मध्य प्रदेश के प्रत्येक जिले में ऑक्सीजन प्लांट लगाने के लिए खर्च करने चाहिए 50 करोड़ रुपए
भोपाल, 2 मई। मध्य प्रदेश में 52 जिले हैं। सभी में जिला स्तर का एक एक सरकारी अस्पताल भी है। ऐसे में मध्य प्रदेश के प्रत्येक जिले में पीएसए ऑक्सीजन प्लांट के लिए 50 करोड़ रुपए का इंवेस्टमेंट किया जा सकता है। किसी जिले में ऑक्सीजन बनाने का कोई प्लांट नहीं है। जबकि कोरोना वायरस की तीसरी लहर भी आने की आशंका है। ऐसे में मध्य प्रदेश सरकार की नैतिक जिम्मेदारी बनती है कि वह ऑक्सीजन प्लांट लगाने के लिए तत्काल जरूरी कदम उठाए।

सभी को ऑक्सीजन की नियमित आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए राज्य सरकार को जारी किए गए पहले के निर्देशों को दोहराते हुए मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय ने शुक्रवार को कहा कि रेमेडिसविर इंजेक्शन के लिए राज्य को उसकी वितरण नीति फिर से देखनी चाहिए।
किसी विशेष कोविद -19 रोगी को दवा के रूप में रेमेडिसविर लेने की आवश्यकता है या नहीं, इलाज करने वाले डॉक्टरों के विवेक पर छोड़ दिया जाना चाहिए। हम केवल ऐसे रोगियों को रेमेडिसविर प्रदान करने के आग्रह पर कोई औचित्य नहीं देखते हैं, जो ऑक्सीजन सपोर्ट पर हैं।












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