राजगढ़ के तलेन में गोवंश के साथ हुआ अत्याचार, गौशाला में ताला डालकर कर्मचारी भागे
एमपी के राजगढ़ में आई बाढ़ से एक गौशाला में 55 गायों की डूबने से मौत हो गई। इनमें से कई गायों का शव गौशाला के अंदर पेड़ों पर लटका मिला है। बाढ़ का पानी उतरने के बाद हालात देखकर स्थानीय लोगों ने प्रशासन को सूचना दी। प्रशास
भोपाल,27 अगस्त। राजगढ़ जिले के तलेन थाना क्षेत्र के निंद्राखेड़ी गांव स्थित प्रीतम गोशाला में बाढ़ के पानी में डूबने से 55 गायों की मौत हो गई। गायों की मौत का कारण गोशाला पर ताला लगा होना बताया जा रहा है। दरअसल गौशाला के पास वाली नदी में आई बाढ़ को देखते हुए वहां के कर्मचारी 22 अगस्त को ताला डाल कर भाग गए। गौशाला के अंदर गोवंश मौजूद थे उसके बावजूद कर्मचारी गौशाला में ताला डाल कर चले गए। पुलिस ने मामला दर्ज कर गौशाला संचालक निंद्रा खेड़ी निवासी प्रीतम महाराज समय दोनों कर्मचारी रतनलाल बा मोहनलाल को शुक्रवार को गिरफ्तार कर लिया।

पुलिस के मुताबिक इस गौशाला को सरकारी अनुदान मिलता था। गौशाला में मजदूर के रुप में रतनलाल और मोहनलाल बेलदार काम करते थे। 22 अगस्त को जब तेज बारिश हुई तो दोनों कर्मचारी गौशाला में ताला लगा कर चले गए। इसके बाद उगल नदी उफान पर आ गई। जिसमें 55 मवेशियों की बाढ़ के पानी में डूबने से मौत हो गई।
मौत की सूचना देने की बजाय शवों को नदी में बहा दिया
गायों की मौत हो जाने के बाद मामला रफा-दफा करने के लिए आरोपियों ने मवेशियों की सूचना देने की बजाय उनके शवों को नदी में बहा दिया। तलेन के रहने वाले राज पुष्पद ने थाने पहुंचकर इसकी शिकायत की। उन्होंने आरोप लगाया कि गौशाला में गायों की मौत की जानकारी देने के बजाय मृत गायों के शव 23 अगस्त शाम 4 बजे नदी में बहा दिए गए। कई शव बह गए,जबकि कुछ नदी में जगह-जगह अटक कर रह गए।
घटना के सामने के सामने आने के बाद गौ संगठनों में आक्रोश है। गौ संरक्षण संगठन के अध्यक्ष ने आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है उन्होंने कहा है कि गौ माता के साथ ऐसा कृत्य करने वाले को कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए। उन्होंने प्रशासन से निष्पक्ष जांच की मांग की है।












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