सोशल मीडिया पर भड़काऊ पोस्ट की तो सभी प्लेटफार्म पर 1 साल के लिए होंगे बैन : एडिशनल सीपी सचिन अतुलकर
भोपाल में एडिशनल सीपी सचिन अतुलकर ने आदेश दिए हैं कि अगर किसी व्यक्ति ने सोशल मीडिया पर भड़काऊ पोस्ट की, तो उसे 1 साल के लिए सभी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर बैन कर दिया जाएगा।
भोपाल, 15 अप्रैल। राजधानी में अगर आप सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक, भड़काऊ या अलग-अलग समुदायों के बीच नफरत पैदा करने वाला पोस्ट, वीडियो या तस्वीर शेयर करते हैं, तो आप को जेल की हवा खानी पड़ सकती है। साथ ही जुर्माना भी भरना पड़ सकता है। खरगोन हिंसा के बाद भोपाल पुलिस सख्त हो गई है। एडिशनल सीपी सचिन अतुलकर ने आदेश दिए हैं कि अगर किसी व्यक्ति ने सोशल मीडिया पर भड़काऊ पोस्ट की, तो उसे 1 साल के लिए सभी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर बैन कर दिया जाएगा। यह आदेश पुलिस कमिश्नर राज्य सुरक्षा कानून की धारा 3 के तहत जारी किया गया है।

एमपी में पहली बार इस तरह का आदेश जारी
आपको बता दें कि भोपाल में पुलिस कमिश्नरी सिस्टम लागू होने के बाद पुलिस को पावर मिल चुका है। ऐसे में पहली बार पुलिस कमिश्नर राज्य सुरक्षा कानून की धारा तीन के तहत आदेश जारी करते हुए एडिशनल सीपी सचिन अतुलकर ने कहा कि सोशल मीडिया पर किसी ने भड़काऊ पोस्ट की, तो 1 साल के लिए उस व्यक्ति को सोशल मीडिया के सभी प्लेटफार्म पर बैन कर दिया जाएगा। साथ ही भड़काऊ पोस्ट पर कमेंट करने पर भी कार्रवाई करने के आदेश दिए हैं।
भड़काऊ पोस्ट पर साइबर सेल रखेगा निगरानी
एडिशनल सीपी सचिन अतुलकर ने बताया कि सोशल मीडिया पर लगातार फैल रही अफवाहों पर लगाम लगाने के लिए साइबर सेल अब ऐसी पोस्टों पर निगरानी रखने का काम करेगी। अगर कोई भड़काऊ पोस्ट करता हुआ पाया गया तो उस पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
जानिए ऐसा करने वालों पर कौन-कौन सी सजा हो सकती है ?
आईटी एक्ट 2000 की धारा 67 के तहत अगर कोई पहली बार सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने का दोषी पाया जाता है, तो उसे 3 साल की जेल हो सकती है। साथ ही 5 लाख रुपये तक का जुर्माना भरना पड़ सकता है। अगर यही अपराध दोहराया जाता है, तो दोषी को 5 साल की जेल और ₹10 लाख का जुर्माना भी भरना पड़ सकता है। किसी भी धर्म के भगवान की तस्वीर गलत तरीके से वायरल करना या उनके बारे में कोई झूठ फैलाना भी साइबर क्राइम माना जाएगा।












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