Bhopal News: आबकारी विभाग की बड़ी कार्रवाई, कजली खेड़ा में 475 किलो महुआ लाहन और 25 लीटर कच्ची शराब जब्त
मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में आबकारी विभाग ने अवैध शराब के कारोबार पर नकेल कसते हुए एक और बड़ी कार्रवाई की है। कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह के निर्देशन और सहायक आबकारी आयुक्त वीरेंद्र धाकड़ के मार्गदर्शन में 25 अगस्त 2025 को कजली खेड़ा, गोल जोड़ रोड पर आबकारी विभाग की टीम ने छापेमारी कर भारी मात्रा में महुआ लाहन और कच्ची शराब बरामद की।
इस कार्रवाई में तीन नामजद और एक अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ मध्य प्रदेश आबकारी अधिनियम, 1915 की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया। कुल 475 किलोग्राम महुआ लाहन और 25 लीटर हाथ भट्टी शराब जब्त की गई, जिसकी अनुमानित कीमत 28,000 रुपये है। सहायक आबकारी आयुक्त ने चेतावनी दी कि अवैध शराब के खिलाफ ऐसी कार्रवाइयां भविष्य में भी जारी रहेंगी।

कलेक्टर के निर्देश पर बड़ी कार्रवाई
भोपाल जिले में अवैध शराब के कारोबार पर नकेल कसने के लिए आबकारी विभाग ने अपनी मुहिम को और तेज कर दिया है। 25 अगस्त 2025 को कजली खेड़ा, गोल जोड़ रोड पर आबकारी विभाग की टीम ने एक प्रभावी छापेमारी की। स्थानीय सूत्रों के अनुसार, आबकारी विभाग को लंबे समय से कजली खेड़ा क्षेत्र में अवैध शराब के निर्माण और बिक्री की शिकायतें मिल रही थीं। गुप्त सूचना के आधार पर विभाग ने त्वरित कार्रवाई करते हुए इस क्षेत्र में छापेमारी की योजना बनाई।
छापेमारी में क्या हुआ बरामद?
25 अगस्त 2025 को सुबह शुरू हुई इस कार्रवाई में आबकारी विभाग की टीम ने कजली खेड़ा में तीन स्थानों पर छापेमारी की। इस दौरान निम्नलिखित सामग्री जब्त की गई:
- 475 किलोग्राम महुआ लाहन: यह वह कच्चा माल है, जिसका उपयोग अवैध रूप से कच्ची शराब बनाने में किया जाता है। महुआ लाहन स्वास्थ्य के लिए बेहद हानिकारक होता है और इसके सेवन से कई बार जानलेवा परिणाम सामने आए हैं।
- 25 लीटर हाथ भट्टी शराब: यह अवैध रूप से तैयार की गई कच्ची शराब थी, जिसे स्थानीय स्तर पर बेचा जा रहा था।
जब्त सामग्री की अनुमानित कीमत 28,000 रुपये आंकी गई है। इस कार्रवाई में तीन नामजद व्यक्तियों-गीता बाई (50 वर्ष, पत्नी मांगीलाल, निवासी कजली खेड़ा), शांति बाई (65 वर्ष, पत्नी गोरेलाल, निवासी कजली खेड़ा), और कर्ण सिंह तोमर (60 वर्ष, पुत्र मांगीलाल तोमर)-के साथ-साथ एक अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ मध्य प्रदेश आबकारी अधिनियम, 1915 की धारा 34(1)(क) और 34(1)(च) के तहत प्रकरण दर्ज किए गए।
आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई
आबकारी उपनिरीक्षक मनीष द्विवेदी के नेतृत्व में की गई इस कार्रवाई के दौरान पूरा जिला आबकारी अमला मौके पर मौजूद था। छापेमारी के दौरान आरोपियों के घरों और आसपास के क्षेत्रों से महुआ लाहन और कच्ची शराब बरामद की गई। स्थानीय निवासियों के अनुसार, कजली खेड़ा में अवैध शराब का धंधा लंबे समय से चल रहा था, जिससे न केवल कानून-व्यवस्था की समस्या उत्पन्न हो रही थी, बल्कि स्वास्थ्य जोखिम भी बढ़ रहे थे।
सहायक आबकारी आयुक्त वीरेंद्र धाकड़ ने कहा, "अवैध शराब का धंधा समाज के लिए खतरा है। यह न केवल कानून का उल्लंघन है, बल्कि इससे लोगों की जान को भी खतरा होता है। हमारी टीम ऐसी गतिविधियों पर लगातार नजर रखे हुए है, और भविष्य में भी ऐसी कार्रवाइयां जारी रहेंगी।" उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह के निर्देशों के तहत अवैध शराब के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति अपनाई गई है।
पहले भी हो चुकी हैं कार्रवाइयां
भोपाल में आबकारी विभाग ने हाल के महीनों में अवैध शराब के खिलाफ कई बड़ी कार्रवाइयां की हैं। 24 जून 2025 को शांति नगर और पड़रिया में 40 लीटर कच्ची शराब और 500 किलोग्राम महुआ लाहन जब्त किया गया था, जिसकी कीमत 1.25 लाख रुपये थी। इसके अलावा, 7 दिसंबर 2024 को भोपाल में 45,000 लीटर अवैध शराब पर बुलडोजर चलाया गया, जिसकी कीमत 1.53 करोड़ रुपये थी। इन कार्रवाइयों से साफ है कि आबकारी विभाग अवैध शराब के खिलाफ अपनी मुहिम को और तेज कर रहा है।
सामाजिक और स्वास्थ्य प्रभाव
अवैध शराब का कारोबार न केवल कानूनी उल्लंघन है, बल्कि यह समाज और स्वास्थ्य के लिए भी गंभीर खतरा है। कच्ची शराब के सेवन से कई बार गंभीर बीमारियां और मौतें तक हो चुकी हैं। मध्य प्रदेश में 2021 में उज्जैन और मुरैना में कच्ची शराब से हुई मौतों ने पूरे देश का ध्यान इस समस्या की ओर खींचा था। कजली खेड़ा जैसे क्षेत्रों में अवैध शराब का खुलेआम बिकना न केवल स्थानीय निवासियों के लिए खतरा है, बल्कि युवाओं को नशे की लत की ओर भी धकेलता है।
स्थानीय निवासी रमेश यादव ने कहा, "कजली खेड़ा में यह धंधा लंबे समय से चल रहा था। आबकारी विभाग की इस कार्रवाई से हमें राहत मिली है। सरकार को इसे पूरी तरह खत्म करने के लिए और सख्ती करनी चाहिए।"
आगे की रणनीति
सहायक आबकारी आयुक्त वीरेंद्र धाकड़ ने स्पष्ट किया कि अवैध शराब के खिलाफ अभियान को और तेज किया जाएगा। उन्होंने कहा, "हमारी टीमें लगातार निगरानी कर रही हैं। गुप्त सूचनाओं के आधार पर हम ऐसे ठिकानों को चिह्नित कर रहे हैं जहां अवैध शराब बनाई या बेची जा रही है।" कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह ने भी इस कार्रवाई की सराहना करते हुए कहा, "भोपाल को अवैध शराब से मुक्त करने के लिए हम प्रतिबद्ध हैं। यह समाज और स्वास्थ्य के लिए एक गंभीर खतरा है।"












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