Bhopal AIIMS: मध्यप्रदेश में इन्फ्लूएंजा H3N2 का भोपाल में मिला पहला केस, मंत्री विश्वास सारंग ने दी जानकारी

मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में इन्फ्लूएंजा H3N2 का पहला केस मिला है। भोपाल एम्स में इसके सैंपल की जांच हुई, जिसमें इन्फ्लूएंजा की पुष्टि हुई है। पीड़ित युवक को घर पर ही क्वॉरेंटाइन किया गया है।

भोपाल में इन्फ्लूएंजा H3N2 का मिला पहला केस

मध्यप्रदेश में इन्फ्लूएंजा H3N2 का पहला केस राजधानी भोपाल में मिला है। भोपाल एम्स में सैंपल की जांच हुई, जिसमें इन्फ्लूएंजा की पुष्टि हुई है। युवक को घर पर ही क्वॉरेंटाइन किया गया है। इस पूरे मामले पर मध्य प्रदेश के चिकित्सा शिक्षा मंत्री विश्वास सारंग ने जानकारी दी है। मंत्री सारंग ने बताया कि भोपाल एम्स में जांच के दौरान एक युवक में H3N2 संक्रमण मिला है। इस युवक की उम्र 25 से 26 साल के बीच है। फिलहाल उसे घर पर ही क्वॉरेंटाइन कर दिया गया है।

Recommended Video

    मध्यप्रदेश में इन्फ्लूएंजा H3N2 का भोपाल में मिला पहला केस, मंत्री विश्वास सारंग ने दी जानकारी

    युवक ने 4 दिन पहले दिया था सैंपल

    जानकारी के अनुसार बुखार, खांसी जुखाम के बात 4 दिन पहले सैंपल लिए गए थे। जिसके बाद भोपाल एम्स में सैंपल की जांच हुई। जिसमें इन्फ्लूएंजा की पुष्टि हुई है। जिस युवक के सैंपल में H3N2 संक्रमण की पुष्टि हुई है, वह भोपाल के बैरागढ़ का रहने वाला बताया जा रहा है। चिकित्सा शिक्षा मंत्री विश्वास सारंग ने बताया कि युवक की हालत ठीक है फिलहाल उसका घर पर ही इलाज किया जा रहा है। बता दें कि स्वास्थ्य विभाग में रीजनल इन्फ्लूएंजा (H1,N1,H3, N2) की रोकथाम को नियंत्रण को लेकर दिशा-निर्देश जारी किया है। सीजनल इन्फ्लूएंजा वेरिएंट के संबंध में भारत सरकार की ओर से जारी गाइडलाइन का पालन करने के लिए निर्देश दिए है।

    जानिए H3N2 इनफ्लुएंजा क्या है और इसके लक्षण

    इनफ्लुएंजा ए वायरस का सब टाइप H3N2 इनफ्लुएंजा है। इस वायरस की चपेट में आने से मरीज को सांस लेने में तकलीफ होती है और उसे सांस संबंधी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। इसका संक्रमण लोगों में आसानी से फैलता है। स्वास्थ्य संगठन डब्ल्यूएचओ के अनुसार इनफ्लुएंजा दूसरे जानवर और पक्षियों से होकर इंसानों में फैलता है। बाकी मौसमी इनफ्लुएंजा वायरस के संक्रमण के कारण मरीज में नजर आने वाले लक्षणों के समान ही H3N2 इन्फ्लूएंजा के मामले में लक्षण दिखाई देते हैं। H3N2 अन्य संक्रमण होने पर मरीज को 3 से 5 दिन बुखार आ सकता है। करीब 3 हफ्ते तक जुखाम की समस्या हो सकती है। नाक बहना, गले में खराश, बदन दर्द, सिर दर्द, ठंड लगना, थकान , उल्टी और डायरिया की शिकायत मरीज में देखने को मिल सकती है।

    Notifications
    Settings
    Clear Notifications
    Notifications
    Use the toggle to switch on notifications
    • Block for 8 hours
    • Block for 12 hours
    • Block for 24 hours
    • Don't block
    Gender
    Select your Gender
    • Male
    • Female
    • Others
    Age
    Select your Age Range
    • Under 18
    • 18 to 25
    • 26 to 35
    • 36 to 45
    • 45 to 55
    • 55+