Amit Shah: नाराज भाजपा नेताओं को मनाने का शाह का फार्मूला एक्टिवेट, 60 से ज्यादा रूठे नेताओं को मनाया
MP election BJP News: केंद्रीय मंत्री अमित शाह के भोपाल दौरे के पहले मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में रूठे नेताओं को मनाने का दौर जारी है। भाजपा के वरिष्ठ नेताओं ने असंतुष्टों को मनाने के अमित शाह के फार्मूले पर अमल शुरू कर दिया है।
अमित शाह बुधवार को भोपाल आने के बाद नाराज पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं को मनाने और चुनावी कैंपेन के लिए पार्टी का स्टैंड क्लियर करने वाले हैं। इसके पहले केंद्रीय मंत्री व प्रदेश चुनाव प्रबंधन समिति के संयोजक नरेंद्र सिंह तोमर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, राष्ट्रीय सह संगठन महामंत्री शिव प्रकाश समेत अन्य नेताओं ने अलग-अलग बैठकों के जरिए 60 से अधिक नाराज और असंतुष्ट भाजपाइयों को समझाने और उन्हें पार्टी के लिए पूरी ताकत से जुड़ने के लिए तैयार कर लिया है।

सूत्रों की माने तो समझा इसका यह दो और अगस्त महीने में व्यापक तौर पर चलेगा जिसमें पूर्व मुख्यमंत्री मां भारतीय राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय समेत अन्य उन राष्ट्रीय और प्रदेश के वरिष्ठ नेताओं की मदद ली जाएगी जो पार्टी में व्यापक जनाधार रखते हैं और नाराज नेताओं को मनाने की काबिलियत उनमें हैं। इस बीच केंद्रीय मंत्री शाह द्वारा विधानसभावार महंगाई नाराज राजनेता और उनको समझाई देने वाले पदाधिकारियों की सूची दिल्ली पहुंच चुकी है और उस पर केंद्रीय नेतृत्व के बीच चर्चा भी हो चुकी है।
अमित शाह द्वारा पूछी गई जानकारी में प्रदेश संगठन के हर विधानसभा की सूची भेजी जा चुकी है जिसमें संबंधित विधानसभा के कौन से नेता पदाधिकारी की आपस में नहीं बनती ना राजनेता पार्टी में किसका कहना मान कर पूरी ताकत से चुनाव में जुटेंगे, यह भी बताया गया है। इसलिए ऐसे असंतुष्ट को साधने के लिए पहले जिला अध्यक्ष, सांसद, विधायक जिला प्रभारी बात करेंगे और अगर पूर्व जनप्रतिनिधि या पदाधिकारी की नाराजगी दूर नहीं हुई तो मुख्यमंत्री शिवराज प्रदेश अध्यक्ष बीडी शर्मा प्रदेश संगठन महामंत्री हित आनंद शर्मा पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती केंद्रीय मंत्री पहलाद पटेल राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय या कोई ऐसा नेता या पदाधिकारी जिसका कहना दोनों पक्ष माने, असंतुष्ट समझाने का काम करेंगे।
भाजपा ने इसमें संघ की मदद लेने का भी फैसला किया है ना राजनेता अगर संघ के विभाग कार्यवाह क्षेत्रीय कार्यवाह प्रांत कार्यवाह या अन्य किसी पदाधिकारी के कहने से विरोध खत्म करते हैं तो आने वाले दिनों में इन के माध्यम से भी समझाइश बैठकें कराकर विवाद का निराकरण कराया जाएगा।












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