब 20 साल पहले सन 2002 में यह हेलीकॉप्टर सरकारी विमान बेड़े में शामिल हुआ था। सरकारी बेड़े में शामिल यह यूनिक हेलीकॉप्टर में शामिल था, क्योंकि यह डबल इंजल हेलीकॉप्टर था, जबकि अन्य सिंगल इंजन थे। डबल इंजन होने के कारण तत्कालीन सीएम और VIP ज्यादातर इसी में सफर करते थे।
लेकिन पिछले कई सालों से यह कबाड़े में पड़ा हुआ था। चार सीटर हेलीकॉप्टर को न तो मुख्यमंत्री इस्तेमाल कर रहे थे और न ही अन्य मंत्री। ये सिर्फ 24-30 घंटे ही उड़ान भर सकता था, जबकि अन्य हेलीकॉप्टर, हवाई जहाज इससे कई गुना अधिक उड़ान भर रहे हैं।
सरकार के लिए बोझ
'बेल 430 सरकार के लिए किसी बोझ से कम नहीं था। तत्कालीन मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह के शासनकाल में दुर्घटनाग्रस्त हो चुके इस हेलीकॉप्टर को उस दौरान सरकार ने दुरुस्त करवा लिया था, लेकिन उसके बाद से यह लगातार खराब ही होता रहता है, जबकि इसके कई पुर्जे बदल चुके हैं। कंपनी ने यह मॉडल भी बंद कर दिया है, इससे इसके पुर्जे भी मिलने में परेशानी आ रही है।












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