खुशखबरी : कार-बाइक का नया मॉडल रजिस्टर्ड कराने के लिए अब नहीं काटने होंगे परिवहन कार्यालय के चक्कर
मध्यप्रदेश में कार और बाइक चलाने के वाले लोगों के लिए खुशखबरी है। वाहन-4 पोर्टल पर ऑनलाइन वेरिफिकेशन शुरू। कार या बाइक का नया मॉडल रजिस्टर्ड कराने के लिए नहीं काटने होंगे चक्कर।
भोपाल,20 जुलाई। कार-बाइक चलाने वालों के लिए खुशखबरी है। अब कार-बाइक का मॉडिफाइड और आधुनिक मॉडल खरीदने के बाद अब आपको रजिस्ट्रेशन, इंश्योरेंस के लिए परिवहन कार्यालय के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। केंद्रीय परिवहन मंत्रालय के निर्देश पर भोपाल और विदिशा में वाहन फ़ॉर पोर्टल पर न्यू व्हीकल मॉडल वेरिफिकेशन, रजिस्ट्रेशन, ट्रांसफर, पॉल्यूशन अंडर कंट्रोल सर्टिफिकेट लिंक जैसी सुविधाओं का ऑनलाइन संचालन शुरू कर दिया गया है।

निर्माता कंपनियों को राहत
बता दे पहले निर्माता कंपनियों को नया मॉडल लॉन्च करने पर शासन को प्रस्ताव भेजकर मॉडल का फिजिकल वेरिफिकेशन कराना पड़ता था। बगैर ऐसा किए संबंधित मॉडल बेचने पर खरीदने वाले नागरिकों को खुद ही ये कार्रवाई करवानी होती थी। जिसमें काफी समय लगता था और नागरिकों को असुविधा होती थी। इसमें सुधार होने से टैक्स में भी सरकार को बढ़ोतरी देखने को मिलेगी। क्योंकि पहले कई बार पुराने मॉडल के नाम पर ही रजिस्ट्रेशन हो जाता था जिससे टैक्स कम मिलता था
नई व्यवस्था में वाहन खरीदने वाले नागरिक अब किसी भी जिले के डीलर से टू व्हीलर, फोर व्हीलर खरीद कर प्रदेश के दूसरे जिले के परिवहन कार्यालय में जाकर इसका रजिस्ट्रेशन करा सकते हैं। परिवहन विभाग ने इसके लिए तैयारियां शुरू कर दी हैं। विभाग ने नया पोर्टल बनाकर क्षेत्रीय परिवहन अधिकारियों को ट्रेनिंग देना शुरू कर दिया है। गुरुवार को प्रशासन अकादमी में परिवहन अधिकारियों के वर्कशॉप के पहले दिन परिवहन आयोग संजय झा ने उन्हें इस बात की जानकारी दी। वर्कशॉप में नए नियमों से एनआईसी उपनिदेशक अमर कुमार सिन्हा ने अवगत कराया।

टैक्स बढ़ोतरी में देखने को मिलेगा असर !
नहीं पोर्टल पर नया मॉडल अपडेट वेरीफिकेशन के बाद नए रजिस्ट्रेशन की फीस का निर्धारण किया जा सकेगा। अतिरिक्त परिवहन आयुक्त अरविंद सक्सेना ने बताया कि प्रदेश में एक साथ सभी परिवहन कार्यालय में यस लैब भेजा जाएगा किसी भी आवेदक को नया मॉडल लेकर फिजिकल सत्यापन के लिए भटकना नहीं पड़ेगा। नए वाहन के बढ़े हुए शुल्क पर विभाग अतिरिक्त रजिस्ट्रेशन (registration ) राशि की रिकवरी कर सकेगा। इससे पुराने मॉडल के नाम पर होने वाली टैक्स चोरी बंद हो जाएगी।

प्रदेश का पीयूसी सर्टिफिकेट देशभर में मान्य होगा
वाहन पोर्टल पर रजिस्टर्ड एवं वेरिफिकेशन होने के बाद एमपी के किसी भी जिले के वाहन का पॉल्यूशन अंडर कंट्रोल सर्टिफिकेट देश के अन्य राज्यों में भी मानने किया जाएगा। वर्तमान में दिल्ली मुंबई जैसे बड़े शहरों में मध्य प्रदेश के सर्टिफिकेट को मान्य नहीं किया जाता था और इन पर जुर्माना भी लगा दिया जाता था।

मोटर यान अधिनियम के अंतर्गत मंत्रि-परिषद उप समिति का गठन
राज्य शासन द्वारा मोटरयान अधिनियम 1988, संशोधन-2019 के अनुरूप मध्यप्रदेश शासन द्वारा निर्धारित शमन शुल्क की दरों में संशोधन पर विचार किए जाने हेतु मंत्रि-परिषद उप समिति का गठन किया गया है।
समिति में लोक निर्माण, कुटीर एवं ग्रामोद्योग मंत्री गोपाल भार्गव (Gopal Bhargava), राजस्व एवं परिवहन मंत्री गोविंद सिंह राजपूत (Govind Singh Rajput) और सहकारिता, लोक सेवा प्रबंधन मंत्री अरविंद सिंह भदोरिया (Arvind Singh Bhadoria) शामिल हैं। प्रमुख सचिव परिवहन समिति के समन्वयक होंगे।
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