नामांतरण के लिए नायब तहसीलदार का रीडर ले रहा था रिश्वत, लोकायुक्त ने पकड़ा
नामांतरण के बदले किसान से रिश्वत ले रहे बाबू को लोकायुक्त की टीम ने पकड़ा
भिंड, 6 जून। नायब तहसीलदार के रीडर को लोकायुक्त की टीम ने सोमवार के दिन ₹10000 की रिश्वत लेते हुए पकड़ा है। नायब तहसीलदार का रीडर नामांतरण के बदले में एक किसान से यह रिश्वत ले रहा था। किसान ने इस बात की शिकायत लोकायुक्त ग्वालियर में की थी। इसके बाद लोकायुक्त ग्वालियर की टीम ने योजना बनाते हुए रिश्वतखोर बाबू को पकड़ लिया।

बंटवारा करने का तहसील में लगाया था किसान ने आवेदन
टुडीला गांव के किसान नेतराम कुशवाहा ने अपने पिताजी और चाचा जी की जमीन बंटवारे का एक आवेदन तहसील में लगाया था लेकिन यहां उनके लगाए गए आवेदन पर कोई काम नहीं हो रहा था। जिसके बाद नेतराम ने जब नायब तहसीलदार के रीडर मनीष शर्मा से संपर्क किया तो मनीष शर्मा ने उनका काम करने के बदले में ₹15000 की रिश्वत मांगी।
नेतराम ने ग्वालियर लोकायुक्त में की रिश्वतखोरी की शिकायत
नेतराम कुशवाहा से जब रीडर ने ₹15000 की रिश्वत मांगी तो नेतराम सीधा ग्वालियर लोकायुक्त के पास पहुंचा और यहां उसने रीडर द्वारा रिश्वत मांगे जाने की बात बताई। इसके बाद ग्वालियर लोकायुक्त की टीम ने इस मामले में कार्रवाई करना शुरू कर दिया।
टेप रिकॉर्डर में रिकॉर्ड की रिश्वत की बात
लोकायुक्त की टीम ने नेतराम कुशवाहा को एक टेप रिकॉर्डर दिया। इस टेप रिकॉर्डर में नेतराम कुशवाहा ने मनीष शर्मा से रिश्वत लेनदेन की बातचीत रिकॉर्ड कर ली और इसी रिकॉर्ड बातचीत के आधार पर लोकायुक्त की टीम ने रीडर मनीष शर्मा के खिलाफ मामला दर्ज किया और इसके बाद उसे पकड़ने की योजना बनाई।
अपनी कार में बैठ कर ली थी रिश्वत, लोकायुक्त ने पकड़ लिया
लोकायुक्त की टीम की योजना के अनुसार नेतराम कुशवाहा ₹10000 की रिश्वत लेकर गोहद पहुंचा। यहां रीडर मनीष शर्मा ने अपनी निजी कार में बैठकर रिश्वत के ₹10000 ले लिए। इसके बाद नेतराम कार से उतर गया। इशारा पाते ही लोकायुक्त की टीम ने रीडर मनीष शर्मा को पकड़ लिया।












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