अवैध रेत उत्खनन पर रोक लगाने में नाकाम साबित हो रही शिवराज सरकार
चंबल में रेत के अवैध उत्खनन पर लगाम लगाने में शिवराज सरकार नाकाम साबित हुई है
भिंड, 21 जुलाई। चंबल में अवैध उत्खनन पर रोक लगाने में शिवराज सरकार नाकाम साबित हो चुकी है। यही वजह है कि तमाम नियम कानूनों को ताक पर रखकर चंबल अंचल में रेत का अवैध उत्खनन किया जा रहा है। चाहे चंबल नदी हो या सिंध नदी हो, दोनों ही नदियों का सीना छलनी कर के रेत माफियाओं द्वारा अवैध उत्खनन जारी है।

मुरैना में चंबल नदी से हो रहा है रेत का अवैध उत्खनन
मुरैना में चंबल नदी से लगातार रेत का अवैध उत्खनन जारी है। रेत के अवैध उत्खनन पर सरकार रोक नहीं लगा पाई है। रेत माफियाओं के हौसले इतने बुलंद हैं कि वह बेखौफ होकर चंबल नदी से रेत का उत्खनन करने में जुटे हुए हैं। शिवराज सरकार भले ही लाख दावे कर रही हो लेकिन मुरैना में रेत माफियाओं के सामने प्रशासन बेबस नजर आता है।
मुरैना में सड़कों पर दौड़ते नजर आ जाएंगे रेत से भरे वाहन
चंबल नदी से रेत का उत्खनन करना पूरी तरह प्रतिबंधित है, इसके बावजूद मुरैना जिले से गुजरने वाली चंबल नदी से रेत का बड़े पैमाने पर अवैध उत्खनन प्रतिदिन किया जाता है। चंबल नदी से भर कर लाए गए रेत से भरे वाहन मुरैना जिले की सड़कों पर आसानी से देखे जा सकते हैं। यह सब कुछ पुलिस और प्रशासन की नाक के नीचे हो रहा है, लेकिन पुलिस प्रशासन इन पर अंकुश नहीं लगा पा रहा है।
मुरैना में हो चुकी है एक आईपीएस की हत्या
अवैध उत्खनन के चलते मुरैना में एक आईपीएस की भी हत्या हो चुकी है। मुरैना में एक ट्रैक्टर चालक ने ट्रैक्टर रोकने का प्रयास कर रहे आईपीएस नरेंद्र सिंह को कुचल दिया था जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई थी। इसके बाद इस मुद्दे ने बहुत तूल पकड़ा था, लेकिन समय के साथ मुद्दा भी शांत हो गया और सरकार भी शांत हो गई।
भिंड में भी सिंध नदी में लगातार हो रहा है रेत का अवैध उत्खनन
भिंड जिले से गुजरने वाली सिंध नदी में लगातार अवैध उत्खनन हो रहा है। बीते कई सालों से सिंध नदी का सीना छलनी कर के रेत माफियाओं द्वारा रेत का अवैध उत्खनन किया जा रहा है। जिले के थानों के सामने से अवैध रेत से भरे हुए ट्रक और डंपर गुजरते हैं, लेकिन पुलिस प्रशासन द्वारा इन ट्रक और डंपर पर कारवाई करने की जहमत नहीं उठाई जाती है।
नेता प्रतिपक्ष डॉक्टर गोविंद सिंह भी निकाल चुकी है अवैध खनन के खिलाफ पदयात्रा
वर्तमान में नेता प्रतिपक्ष डॉ गोविंद सिंह भी अवैध उत्खनन के खिलाफ अपनी आवाज हमेशा बुलंद रखते हैं। सिंध नदी में हो रहे अवैध उत्खनन के खिलाफ नेता प्रतिपक्ष डॉक्टर गोविंद सिंह भी पद यात्रा निकाल चुके हैं। लगातार 5 दिन तक डॉक्टर गोविंद सिंह ने पैदल चलकर यह पदयात्रा निकाली थी और अवैध रेत उत्खनन का विरोध किया था। उस वक्त लगने लगा था कि शायद सरकार के कानों तक आवाज पहुंचेगी और अवैध उत्खनन पर रोक लगेगी, लेकिन इतना सब होने के बावजूद भी अवैध उत्खनन पर रोक नहीं लग सकी।
बारिश में भी नदियों में हो रहा है अवैध उत्खनन
बारिश के वक्त भी जिले की नदियों में अवैध उत्खनन हो रहा है। बुधवार को इसका वीडियो भी सामने आया था। जहां लहार विधानसभा में स्थित पर्रायाच रेत खदान पर 50 से ज्यादा ट्रक और डंपर खदान से रेत भरने पहुंचे थे लेकिन अचानक सिंध नदी में जलस्तर बढ़ने से यह वाहन नदी के बहाव में फंस कर रह गए थे।
अवैध उत्खनन पर लगाम लगाने में शिवराज सरकार रही नाकाम
चंबल अंचल के भिंड, मुरैना, दतिया और श्योपुर जिले में हो रहे रेत के अवैध उत्खनन पर रोक लगाने में शिवराज सरकार नाकाम साबित हो रही है। कई बार अधिकारियों पर जानलेवा हमले हो चुके हैं, कई अधिकारियों की जान पर भी बनाई है। रेत माफियाओं द्वारा लगातार फायरिंग की घटना को भी अंजाम दिया जाता है। इसके साथ नदियों के अस्तित्व पर भी संकट गहराया हुआ है, बावजूद इसके शिवराज सरकार रेत के अवैध उत्खनन पर कोई ठोस कार्रवाई करती नजर नहीं आ रही है।












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