गणेश भगवान के इस भक्त ने सीडी पर चिपकाए 5001 चित्र, लिम्का बुक में कराया नाम दर्ज
भोपाल के नीलबड़ में रहने वाली आयुषी श्रीवास्तव गणेश जी की प्रतिमाओं को सीडी में उकेरने और चिपकाने का काम कर रही हैं।
भोपाल, 31 अगस्त। भारत में गणेश उत्सव का पर्व धूमधाम से मनाया जा रहा है। भगवान गणेश के विभिन्न भक्त हैं और गणेश जी को अपना इष्ट मानते हुए उन्हें सहजने का काम करते हैं। भगवान श्री गणेश की ऐसे ही एक भक्त भोपाल के नीलबड़ में रहती है। जिनका नाम आयुषी श्रीवास्तव हैं। जिन्होंने गणेश जी की प्रतिमाओं को सीडी में उकेरने और चिपकाने का काम किया है। गणेश भक्त आयुषी ने अपने पूरे घर में गणेश जी की चित्र वाली सीडियों कलेक्शन करके रखा है।

कैसे शुरू की पहल
आयुषी श्रीवास्तव बताती है कि उन्हें यह प्रेरणा उस वक्त मिली जब उन्होंने पहली बार शादी व अन्य समारोह की पत्रिकाएं जिनमें गणेश जी की प्रतिमा या फोटो बनी रहती है उन्हें कचरे के ढेर और पानी में बहते हुए देखा था। करीब उस समय फिल्मी सीडी और डीवीडी रखने का भी दौर खत्म हो रहा था और भारत डिजिट लाइजेशन वर्ल्ड की और बढ़ रहा था। उस दौरान उन्होंने गणेश की प्रतिमा और खराब सीडी का उपयोग कैसे किया जाए उस युक्ति को सुझाव और फिर उन्होंने सीडी पर ही गणेश जी को चिपकाना शुरु कर दिया। वह बताती है कि जब वह यह काम कर रही थी तो कई चुनौतियों का उन्हें सामना करना पड़ा। घर पर लोग कहते थे कि क्यों कचरा इकट्ठा कर रही हो, जो लोग फेंक देते हैं। तुम वो जमा कर रही हो। कई बार पिताजी की डांट भी सहनी पड़ी और धीरे धीरे कर उन्होंने लोगों के घर जाकर सीडी मांगी और फिर उन पर गणेश जी के चित्रों को चिपकाना शुरु कर दिया।

5001 सीडी पर गणेश जी के चित्र को चिपकाया
गणेश भक्त आयुषी श्रीवास्तव ने करीब 4 साल में 5001 सीडी पर गणेश जी के चित्र को चिपकाया। धीरे-धीरे आयुषी के इस पहल को कई संस्थाओं में सराहा। जिसके बाद आयुषी के परिजनों को उसकी अहमियत पता चला और फिर उन्होंने भी हाथ बटाना शुरू कर दिया। अब आयुषी के परिजन ही नहीं बल्कि अब उनके दोस्त भी उनके इस पहल में उनकी मदद करते हैं।

लिम्का बुक में भी कराया अपना नाम दर्ज
आयुषी ने 2020-22 की लिम्का बुक में भी अपना नाम दर्ज करा दिया है इसके अलावा उन्हें ओएमजी बुक और जीनियस जैसे अवार्ड मिले है। इसके अलावा सैकड़ों की संख्या में अलग-अलग संस्थाओं द्वारा आयुषी को अवार्ड दिए गए हैं आलसी कहती है कि उस पर शुरू से ही गणेश जी की कृपा रही जिसके चलते उसने इतने कम समय में इतना बड़ा मुकाम हासिल किया लगभग 26 वर्ष की उम्र में आयुषी ने यह मुकाम हासिल किया और वर्तमान में आयुषी सिविल इंजीनियरिंग का कोर्स करने के बाद मल्टीनेशनल कंपनी में काम कर रही हैं।

300 साल बाद बना दुर्लभ संयोग
300 साल बाद बने दुर्लभ संयोग में बुधवार को विघ्न विनायक गौरी शंकर श्री गणेश की घर-घर स्थापना की जाएगी। गणेश स्थापना को लेकर पूरे भोपाल शहर में चहल पहल जारी हैं। ढोल धमाकों के साथ शहर में कई स्थानों पर बनी झांकियों में भगवान गणेश आज विराजेंगे। राजधानी के विभिन्न स्थानों पर लगी दुकानों पर मूर्ति कारों के घरों पर श्रद्धालु भगवान गणेश की प्रतिमा लेने के लिए पहुंच रहे हैं। भोपाल के बैरागढ़ में गणेश पंडाल को तिरंगे का स्वरूप दिया गया। जिसे देखने का बड़ी संख्या में लोग पहुंच रहे हैं।
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