Bhopal News: MP कांग्रेस में नाराज कार्यकर्ताओं का फूटा गुस्सा, इस्तीफे की लगी झड़ी, गुटबाजी उभरकर आई सामने

एमपी में 3 जिलों के जिला अध्यक्षों को बदलना कांग्रेस को भारी पड़ सकता है। डिंडौरी में हटाए गए जिलाध्यक्ष के पक्ष में यहां पर इस्तीफा उनकी बड़ी झड़ी लग गई है पूर्व जिला अध्यक्ष वीरेंद्र बिहारी शुक्ला ने भी कांग्रेस से

Anger erupted in Congress, a spate of resignations, factionalism came to the fore

MP congress news: मध्यप्रदेश में पूर्व कांग्रेसी ज्योतिरादित्य सिंधिया को गाए हुए पूरे 3 साल से ज्यादा का समय हो गया है, लेकिन उसके बावजूद भी प्रदेश कांग्रेस में गुटबाजी कम होने का नाम नहीं ले रही है। विधानसभा चुनाव 2023 की तैयारी से पहले कांग्रेस में गुटबाजी उभरकर सामने आ रही है। प्रदेश कांग्रेस में हाल ही में ही अचानक से 3 जिलों के अध्यक्षों को बदलने के बाद पार्टी में असंतोष के स्वर तेजी से उभरने लगे हैं।

दरअसल हाल ही में 3 जिलों के अध्यक्षों को बदलना कांग्रेस को भारी पड़ सकता है। डिंडौरी में हटाए गए जिलाध्यक्ष के पक्ष में वहां पर उनके समर्थकों के इस्तीफे की झड़ी सी लग गई है। पूर्व जिला अध्यक्ष वीरेंद्र बिहारी शुक्ला ने भी कांग्रेस से इस्तीफा दे दिया है वहीं अलीराजपुर और विदिशा जिले से हटाए गए अध्यक्ष और उनके समर्थक कमलनाथ से मिलकर अपनी नाराजगी जताएंगे।

पीसीसी चीफ कमलनाथ से मिलने आ रहे पदाधिकारी

अलीराजपुर से हटाए गए अध्यक्ष बुधवार को पीसीसी चीफ कमलनाथ से मिलने भोपाल आ रहे हैं। बता दे प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ ने शुक्रवार को विदिशा, डिंडोरी और अलीराजपुर के जिला अध्यक्षों को हटा दिया था। विदिशा में कमल खिला कारी की जगह पर राकेश कटारे, डिंडोरी में वीरेंद्र बिहारी शुक्ला की जगह पर अशोक पड़वार और अलीराजपुर में केसर सिंह डावर को हटाकर ओम राठौर को जिला अध्यक्ष बनाया गया है। जिन्हें हटाया गया है उन्हें पार्टी ने इसी साल 22 जनवरी को अध्यक्ष बनाया था महज 3 महीनों में इन तीन जिलाध्यक्ष को बदलने के बाद पार्टी के अंदर इन तीनों जिलों में गुटबाजी तेजी से उभर कर सामने आई है।

कमलनाथ ने मिलने का समय नहीं दिया: शुक्ला

डिंडोरी के जिला अध्यक्ष वीरेंद्र बिहारी शुक्ला ने दावा किया कि उन्हें पूर्व मंत्री मरकाम के कहने पर पूर्व सीएम कमलनाथ ने पद से हटाया है। उन्होंने कहा कि मैंने शनिवार को पार्टी से इस्तीफा दे दिया है। मेरे साथ ही जिला पंचायत अध्यक्ष बृजेश परस्ते, जिला पंचायत उपाध्यक्ष अंजू व्यौहार, नगर परिषद के अध्यक्ष सुनीता सारस, जिला पंचायत सदस्य हीरा देवी परस्ते ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया है उन्होंने कहा कि उन्होंने कई बार कमलनाथ से मिलने का प्रयास किया लेकिन कमलनाथ ने समय नहीं दिया।

उनकी निष्ठा सिर्फ पद प्राप्ति तक थी पूर्व मंत्री मरकाम

इधर पूर्व मंत्री एवं डिंडोरी के विधायक ओमकार सिंह मरकाम ने कहा कि शुक्ला को कांग्रेस ने एनएसयूआई युवा कांग्रेस का अध्यक्ष बनाया था। इसके बाद यह ब्लॉक अध्यक्ष भी बने। उन्हें जिला अध्यक्ष भी बनाया गया। जब तक पद मिलते रहे, तब तक वह कमलनाथ की तारीफ करते रहे। क्या उनकी निष्ठा सिर्फ पद प्राप्ति तक थी। अशोक पडवार ओबीसी से आते हैं, वह सबसे पहले आशीर्वाद लेने जिला पंचायत अध्यक्ष के पास ही गए थे, उन्हें इस्तीफे की जगह पर आशीर्वाद देना चाहिए था। अशोक पडवार की नियुक्ति में मेरा कोई दबाव नहीं था।

डाबर ने कहा मुझे बिना कारण की हटाया

अलीराजपुर के जिला अध्यक्ष पद से हटाए गए केसर सिंह डाबर ने कहा कि उन्हें बिना किसी कारण के पद से हटा दिया गया, यह ठीक नहीं है। मैंने प्रदेश अध्यक्ष कमल नाथ से समय मांगा है। मुझे बुधवार का समय मिला है। उनसे पूछ लूंगा कि बिना कारण के मुझे क्यों हटाया। इसके बाद आगे का निर्णय लूंगा। इधर विदिशा जिला अध्यक्ष के पद से हटाए गए कमल सिलाकारी ने भी कमलनाथ से मिलने के लिए समय मांगा है।

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